राजेश खन्ना का स्टारडम हिंदी सिनेमा के इतिहास में बेमिसाल माना जाता है। 1970 के दशक में उनकी लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि जहां भी उनकी फिल्म की शूटिंग होती, वहां हजारों प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ती थी।
इसी लोकप्रियता के कारण एक बार उनकी फिल्म की शूटिंग के दौरान अप्रिय स्थिति भी पैदा हो गई थी।कहा जाता है कि एक फिल्म की आउटडोर शूटिंग के दौरान राजेश खन्ना की एक झलक पाने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ने लगी और कुछ शरारती तत्वों ने हंगामा शुरू कर दिया।
देखते ही देखते अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ लोगों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इससे यूनिट के कई सदस्य घबरा गए और शूटिंग कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी।स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षा कर्मियों ने राजेश खन्ना को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सौभाग्य से किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन इस घटना ने दिखा दिया कि उस दौर में राजेश खन्ना की लोकप्रियता किस स्तर तक पहुंच चुकी थी।
उनके प्रशंसक उन्हें देखने के लिए घंटों इंतजार करते थे और कई बार भीड़ को संभालना मुश्किल हो जाता था।यह किस्सा बताता है कि सुपरस्टारडम केवल शोहरत ही नहीं, बल्कि कई चुनौतियां भी साथ लेकर आता है। राजेश खन्ना की दीवानगी उस दौर में एक सामाजिक घटना बन चुकी थी, जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है।