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एक्टर राजकुमार को लेकर ये क्या बोल गए नाना पाटेकर? मचा बवाल!

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हमने काला जो है तमिल में डब की है अपनी आवाज में हालांकि शूटिंग के वक्त हम हिंदी में बोले अच्छा और डबंग के वक्त तमिल में की है ऐसे दो लाइने करनी थी मैंने कहा बोलो वो लड़की ऐसे बोलती थी हां हां हां य माइक है हां हां अभी कैसे हो एर ऐसे है तो वो एक बार कान में गया हां हां ओके ऐसे ऐसे पूरी फिल्म की मैंने और मैंने कहा रजनी अन्ना थे व मैंने कहा दादा मतलब व आदमी तो इंसान मतलब ऐसा नाना बहुत अच्छा क्या बहुत थैंक य कैसे हम लोग ने तो कहानिया सुनी आप बताइए ना आपने साथ में काम पर्सन ट पर्सन कहां पर शूट किया था आप लोने चेन्नई में.

य वही चेन्नई में इधर भी थोड़ा पोर्शन बंबई में किया उनके बारे में राजकुमार साहब जो हमने तिरंगा में काम किया था इतने बेहतरीन इंसान है यार खामखा अवाए फैली हुई है उनके बारे में क्या वाह फ आपने भी सुनी थी किसके राजकुमार साहब के बारे में ना ना मैंने सुनी थी लेकिन मेरे जहन में नहीं हमने तो उनको बोल दिया हम आपकी मतलब पिता समान है हमारे बड़ी इज्जत करते हैं आपकी इसको बरकरार रखना आपके हाथ में है पर वो जो कहानियां चलती है कि आपने मेहुल कुमार जी से कहा कि एक भी सीन नहीं बदला जाएगा और वो चिल्लाए नहीं कुछ नहीं ये सही बात है।

नहीं नहीं अरे यार उल्टा उल्टा था क्या था ना ना एक काम करना है तुम्हें राज साहब कहते थे वो जो सीन है मेहु लाएगा वो सब देख लो सही करवा लो हां व ऐसे ही मत करो वो कुछ लिख के लाएगा और तुम चेक करो ये वो कहते थे हमको नहीं तो शूट के दौरान आप लोग की केमिस्ट्री बिल्ड हो गई थी हमार मतलब बाकायदा केले के फूल की सब्जी खाई है कभी जी केले के फूल की फूल की नहीं तने की केले की फूल की केले के फूल बहुत मतलब तकलीफ होती है.

वो बनाने में रात को छील के रखो यह करो साफ करो तो वो बना के हम लेकर गए थे मां ने बनाई थी तो नाना क्या लाया खाने में तो मैंने डिब्बा लेकर जाता था तो अरे वाह तो खाई थोड़ी वाह यह तुम खाओ वो घर से कुछ लाया था और भा और मुझे कहने लगे कि मां जी को कहना बहुत अच्छा हो गया मैंने राज साब नहीं है वो केले की सब्जी है नहीं नहीं जानी यह तो है व जिस तरह से बोलते रे यार अरे भाई मेहू कभी एक इतना गंदा लब्ज नहीं उनके मुंह में कभी गुस्सा भी हो गए तो सिर्फ बस एक लब्ज नहीं मुह से निकल गया पर उस समय के फिल्मी जर्नलिस्ट लिखा करते थे कि यह फिल्म बनना असंभव है य तिरंगा कभी नहीं लहराएगा है.

इसमें ये मैं नहीं कहना उन्होंने कहा था सबने लिखा भी था दो सर फिर ये फिल्म मेहुल कभी पूरी ही नहीं होगी लेकिन नहीं यार हम तो मतलब बाकायदा उनके पैर छूते थे फ क्या आप लोग की मतलब ड्रामे फिल्म लेकिन सूर्यदेव और इंस्पेक्टर वागले और आप जब बोलते हैं वो जो पीछे से म्यूजिक बचता है मराठा मरता है मारता है उस फिल्म का लॉजिक नहीं पूछने नहीं लॉजिक तो हम व फ्यूज कंडक्टर का किसी पूछेंगे नहीं बट द काइंड ऑफ कन्ना इतने कन्न से बोलो कि वो सच लगे तो वैसी थी व

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