गले लगकर रो रहे यह हजारों लोग कुछ महीनों पहले तक भारत और पीएम मोदी को गालियां देकर हंस रहे थे। हिंदुओं को दौड़ा दौड़ा कर पीट रहे थे। लेकिन आज इन लोगों को ऐसा श्राप लगा है कि रोते-रोते आंसू सूख गए हैं। इन लोगों का सच आपको हिला देगा। यह कौन है और क्यों रो रहे हैं वह वीडियो में आपको आगे बताएंगे। लेकिन सबसे पहले देखिए कि यह बवाल क्या है और कहां हुआ है। दरअसल यह है रिजीम चेंज वाला बांग्लादेश।
गुंडागर्दी से रिजीम चेंज करने वाले देश का क्या हाल होता है वह आप ध्यान से देख लीजिए। क्योंकि अगर भारत के लोगों ने रिजीम चेंज वाली बेवकूफी का साथ दिया तो गले लगकर ऐसे ही रोना पड़ेगा। यह गले लगकर रोने वाला जबरदस्त कांड क्या है? वह हम आपको आगे बताएंगे। आप बस वीडियो देखते रहिए। बांग्लादेश में एक बार फिर हिंसक प्रदर्शन और तनाव का माहौल बन गया है। बांग्लादेश में भयंकर आर्थिक संकट आ गया है। महंगाई बेकाबू हो गई है और गारमेंट उद्योग पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। भारत का मजाक उड़ाकर अमेरिका से ट्रेड डील करने और रिजीम चेंज के बाद बांग्लादेश में सैकड़ों कारखाने बंद हो गए हैं।
बड़े पैमाने पर लोगों को नौकरियों से निकाला जा रहा है। जिसकी वजह से बांग्लादेश में फिर दंगे शुरू हो गए हैं। गरीबी, रिकॉर्ड तोड़ महंगाई, कम सैलरी और देश में चल रही राजनैतिक अस्थिरता ने बांग्लादेश को बर्बाद कर दिया है। पेट की भूख और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने एक बार फिर बांग्लादेश की जनता और मजदूरों को, सड़कों पर ला खड़ा किया है। बांग्लादेश की रीड कहे जाने वाली 500 से ज्यादा गारमेंट फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं।
सड़कों पर उतरे यह लाखों मजदूर बांग्लादेश की गारमेंट फैक्ट्रियों के ही हैं। आपको बता दें कि बांग्लादेश के कुल एक्सपोर्ट्स का 80% से ज्यादा हिस्सा अकेले गारमेंट सेक्टर से ही आता है। ऐसे में बांग्लादेश में गारमेंट फैक्ट्रियों के बंद होने से वैश्विक ब्रांड्स जैसे एचएनएम और ज़ारा की सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है और यह बड़े-बड़े ब्रांड्स भारत की तरफ मुड़ सकते हैं। अब आपको असली खेल और इन लोगों की असलियत बताते हैं। ध्रुव राठी का वीडियो देखने वाले कई लोग रट्टा मारकर बोल रहे थे कि बांग्लादेश की पर कैपिटा जीडीपी भारत से ज्यादा है। इन लोगों को पर कैपिटा जीडीपी का मतलब चाहे ना पता हो, चाहे इन्हें आठ का पहाड़ा भी नहीं आता हो, लेकिन मोदी विरोध में यह लोग ध्रुव राठी का WhatsApp ज्ञान बांटना नहीं भूलते।
अब इन लोगों को देख लेना चाहिए कि बांग्लादेश की पर कैपिटा जीडीपी कैसे सड़कों पर दौड़ रही है। कुछ महीनों पहले कांग्रेस पार्टी ने पीएम मोदी का मजाक उड़ाते हुए कहा था कि अमेरिका और बांग्लादेश के बीच कपास और कपड़े को लेकर ट्रेड डील हो गई है। अब भारत का क्या होगा? भारत की कपास इंडस्ट्री को बहुत बड़ा नुकसान होगा। लेकिन अब देखिए कि अमेरिका से कपास और कपड़े की डील करने वाले देश में यही इंडस्ट्री बर्बाद हो गई। अब आते हैं इन लोगों पर। अमेरिका और यूरोपीय संघ को डेनिम कपड़ा सप्लाई करने वाली बांग्लादेश की एक प्रमुख कंपनी पेसिफिक जींस के आंशिक रूप से बंद होने की वजह से 5500 से ज्यादा लोगों की नौकरियां चली गई हैं। यह वही लोग हैं जो नौकरी जाने के बाद रो रहे हैं। कुछ महीनों पहले तक यह बोल रहे थे कि हमने अमेरिका से डील कर ली है। अब भारत की जरूरत क्या है? अब भारत के लोग भी देख लें कि जबरदस्ती रिजम चेंज करने से देश की क्या हालत होती है। भारत में कई लोग आजकल सड़कों पर निकले हुए हैं। यह लोग भी भारत में बांग्लादेश जैसी क्रांति चाहते हैं। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि अगर आप रिजीम चेंज वालों के झांसे में आ गए तो कल ऐसे ही गले लग कर रोना पड़ेगा।