दोस्तों, आपने शोमैन राज कपूर के बेटों – ऋषि कपूर, रणधीर कपूर और राजीव कपूर – के किस्से हज़ारों बार सुने होंगे। उनकी फिल्मों के चर्चे, उनके अफ़ेयर्स और उनके गुस्से की दास्तानें आज भी बॉलीवुड के गलियारों में गूँजती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी कपूर खानदान में एक ऐसी बेटी भी है जिसने कभी खुद कैमरे का सामना नहीं किया? फिर भी, कपूर खानदान के सबसे बड़े राज़ उसी के साथ दफन हैं। एक ऐसी बेटी जिसकी विदाई की रात स्टूडियो में ऐसा हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को सन्न कर दिया था। आख़िर अपनी लाडली बेटी की विदाई के वक्त राज कपूर मंडप छोड़कर क्यों उठ गए थे और खुद को अपने कमरे में बंद कर लिया था? वह कौन सी ज़िद थी जिसके आगे बॉलीवुड का सबसे महान शोमैन घुटनों पर आ गया था? और क्या यह सच है कि उस रात कपूर खानदान की पुरानी रंजिश का साया इस शादी पर पड़ने वाला था? जिसे छुपाने के लिए आधी रात को आर.के. स्टूडियो के पिछले दरवाजे बंद करने पड़े थे।
आज के इस खास वीडियो में हम बात कर रहे हैं राज कपूर की छोटी बेटी रीमा जैन की। वीडियो को बिल्कुल स्किप मत कीजिएगा और अंत तक बने रहिएगा, क्योंकि आज हम जो सच उजागर करने वाले हैं, वह आपको हैरान कर देगा।रीमा और ऋषि कपूर के अनसुने बचपन के झगड़े: जब रीमा का जन्म कपूर खानदान में हुआ, तो वह अपने पिता की चहेती बन गईं। बड़ी बहन रितु नंदा शांत थीं, लेकिन रीमा बिल्कुल राज कपूर की तरह बेपरवाह और तीखे स्वभाव की थीं। लेकिन घर में उनकी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता उनके भाई चिंटू यानी हमारे प्यारे ऋषि कपूर से थी। ऋषि कपूर ने खुद अपनी किताब में कबूल किया है कि बचपन में रीमा उनकी सबसे बड़ी दुश्मन और सबसे अच्छी दोस्त दोनों थीं। कपूर खानदान में एक नियम था। राज कपूर का गुस्सा बहुत मशहूर था। जब भी ऋषि कपूर या रणधीर कपूर कोई गलती करते थे, तो वे सज़ा से बचने के लिए रीमा के पीछे छिप जाते थे। क्योंकि पूरे घर में केवल रीमा ही ऐसी थीं जो राज कपूर की आँखों में आँखें डालकर बात कर सकती थीं। ऋषि कपूर लिखते हैं कि कई बार रीमा ने अपने भाइयों को डाँट से बचाने के लिए अपने पिता से मोलभाव किया था। लेकिन जब इस चहेती बहन की विदाई का समय आया, तो भाइयों का क्या हुआ? यह बात भी
आपको आगे हैरान कर देगी।रीमा जैन का गुप्त हुनर जिससे राज कपूर डरते थे: दोस्तों, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि रीमा जैन के पास अभिनय और निर्देशन का ऐसा हुनर था कि राज कपूर तक उनसे सलाह लिया करते थे। जब भी राज कपूर कोई नई फिल्म बनाते या कोई नया गाना तैयार करते, तो वे घर पर रीमा को ज़रूर सुनाते थे। रीमा की संगीत की समझ इतनी गज़ब की थी कि वे एक बार में बता सकती थीं कि कौन सा गाना हिट होगा या फ्लॉप। कहा जाता है कि ‘बॉबी’ और ‘प्रेम रोग’ फिल्मों के दौरान रीमा ने कुछ दृश्यों पर अपने इनपुट दिए थे, जिन्हें राज कपूर ने फिल्मों में शामिल भी किया था। राज कपूर अक्सर अपने दोस्तों से कहा करते थे, “अगर रीमा लड़का होती, तो वह आर.के. बैनर की सबसे बड़ी डायरेक्टर होती।” लेकिन कपूर खानदान की पुरानी परंपराओं के अनुसार, उस समय घर की बेटियों को फिल्मों में काम करने की अनुमति नहीं थी। रीमा ने इस बात को हँसते-हँसते स्वीकार कर लिया।
