पिछले दिनों प्रकाश राज ने रामायण पर काफी विवादित बयान दिया था। उसमें उन्होंने राम लक्ष्मण को रावण के बगीचे से फल चुराने वाला बता दिया था। इस बात के लिए उन्हें सोशल मीडिया पर काफी बैकलेश मिला था। साथ ही उनके खिलाफ देश के अलग-अलग शहरों में पुलिस कंप्लेंट भी हो गई।
अब उन्हें एक कानूनी नोटिस भेजा गया है। उसमें प्रकाश राज को एक वार्निंग दी गई है। वार्निंग यह कि अगर उन्होंने अगले एक हफ्ते में लोगों से माफी नहीं मांगी तो उन पर 100 करोड़ का डिफेमेशन केस कर दिया जाएगा। बता दें कि प्रकाश राज ने रामायण पर यह बयान केरल लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान दिया था। इसके बहाने वह भारत में नॉर्थ से साउथ जाने वाले लोगों पर तंज कस रहे थे।
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि नॉर्थ से आने वाले लोग ना तो उन पर हिंदी थोपे ना ही उन्हें बीफ खाने से रोके। खैर मुद्दा यह है कि रामायण वाले बयान के लिए उन्हें एक नोटिस चिपका दिया गया है। ईवी भारत की रिपोर्ट के मुताबिक यह नोटिस एडवोकेट कोटेपल्ली अजय कुमार ने जी भानु प्रकाश रेड्डी की तरफ से भेजा है। भानु प्रकाश तिरुमला तिरुपति देवस्थानम टीईटी के बोर्ड मेंबर हैं। उनका कहना है कि प्रकाश राज ने राम लक्ष्मण को नॉर्थ से आने वाले ऐसे लोगों की तरह पेश किया जो साउथ वालों का हक मार रहे हैं। मानो प्रकाश की मानें तो इस तरह के बयान ना केवल हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ करते हैं बल्कि आर्यन द्रविड़ नैरेटिव को भी पुश करते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया कि पब्लिक फिगर्स के दिए ऐसे बयान लोगों को रीजनल बेसिस पर बांटने का काम करते हैं।
नोटिस में मांग रखी गई है कि प्रकाश राज को 7 दिनों के अंदर अखबारों और सोशल मीडिया के जरिए बिना शर्त माफी मांगनी होगी। साथ ही उन्हें यह भरोसा भी देना होगा कि वह आगे से इस तरह के कमेंट्स नहीं करेंगे। हालांकि इस खबर की असली हाईलाइट शर्त की सेकंड हाफ है।
उसके मुताबिक अगर प्रकाश राज तय समय पर माफी नहीं मांगते तो उनके खिलाफ ₹100 करोड़ की मानहानि का केस कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं उन पर सिविल और क्रिमिनल एकशंस भी लिए जा सकते हैं। खबर लिखे जाने तक प्रकाश राज पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 299, 196 और 356 के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। प्रकाश राज नोटिस का जवाब जो भी देंगे हम आप तक वो अपडेट लाएंगे। इस खबर को लिखा है हमारे साथी शुभांजल देखते रहिए लंडन टॉप सिनेमा शुक्रिया [संगीत]