क्या आपने कभी किसी विधायक को भिखारी बनते देखा है? अगर नहीं तो महाराष्ट्र के विधायक पराग शाह को देखिए जिन्होंने पूरा एक दिन भिखारी बनकर सड़क पर बिताया। जी सही सुना आपने। दरअसल महाराष्ट्र में सबसे अमीर विधायक पराग शाह ने एक दिन के लिए गरीबी का जीवन जिया। इतना ही नहीं उन्होंने सड़क पर उतरकर भीख भी मांगी। घाटकोपर के विधायक पराग शाह मुंबई में एक प्रसिद्ध और अमीर राजनेता के रूप में जाने जाते हैं। ₹5000 करोड़ से अधिक के संपत्ति के मालिक इस विधायक ने हाल ही में एक अभूतपूर्व प्रयोग किया। अपने गुरु के आदेश के मुताबिक उन्होंने एक भिखारी के वेश में घाटकोपर की सड़कों पर पूरा दिन बिताया। पराग शाह ने साधारण कपड़े पहने। अपना चेहरा और रूप रंग बदला और अपने निर्वाचन क्षेत्र की भीड़ भरी सड़कों पर भिखारी बनकर घूमने लगे। उस दिन उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र को आम लोगों की नजरों से देखा।
उन्हें लोगों की प्रतिक्रियाओं, दया, उपेक्षा, मदद और कभी-कभी उदासीनता का प्रत्यक्ष अनुभव मिला। घाटकोपर जैसे भीड़भाड़ वाले और व्यस्त इलाके में भिखारी बनकर एक दिन बिताना आसान नहीं था। कई लोग उनके पास से गुजरे, कुछ ने थोड़ी मदद की तो कुछ ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इस अनुभव ने विधायक को आम नागरिकों की रोजमर्रा की कठिनाइयों का प्रत्यक्ष अनुभव कराया। इस दौरान उन्हें किसी ने नहीं पहचाना। वह विधायक हैं। इस दौरान वह लोगों से खाना मांगते, सड़कों पर झाड़ू लगाते, इधर-उधर जमीन पर बैठते नजर आए। कई लोग उनको धत्कारते नजर आए तो कई लोग उन्हें धक्का मारकर निकालते नजर आए। तो वहीं किसी ने उन्हें दो निवाले खिला दिए तो किसी ने कुछ रुपए की मदद कर दी।
बता दें कि इस गेटअप के लिए पराग शाह ने बकायदा मेकअप कराया था और भिखारी जैसा हुलिया तैयार कराया। यह घटना महज एक राजनीतिक हथकंडा नहीं था बल्कि गुरु की शिक्षाओं के अनुसार आत्मिक अनुभव प्राप्त करने का एक प्रयास था। पराग शाह ने साधारण कपड़े पहने अपना चेहरा और रूप रंग बदला और अपने निर्वाचन क्षेत्र की सड़कों पर भिखारी बनकर घूमने लगे। उस दिन उन्होंने अनुभव किया कि एक आम आदमी और एक भिखारी को कैसा महसूस होता है। जानकारी के मुताबिक जैन धर्म के चातुर्मास के दौरान पराग शाह के गुरु नम्र मुनि ने उन्हें एक दिन भिखारी के जीवन और उसकी परिस्थितियों को करीब से समझने का अनुभव लेने की सलाह दी थी।
इसी के तहत पराग शाह ने अपने नियमित सुरक्षा और अन्य संसाधनों से अलग रहते हुए मेकअप के जरिए भिखारी का रूप धारण किया। इस अनुभव ने विधायक को आम नागरिकों की रोजमर्रा की कठिनाइयों का अनुभव करा दिया। इस दौरान उन्हें किसी ने नहीं पहचाना कि वह विधायक हैं। जिसके बाद घाटकोपर की गलियों में भिखारी बनकर घूमने वाले विधायक अपनी सामान्य भूमिका में लौट आए और फिर वापस उन लोगों से मुलाकात की जिन्होंने उन्हें भिखारी समझकर दूर भगाया था। जिसके बाद जब लोगों को सच्चाई पता चली तो
सभी ने दांतों तले उंगली दबा ली और उनसे माफी मांगी। बता दें कि पराग शाह के इस रूप का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो वहां भी लोगों का अलग-अलग तरह का रिएक्शन सामने आया। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि ऐसा नेता बहुत ही कम देखने को मिलते हैं जो अपने प्रजा के ख्याल के लिए खुद भिखारी बन जाए। तो वहीं दूसरे सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि एक दिन भीख मांगने से ज्यादा जरूरी है कि गरीबों की रोज की परेशानी समझकर उनके लिए कुछ किया जाए। बता दें कि पराग शाह के इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। करोड़ों रुपए के मालिक होने के बावजूद गुरु के आदेशों का पालन करते हुए ऐसे कठिन अनुभव से गुजरना वाकई सराहनीय है। इस प्रयोग के माध्यम से उन्हें आम लोगों के जीवन को करीब से देखने और उनकी कठिनाइयों को समझने का मौका मिला। विधायक पराग शाह ने वीडियो में इस घटना को बेहद खूबसूरती से दर्शाया है। निष्पक्ष मतलब [संगीत] न्यूज़ 24