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राम मंदिर में कितने चंदा चोर? चढ़ावे की रकम किसने चुराई ?

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और अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान घोटाले के आरोपों की जांच अब और भी ज्यादा तेज हो चुकी है। और आज दूसरे दिन भी एसआईटी की टीम राम मंदिर परिसर पहुंची। जांच पड़ताल की गई। कई लोगों से पूछताछ के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि आखिर जांच में क्या कुछ निकल कर सामने आता है। रामनगरी अयोध्या जहां करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने राम मंदिर में अब कथित दान घोटाले की जांच चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच के दूसरे दिन एसआईटी की टीम एक बार फिर राम मंदिर परिसर पहुंची और दस्तावेजों से लेकर व्यवस्थाओं तक हर पहलू की पड़ताल शुरू कर दी।

आज फिर से जो जांच है वह लगातार जांच में तेजी पाई जा रही है। इस समय हम गेट नंबर 11 पर मौजूद हैं। जहां से एसआईटी की टीम मंदिर में प्रवेश किया है। जहां जांच की अगली कारवाई की जा रही है। एसआईटी की टीम यात्री निवास होटल से निकलकर सीधे राम मंदिर परिसर पहुंची। टीम उन तमाम बिंदुओं की जांच कर रही है जिन पर कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी का फोकस दान से जुड़े रिकॉर्ड, प्रक्रिया और संबंधित व्यवस्थाओं पर है। इससे पहले सोमवार को भी एसआईटी ने लंबी पूछताछ की थी।

करीब 42 लोगों से सवाल जवाब किए गए। इनमें मंदिर से जुड़े कर्मचारी, अधिकारियों और बाकी संबंधित लोग शामिल बताए जा रहे हैं। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां जुटाई गई जिनकी अब क्रॉस वेरिफिकेशन की जा रही है। जांच के दौरान 13 जून को मंदिर में चढ़ावे की राशि गिनने वाले कर्मचारी लवकुश मिश्रा के घर से करीब ₹1 लाख नगद बरामद किए गए। मामले में एक और कर्मचारी को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों कर्मचारियों की जिम्मेदारी मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती और उससे जुड़े कार्यों की थी। बताया जा रहा है कि दोनों कर्मचारियों को प्रतिमाह लगभग 18 से ₹00 वेतन मिलता था। लेकिन हाल के महीनों में उनकी संपत्तियों में अचानक बढ़ोतरी की चर्चा जांच एजेंसियों के रडार पर है और इसी बीच कथित चंदा घोटाले पर राजनीति भी चरम पर है।

गोपाल राव हैं पहले से वो विवादित व्यक्ति रहे हैं। बहुत तमाम विवाद में पहले से हैं वो। आप देख सकते हैं चंपत जो सारा माल चंपत कर गए निकल गए। चंपत निकाल लिया माल। यह ट्रस्ट का मामला है और उत्तर प्रदेश की सरकार ने उनके आग्रह पर एसआईटी का गठन किया है। मुझे लगता है कि अब एसआईटी की जांच रिपोर्ट को आने दीजिए। दूध का दूध पानी फिलहाल एसआईटी हर पहलू को खंगाल रही है। दस्तावेजों की जांच, पूछताछ और तथ्यों के मिलान के जरिए सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश जारी है। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी है जो इस पूरे मामले की तस्वीर साफ कर सकती है। अयोध्या से प्रवेश पांडे सी मीडिया

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