मैं घुमा। उसके बाद पिछले 36 37 दिन से जंतरमंतर पर बैठा था। काफी खुशी मिल रही है घर आकर। इतने लंबे समय के बाद और इतने लंबे संघर्ष के बाद घर आया हूं। आज घर पर आराम से सो पाऊंगा अपने मां के हाथ का बना हुआ खाना खा पाऊंगा फाइनली।
सो उसकी बहुत खुशी है और एक उम्मीद करता हूं अगर मीडिया मुझे ज्यादा परेशान ना करे अगले एकद दिन तो जो मेरी नॉर्मल लाइफ थी पहले वैसे थोड़े दिन के लिए मैं नॉर्मल लाइफ जी पाऊं। आज जो है पार्लियामेंट में पहले पार्लियामेंट में पेपर लीक का बिल पास हुआ है। उसके ऊपर आप क्या करेंगे? मुझे लगता है बिल आते रहेंगे। जब तक ये लोगों की नियत सही नहीं होती है तब तक कुछ नहीं हो सकता। बिल रिफॉर्म्स इस देश में कई कान कानून अच्छे बने हुए हैं। कानून एक से एक बनते हैं इस इस देश में। फास्ट ट्रैक कोर्ट का वादा किया था
नरेंद्र मोदी ने तीन दिन पहले और उस पर लोग काफी खुश हो गए थे कि आप पेपर लीक परस्ट ट्रैक कोर्ट बैठ के। क्या हुआ पहली हियरिंग में? पहली हियरिंग ये पोस्टपोन हो गई क्योंकि सीबीआई का काउंसिल आया नहीं। तो कानून आप कैसे भी बना लो। जब तक उसको इंप्लीमेंट करने वाले अच्छे नहीं है तब तक उस कानून का क्या मतलब है? आपने वीडियो देखे वीडियो देखे पंतप्र प्रधान जी के जो मोबाइल पे उन्होंने किए मुझे लगता है उनको इन्फ्लुएंसरर बन बनना चाहिए। अब बहुत अच्छा कर रहे हैं वो एज इन्फ्लुएंसरर बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री की कुर्सी छोड़ दे इन्फ्लुएंसरर बन जाए प्रधानमंत्री का काम कोई और कर लेगा। अभी भी कई सारे स्टेट जो पीछे नहीं लिया गया है। अगर एफआईआर पीछे नहीं लेते और स्टूडेंट्स को ऐसे ही परेशान करते रहेंगे तो हम फिर से आंदोलन करेंगे। इस सरकार को ये बात समझनी चाहिए कि स्टूडेंट्स का गुस्सा कम नहीं हुआ है।
अगर अगर उन्हें लगता है एक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देकर ये गुस्सा ठंडा हो जाएगा। ऐसा नहीं है। गुस्सा बहुत ज्यादा है लोगों में और जरूरत पड़ी तो ये आंदोलन फिर होगा और जो पिछला हुआ उससे भी बड़ा आंदोलन होगा। कंगना रानौत ने एक टीका की जय हिंद होते त ठिकानी त मोदी बदल आक्षेपारी भाषा वापरली तचा आक्षेप उन्होंने कहा उन्होंने कहा है कि वो गटर छाप है कंगना रानौत ने और उनके माता-पिता के बारे में भी कहा है जो बच्चे आंदोलन करता थे उनके माता-पिता के बारे में भी उन्होंने टिप्पणी की है। आखरी बार सकता। सर अभी धीरे-धीरे जो है वीडियो सामने आ रहे हैं। मार्क जिस तरीके से का वीडियो सामने आया है। बिहार में भी जो है चलाई गई है। तो उसके ऊपर आप क्या कहेंगे? मतलब एक जमाना हुआ करता था यूज़ की जाती थी के अगेंस्ट। जी।
जो इस देश में आर्मी यूज़ करती थी, पुलिस यूज़ करती थी, वो के अगेंस्ट यूज़ करती थी। लोकल गुंडों के खिलाफ भी नहीं यूज़ करती थी। ये सरकार स्टूडेंट्स के अगेंस्ट यूज़ कर रही है। तो ये अपने ही देश के युवाओं को जैसा ट्रीट कर रही है ये सरकार। ये बहुत शर्म की बात है।
अगर इस सरकार ये सरकार अभी भी नहीं सुधरती है। हम तो चुनाव आ रहे इस देश का स्टूडेंट्स इस इस सरकार को सुधार देगा। और एक चीज मैं ना भूले एक स्टूडेंट पर लाठी पड़ी तो स्टूडेंट के घर में चार वोट है। नरेंद्र मोदी बस वोट की भाषा समझते हैं। अमित शाह बस वोट की भाषा समझते हैं। तो उनके वोट की भाषा से मैं समझाना चाहता हूं। एक स्टूडेंट पर प्लेट चलेगी। एक स्टूडेंट पर लाठी चलेगी तो उसके घर में चार वोट है वो आपके कम हो जाएंगे। वक्त है अभी भी सुधर जाओ। वरना चुनावों में स्टूडेंट सुधार देंगे आप लोगों को।