बचपन में चाय की दुकान पर बर्तन धोए गरीबी में जिंदगी गुजारी और फिर अपनी दमदार एक्टिंग से पूरी दुनिया में नाम कमाया।लेकिन इस दिग्गज एक्टर की मौत ने हर किसी को हैरान कर दिया। जिस एक्टर ने पर्दे पर अपने अभिनय से लाखों लोगों का दिल जीता। उसकी आखिरी विदाई से पहले कई ऐसे सवाल सामने आए जिनकी खूब चर्चा हुई।
यह कहानी है बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर ओमपुरी की। 4 पी.m. बॉलीवुड के थ्रू बैक रिपोर्ट में आज हम बात करेंगे ओमपुरी की। ओम पुरी का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता रेलवे में काम करते थे लेकिन परिवार की आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी।
हालात ऐसे बने कि बचपन में ही ओमपुरी को चाय की दुकान पर काम करना पड़ा। महज छ 7 साल की उम्र में वो चाय के गिलास और बर्तन साफ करके परिवार की मदद करते थे। जिस उम्र में बच्चों के हाथ में खिलौने होते थे, उस उम्र में ओमपुरी की जिंदगी में मुश्किलें थी और वो मुश्किलों से लड़ना सीख रहे थे। लेकिन उनके अंदर एक सपना था एक्टिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का। गरीबी उनके रास्ते में आई, मुश्किलें भी आई लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लिया और यहां उनकी मुलाकात नसीरुद्दीन शाह जैसे प्रतिभाशाली कलाकार से हुई। थिएटर से शुरू हुआ उनका सफर धीरे-धीरे फिल्मों तक पहुंचा। ओम पुरी ने अपने करियर में ऐसी फिल्में की जिनमें उनकी एक्टिंग की खूब तारीफ हुई। अर्धसत्य, आक्रोश, मकबूल, घायल, चाची 420 जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग किरदार निभाए।
उनकी खासियत थी कि वह बिना किसी दिखावे के अपने किरदार में जान डाल देते थे। हिंदी फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में भी काम किया और अपनी अलग पहचान बनाई। उन्हें दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया और 1990 में पद्मश्री भी उनको मिल चुका है। लेकिन जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर उनकी कहानी ने ऐसा मोड़ लिया जिसने उनके चाहने वालों को झकझोर दिया। 6 जनवरी 2017 को 66 साल की उम्र में ओमपुरी का निधन हो गया।
उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी मौत को लेकर शुरुआती खबरों में दिल का दौरा पड़ने की बात सामने आई। लेकिन जब पोस्टमार्टम की जानकारी सामने आई तो उनके सिर पर चोट का पता चला। रिपोर्ट के मुताबिक उनके सिर पर करीब 1 1/2 इंच गहरा 4 सें.मी. लंबा घाव था।
उनके ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि उसने एक्टर को घर में बिना कपड़ों के पड़ा देखा था। इसके बाद पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। लेकिन बातों के सामने आने के बाद उनकी मौत को लेकर कई सवाल उठे लेकिन तथ्यों के आधार पर किसी साजिश का दावा करना सही नहीं होगा। ओमपुरी की मौत से जुड़े विवरणों की चर्चा जरूर हुई। मगर उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी पहचान उनका शानदार एक्टिंग और संघर्षों से भरा सफर रहा। एक ऐसा बच्चा जिसने कभी चाय की दुकान पर बर्तन साफ किए थे। आगे चलकर भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित एक्टरों में शामिल हुआ। ओमपुरी आज हमारे बीच नहीं है लेकिन उनकी फिल्में उनकी यादगार किरदार हमेशा जिंदा रहेंगे।