लेकिन उनका यह बेपरवाह अंदाज़ उनकी शादी की रात एक बड़े सस्पेंस में बदलने वाला था।शादी की वह हाई ड्रामा रात और राज कपूर की हालत: साल 1987। रीमा कपूर की शादी मशहूर व्यवसायी मनोज जैन के साथ तय हुई थी। आर.के. स्टूडियो को दुल्हन की तरह सजाया गया था और अमिताभ बच्चन और दिलीप कुमार से लेकर सुनील Dutt तक पूरी फिल्म इंडस्ट्री वहाँ मौजूद थी। शादी की रस्में चल रही थीं। लेकिन जैसे ही वरमाला का समय आया, राज कपूर अचानक गायब हो गए और पूरी महफिल में सन्नाटा छा गया। दूल्हे मनोज जैन मंडप में बैठे थे। मेहमान आपस में फुसफुसा रहे थे। तभी रणधीर कपूर और ऋषि कपूर दौड़कर राज कपूर के निजी कमरे की तरफ गए।
जब उन्होंने दरवाजा खोला, तो अंदर का नज़ारा देखकर वे सन्न रह गए। बॉलीवुड के महान शोमैन, जो परदे पर दुनिया को हँसाते थे, फर्श पर बैठकर फूट-फूट कर रो रहे थे। उनके हाथ में शराब का ग्लास था। उन्होंने अपने बेटों से कहा, “मैं रीमा को इस घर से नहीं जाने दूंगा। मनोज से कहो कि शादी के बाद वह यहीं आर.के. कॉटेज में आकर रहे।” एक पिता का अपनी बेटी के लिए ऐसा पागलपन और ऐसी जिद्द किसी ने कभी नहीं देखी थी। ऋषि कपूर ने अपनी किताब में लिखा है कि उस रात अपने पिता को मनाना उनके जीवन का सबसे कठिन काम था।वह पुराना राज़, जो आर.के. स्टूडियो में दफन हो गया: लेकिन कहानी सिर्फ एक पिता की भावनात्मक स्थिति की नहीं थी। उस रात एक और बड़ी घटना घटी, जिसे मीडिया से पूरी तरह छुपा कर रखा गया। कपूर खानदान में एक बहुत पुरानी और गंभीर पारिवारिक रंजिश चल रही थी। शादी के ठीक आखिरी समय में, उस विरोधी गुट का एक बेहद प्रभावशाली व्यक्ति बिना बुलाए आर.के. स्टूडियो की सीमा के अंदर आ गया था।
अगर वह व्यक्ति शादी के मंडप तक पहुँच जाता, तो मीडिया के सामने कपूर खानदान का बहुत बड़ा तमाशा बन जाता। जैसे ही ऋषि कपूर को इसकी भनक लगी, उन्होंने तुरंत सुरक्षाकर्मियों को आर.के. स्टूडियो के सभी पिछले दरवाजे बंद करने का आदेश दे दिया। भाइयों ने मिलकर उस बिन बुलाए मेहमान को एक कमरे में बैठाया और बहुत सूझबूझ से वापस भेज दिया, ताकि रीमा की शादी में कोई बाधा न आए। जब सब कुछ शांत हो गया, तब राज कपूर मंडप में आए और रोते हुए अपनी लाडली बेटी का हाथ मनोज जैन के हाथों में सौंपा।आज का सच और दर्शकों से बातचीत: हालाँकि रीमा जैन आज लाइमलाइट से दूर रहती हैं, लेकिन वह आज भी पूरे कपूर खानदान को एक सूत्र में पिरोकर रखने वाली सबसे मजबूत कड़ी हैं। चाहे रणबीर कपूर की शादी हो या करीना कपूर की पार्टी, रीमा जैन के बिना कपूर खानदान का कोई भी जश्न अधूरा है। उनके दोनों बेटे, अरमान और आदर जैन भी आज अपने जीवन में आगे बढ़ रहे हैं। रीमा भले ही सिल्वर स्क्रीन पर राज न कर पायी हों, लेकिन उन्होंने इतिहास के सबसे बड़े फिल्मी परिवार के दिलों पर राज किया है। तो दोस्तों, राज कपूर की छोटी बेटी की यह अनसुनी कहानी और उनकी शादी का हाई-वोल्टेज ड्रामा आपको कैसा लगा? क्या आपको लगता है कि रीमा जैन को फिल्म इंडस्ट्री में शामिल होना चाहिए था? हमें कमेंट बॉक्स में अपनी राय ज़रूर बताएं। अगर आपको यह वीडियो थोड़ा सा भी दिलचस्प लगा हो, तो इसे लाइक करें। अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और ऐसे ही धमाकेदार बॉलीवुड किस्सों के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना और बेल आइकॉन दबाना न भूलें। मिलते हैं