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मुमताज की शादी पर क्यों फूट फूट कर रोए थे राजेश खन्ना? वजह जानकर होश उड़ जाएंगे।

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बॉलीवुड में कई जोड़ियां आई और कई सुपरहिट भी हुई लेकिन वक्त के साथ भुला दी गई। लेकिन 1960 के दशक में एक जोड़ी ऐसी थी जिसे दर्शक सिर्फ पसंद नहीं करते थे बल्कि पर्दे पर साथ देखने के लिए बेताब रहते थे। एक तरफ थे हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना तो वहीं दूसरी तरफ थी अपने मुस्कान और चुलबुले अंदाज से लाखों दिलों पर राज करने वाली मुमताज।

दोनों ने साथ में इतनी हिट फिल्में दी कि लोग उन्हें बॉलीवुड की लकी जोड़ी कहने लगे। लेकिन फिर एक दिन ऐसा आया कि मुमताज ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने राजेश खन्ना को अंदर तक तोड़ दिया। कहा जाता है कि जब उन्हें मुमताज की शादी की खबर मिली तो वह रो पड़े थे और उन्होंने सिर्फ एक लाइन कही थी। मैंने अपना दाहिना हाथ खो दिया। और आखिर ऐसा क्या रिश्ता था दोनों के बीच? चलिए जानते हैं यह दिलचस्प और भावुक कहानी।

1960 के दशक के आखिरी में जब राजेश खन्ना का सितारा बुलंदियों पर था तब मुमताज भी तेजी से सफलता की सीढ़ियां चढ़ रही थी। शुरुआत में मुमताज को अक्सर बी ग्रेड या स्टंट फिल्मों में काम मिलता था। लेकिन अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर उन्होंने खुद [संगीत] को साबित किया और फिर वो दौर आया जब राजेश खन्ना और मुमताज को साथ कास्ट किया जाने लगा। फिल्म दो रास्ते, सच्चा झूठा, बंधन, अपना देश, दुश्मन, रोटी और आपकी कसम जैसे फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी। एक के बाद एक हिट फिल्मों ने दोनों को इंडस्ट्री की सबसे सफल जोड़ी बना दिया। लेकिन दिलचस्प बात यह थी कि जहां कई बड़े सितारे मुमताज को हल्के में लेते थे, वहीं राजेश खन्ना उनकी प्रतिभा की बहुत इज्जत करने लगे।

दोनों के बीच शानदार प्रोफेशनल केमिस्ट्री थी और कैमरा ऑन होते ही ऐसे लगता जैसे दोनों किरदारों में पूरी तरह डूब गए हो। धीरे-धीरे यह प्रोफेशनल रिश्ता गहरी दोस्ती में बदल गया। मुमताज कई इंटरव्यूज में बता चुकी हैं कि राजेश खन्ना उनके बेहद करीबी दोस्त में से एक थे। और दोनों सेट पर घंटोंबातें करते, मजाक करते और एक दूसरे के साथ बहुत सहज महसूस करते। लेकिन राजेश खन्ना की एक आदत भी मशहूर थी। वो अपने करीबी लोगों को लेकर काफी पज़ेसिव थे।

खासकर उन लोगों को जिन पर उन्हें भरोसा होता था और मुमताज भी उन चुनिंदा लोगों में शामिल थे। 1974 में अचानक खबर आई कि मुमताज बिजनेसमैन मयूर माधवानी से शादी करने जा रही हैं। इतना ही नहीं शादी के बाद वह फिल्मों से दूरी बनाकर लंदन में बस जाएंगी। यह खबर सुनकर पूरी तरह इंडस्ट्री हैरान रह गई क्योंकि उस समय मुमताज अपने करियर के शिखर पर थी और उनके पास फिल्मों की लाइन लगी हुई थी और जब यह बात राजेश खन्ना तक पहुंची तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ क्योंकि उन्हें लगता था कि मुमताज अभी कई साल तक फिल्मों में काम करेंगी और दोनों की जोड़ी दर्शकों का मनोरंजन करती रहेगी।

लेकिन मुमताज ने बाद में एक इंटरव्यू में बताया कि उनके कुछ करीबी लोगों ने उन्हें बताया था कि शादी की खबर सुनने के बाद राजेश खन्ना बहुत भावुक हो गए थे। कहा जाता है कि उन्होंने रोते हुए कहा था कि मैंने अपना दाहिना हाथ खो दिया है। यह सिर्फ एक को-स्टार के जाने का दुख नहीं था। यह उस दोस्त के दूर जाने का दर्द था जिसके साथ उन्होंने अपने करियर की सबसे बड़ी सफलताएं देखी थी। जिसके साथ उनकी कई यादें जुड़ी थी। वहीं मुमताज ने एक और दिलचस्प बात बताई थी। उनके अनुसार राजेश खन्ना अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त नहीं करते थे।

वह ऐसे इंसान नहीं थे कि सामने बैठकर कह दे कि उन्हें किसी की कितनी परवाह है। लेकिन उस दिन उनके आंसुओं ने सब कुछ कह दिया था। मुमताज के जाने के बाद राजेश खन्ना की कई फिल्में आई और उन्होंने दूसरी अभिनेत्रियों के साथ काम भी किया। लेकिन दर्शकों को हमेशा उनकी और मुमताज की जोड़ी की कमी महसूस [संगीत] हुई। फिल्म रोटी के दौरान दोनों की दोस्ती कितनी गहरी थी, इसका एक और उदाहरण मिलता है। मुमताज ने बताया था कि फिल्म के क्लाइमेक्स में राजेश खन्ना को उन्हें कंधे पर उठाकर बर्फ में दौड़ना था। [संगीत] यह सीन एकद दिन नहीं बल्कि पूरे 8 दिनों तक शूट हुआ। 8 दिन तक राजेश खन्ना उन्हें कंधे पर उठाकर बर्फ में चलते रहे और कभी शिकायत नहीं की। और शायद यही वजह थी कि पर्दे पर उनकी जोड़ी इतनी स्वाभाविक लगती थी क्योंकि कैमरे के पीछे भी दोनों के बीच इतना गहरा विश्वास और सम्मान था।

मुमताज की शादी के बाद एक युग खत्म हो गया और बॉलीवुड ने अपनी सबसे सफल जोड़ियों में से एक को खो दिया। लेकिन आज भी जब दो रास्ते सच्चा झूठा और अपना देश या फिर आपकी कसम देखी जाती है तो महसूस होता है कि राजेश खन्ना और मुमताज के बीच कुछ खास था। कुछ ऐसा जिसे सिर्फ अभिनय नहीं कहा जा सकता।

कभी-कभी जिंदगी में कुछ रिश्तों को नाम नहीं दिया जा सकता। तो वहीं राजेश खन्ना और मुमताज का रिश्ता भी शायद ऐसा ही था। दोस्ती, सम्मान, अपनापन और एक ऐसा साथ जिसके खत्म होने पर बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार की आंखों में भी आंसू आ गए। और शायद यही वजह थे आज भी उनकी जोड़ी हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार जोड़ियों में गिनी जाती है।

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