और उन्होंने कहा कि उनके कमरे से एक आरी जो की होती है और साथ ही में उनके किसी अंग के होने की बात सामने आई है। तो इससे पता चलता है कि इस मामले में केवल यह नहीं है कि किसी ने दे दिया बल्कि और पीछे से कुछ बात है।
प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में है। एक तरफ साधु संतों में नाराजगी और दूसरी तरफ आ गया ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविेश्वरानंद सरस्वती का बड़ा बयान।
दरअसल प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की परिस्थितियों में हुई। वहीं होने का भी दावा किया गया। अब एक तरफ पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बड़े खुलासे हुए। वहीं दूसरी तरफ मौत को लेकर भी बड़े सवाल खड़े किए जा रहे हैं। शुक्रवार की सुबह लगभग 10:25 पर एक सीसीटीवी फुटेज में रसिक दुलारी निकलते दिखे और फिर कुछ देर बाद चौथी मंजिल से उनकी की खबर सामने आई। अब ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस मामले पर बड़ा बयान दे दिया। देखिए हमें कोई जानकारी नहीं है।
हम छत्तीसगढ़ के एक रूरल एरिया में चातुर्मास में लोग लगातार दो महीने कल ही वहां से निकल कर के हम जबलपुर आए हैं। जबलपुर में आने के बाद एक पत्रकार बंधु ने हमको यह सूचना बताई और उन्होंने कहा कि उनके कमरे से एक होती है और साथ ही में उनकी किसी होने की बात होने की बात सामने आई है। तो इससे पता चलता है कि इस मामले में केवल यह नहीं है कि असावधानी बस वो गए या किसी ने धक्का दे दिया बल्कि और पीछे से कुछ बात है। तो जांच के बाद ही पता चलेगा जो भी होगा। सच सामने आ जाना चाहिए। गोलगोल नहीं रहना चाहिए ताकि किसी को अटकलबाजी करने का मौका ना मिले।
तो शंकराचार्य साफ कहते हैं कि मामले की जांच प्रॉपर होनी चाहिए। लापरवाही से नहीं। व उन्होंने के पीछे कोई और बात या वजह होने की आशंका भी जताई है। इसी बीच रसिक दुलारी की में सामने आया कि दो हिस्सों में था। एक बॉडी और दूसरा प्राइवेट । यानी अलग था। वहीं शरीर में गई। यानी से पहले चोट के निशान। उनके सर पर चोटें थी। होठ के पास थोड़ी के नीचे कई चोटें। दिल के दोनों चेंबर खाली पाए गए।
पसलियों में पाया गया। दोनों पाई गई और भी अलग-अलग बॉडी में चोटें पाई गई। वहीं ज्यादा खून बहना, मौत का कारण बताया जा रहा है और पहले शरीर पर इतनी चोटें कहां से आई? कैसे आई? क्यों आई? हालांकि यह किस वजह से हुई है? इसकी भी जांच की जा रही है। फिलहाल मथुरा पुलिस आगे की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
सिटी राजीव कुमार सिंह के मुताबिक शुरुआती जांच में प्रेमानंद महाराज के शिष्य द्वारा खुद यह कदम उठाने की बात कही जा रही थी। वहीं पुलिस ने अपार्टमेंट का डीवीआर, खून के सैंपल और मृतक का मोबाइल फॉरेंसिक लैब भेजा है। पुलिस को आशंका है कि घटना से पहले डिलीट किए गए फोटो और चैट से मौत की वजह साफ हो सकती है। वहीं दूसरी तरफ प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि लापरवाही से जांच नहीं होनी चाहिए। खुलकर जांच होनी चाहिए ताकि कुछ भी इस मामले में गोलगोल ना रहे। देखिए हमें कोई जानकारी नहीं है। हम छत्तीसगढ़ के एक रूरल एरिया में चातुर्मास में लोग लगातार दो महीने कल ही वहां से निकल कर के हम जबलपुर आए हैं।
जबलपुर में आने के बाद एक पत्रकार बंधु ने हमको यह सूचना बताई और उन्होंने कहा कि उनके कमरे से एक आरी जो बिजली की होती है और साथ ही में उनकी किसी अंग के कटे होने की बात खूनाखून होने की बात सामने आई है। तो इससे पता चलता है कि इस मामले में केवल यह नहीं है कि असावधानी बस वो गिर गए या किसी ने धक्का दे दिया बल्कि और पीछे से कुछ बात है। तो जांच के बाद ही पता चलेगा जो भी होगा। सच सामने आ जाना चाहिए। गोलगोल नहीं रहना चाहिए ताकि किसी को अटकलबाजी करने का मौका ना मिले। तो एक तरफ पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बड़ा खुलासा और दूसरी तरफ मथुरा के साधु संतों में भी भारी नाराजगी नजर आ रही है। स्वामी अविेश्वरानंद सरस्वती ने जांच की बात कही है। वहीं दूसरी तरफ इस पर आपका क्या कहना है? यह हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। ब्यूरो रिपोर्ट यूपी तक। [संगीत]