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शिक्षा मंत्री बनते ही प्रहलाद जोशी को CJP से मिली बड़ी खतरनाक चेतावनी, मचा हड़कंप!

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प्रहल्हाद जोशी देश के अगले शिक्षा मंत्री होंगे। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद ही मोदी सरकार ने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। प्रल्हाद जोशी के पास फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की जिम्मेदारी भी है।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। इसके बाद अब जोशी को शिक्षा मंत्रालय दिया है। हालांकि नए शिक्षा मंत्री के तौर पर उनके पास चुनौतियां काफी बड़ी होगी क्योंकि कॉकरोच जनता पार्टी ने साफ किया है कि आंदोलन खत्म हुआ है लेकिन शिक्षा में सुधार नहीं आया तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। नए शिक्षा मंत्री को बधाई देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष राका ने उन्हें चेतावनी भी दे दी।

देखिए हमारा जो कंसर्न था जो डिमांड था वह मीट हो गया है। सारे युवा से वह डिमांड रेजोनेट हुआ है। इसलिए पूरे देश भर में ये आंदोलन चला। जो भी अगले एजुकेशन मिनिस्टर बनेंगे उनको पता है कि युवा देख रहा है। युवा जवाब भी मांगेगा जब टाइम आएगा तो अच्छा काम करिए। युवाओं के हित में काम करिए।

पेपर लीक रोकिए। एंड जो हमारे सजेशंस थे डिमांड चार्टर में पांच पॉइंट के उनको इंप्लीमेंट करिए। आपसे बहुत जल्दी हम मिलेंगे जो भी नए एजुकेशन मिनिस्टर हैं सरकार ने वादा किया है कि एक महीने के अंदर हम लोग मिलेंगे तो देखेंगे क्या होता है। तो प्रह्लाद जोशी के बारे में क्या कहेंगे जैसे जो जो स्टेप उठाया गया है

गवर्नमेंट की तरफ से वो तो अब देखते हैं क्या होता है पिछले कई सालों में मुझे नहीं लगता इस देश में इतनी खुशी किसी को हुई है और ये खुशी सिर्फ एक इस्तीफे की नहीं है इस खुशी देश में लोकतंत्र की वापसी की है। इस देश को फिर से जिंदा करने की है और इस देश में जो अह एक नागरिक के तौर पे जो हमारी पावर्स है वह पावर्स वापस मिलने की खुशी है। यह बहुत बड़ी जीत है और जिस तरह का आंदोलन पिछले 37 दिनों में हम लोगों ने देखा है इतिहास याद रखेगा कि इस देश का युवा किस तरह से अपने देश को बचाने के लिए सड़कों पर उतरा था। आपको बता दें 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में जन्मे प्रल्हाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेताओं में शामिल है। उन्होंने कर्नाटक यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड केएस आर्ट्स कॉलेज से बैचलर ऑफ आर्ट्स की पढ़ाई पूरी की। राजनीति में आने से पहले उन्होंने कारोबार और सामाजिक क्षेत्र में भी काम किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले प्रहलाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से पांच बार के सांसद हैं। उन्हें पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का करीबी भी माना जाता है। पिछले करीब एक महीने से दिल्ली के जंतरमंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में छात्रों का आंदोलन चल रहा था।

नीट परीक्षा पेपर लीक कांड को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की जा रही थी। शनिवार दोपहर प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद जंतरमंतर पर चल रहा आंदोलन भी खत्म हो गया। परीक्षा प्रणाली में सुधार, नीट प्रश्न पत्र लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में जंतरमंतर पर 20 जून को छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था। वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों और युवाओं में खुशी की लहर है। प्रदर्शनकारियों ने इसे अपने लंबे आंदोलन की पहली बड़ी सफलता करार देते हुए जश्न मनाया।

छात्रों का कहना है कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं है बल्कि देश की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने तक जारी रहेगा।

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