पंचकूला में स्कूल के अंदर जो वारदात की तस्वीरें सामने आई उसने सिर्फ पंचकूला को ही नहीं पर सभी को झकझोर के रख दिया। कैसे एक तीसरी क्लास का बच्चा एक केजी की स्टूडेंट पर हमला करता है। ईंटों से गमलों से वार करता है। साइड में पड़ा एक लोहे का डस्टबिन होता है। उससे वार करता है और उसके हालात इतनी गंभीर हो जाती है कि वो बच्ची अब पीजीआई चंडीगढ़ में है और जंग लड़ रही है। उनके परिजन दरअसल हमारे साथ अभी मौजूद हैं। उनके चाचा हमारे साथ मौजूद हैं। उनसे हम बात कर लेते हैं। आपको सर कब और कैसे पता चला था कि बच्ची के साथ ऐसा हो गया है कुछ? वो जब सुबह स्कूल गई ठीक-ठाक स्कूल गई। उसके बाद जो ड्राइवर होता है ना हमारा वो गया उसको लेने तो वो वहां मिली नहीं। नहीं मिलने के बाद फिर हम उसने भाई के पास फोन किया तो भाई वहां पहुंचा। जब स्कूल पहुंचा तो अब टीचरों से हमने पूछा ये बच्ची कहां है? तो उन्होंने बोला ये खेल रही होगी आप देख लो। तो जब जब टीचर ने भाई ने हमारे इधर-उधर देखा तो मिली नहीं। जिस लड़के ने ये वारदात की थी तो वही लड़का बोलता है कि ऊपर है वो ऊपर पड़ी है वो बच्चों ने मारा है उसको ऊपर पड़ी हुई है वो जब गया तो उसमें ऑलरेडी लॉक लगा दिया था वहां का जो गार्डन है उसने दो 2ाई घंटे से वहीं पे अंदर थी जब वो देखा भाई ने शीशे में तो वो पूरा खूनखून हो रखा है वो बिल्कुल डेड पड़ी है तो उसके बाद हमने चाबी मंगाई 10-1 मिनट चाबी ढूंढने में वो कहां है कैसे है कैसे सारा वो निकल गया फिर उसके बाद जब लेके गया भाई हमारा बेहोश हो गया फिर उसको हमने पानीानी पिलाया फिर वो बेटी को उठाया एल्गमिस ले गया एलगमिस ले आने के एलकम ने अपनी फॉर्मेलिटी करी। कोई टांका नहीं लगाया, कोई ट्रीटमेंट नहीं दिया। उसको ऐसे ही रखा वो फिर प्रिंस उनके टीचर आ गए। वो कह रहे हम पैसे देंगे। फिर वो पैसे दे उन्होंने ₹0000 मांगे। ₹0000 मांगने के बाद वो कहते हैं जी हमारे पास तो ₹100 पड़े हैं। हम आपको लास्ट महीना चल रहा है। करके दे रहे हैं। हम आपको दे देंगे। आप रुको हम दे देंगे। उस चक्कर में उन्होंने एक डेढ़ दो घंटा निकाल दिया। फिर बच्चे का बाप आ गया। उसने बोला कि ₹25,000 उसके पास थे। वो वैसे जमा कर दिया हमने ₹00 जमा करने के बाद उन्होंने पता नहीं क्या गोली पाई। ऊपर से फोन आया या प्रेशर था क्या था। उन्होंने मना कर दिया। कहता आप इनको पीजीआई या छह सेक्टर ले जाओ। हम छह सेक्टर लेके गए तो छह सेक्टर में उन्होंने मना कर दिया कि आप पीजीआई ले जाओ। पीजीआई हम लेके गए इमरजेंसी में वहां पे तो ऑलरेडी बहुत म्यूट होती है। 15-20 मिनट वहां लग गए बाहर खड़े रहे। तो उसको फिर हमने अंदर एडमिट करा दिया। एडमिट कराने के बाद वो पीजीआई में। तो हुआ क्या था? क्यों एक तीसरी क्लास का लड़का है वो। केजी की छोटी सी बच्ची है। ऐसा क्या हुआ था?
क्या आपको रीजन कुछ पता चल पाया है अभी तक कि उसने इस तरह से अटैक किया था बच्ची पे? अभी तक ये पता लगा है कि बच्ची ने उसको पागल बोला। पागल बोलने के बाद मतलब पागल नॉर्मली अगर कोई बजाकर हां पागल बोल सकता है। कुछ भी कह सकता है। उसके दिमाग में ऐसा क्या हुआ? वो देखी उसने टीचर नहीं है। उसने बोला आपके पापा आ रखे हैं। छुट्टी का टाइम हो गया था कि आपके पापा ऊपर आए हुए हैं। आप ऊपर चलो। वो चले गए उसके साथ-साथ के पापा है। फिर वो अंदर ले गया। उसने देखा वहां अंदर उसने अंदर से लॉक लगा के जो मैच होती है ना उस पे पहले उसको सर मारे तीन बारी बड़े गरहमी से मैं कहता हूं कि कोई क्या ही करेगा कोई दुश्मनी भी नहीं करेगा अपने साथ ऐसे उसके मारने के बाद उसने फिर ईंट उठाई ईंट से उसके पास 810 देखा है आपने वार किए हैं वार करने के बाद वो गया आधे घंटे बाद फिर आया फिर वो अब अधमरी है तो आवाज ये करेगी फिर आया फिर उसने डस्टबिन देखा डस्टबिन उसके मुंह पे जब आवाज करी थी उसके मुंह पे पूरा बैठ बैठ गया उसके ऊपर पूरा रगड़ दिया उसको रगड़ने के बाद फिर उसने उसने हाथ उठाया बचाने के लिए फिर उसका हाथ पे उसने उसको रख के वहां से चला गया और बाहर से लॉक भी लगा दिया उसने फिर बाद में गार्ड आया गार्ड ने क्या करा उसको लॉक कर दिया जी लॉक कर दिया वो दो घंटे वहां अंदर वो सवा5 बजे की वारदात है हम 4 समथिंग उसको रूम्स के अंदर से लेकर आए वहां से ले लाने के बाद हम उसको एलगमिस्ट ले गए तो उसके बाद क्या है मैम उसके बाद उसने जब बच्चा गया बाहर आधा घंटा फिर आया फिर खोल के फिर गया फिर चला गया। फिर गार्ड का क्या था? गार्ड ने उसको लॉक लगा के चला गया। बाय चांस हम नीचे देख लिया था। भाई ने देख देख लिया होता ऊपर ना लड़का बताता। हम तो स्कूल की छुट्टी हो गई थी। स्कूल लोग जाने हां तो वो तो मैं दो दिन बाद स्कूल खुलता है एक बीच में छुट्टी थी। बिल्कुल तो प्रॉब्लम हो जानी थी हमारे लिए। तो स्कूल की लापरवाही आपको इसमें कितनी नजर आती है? क्योंकि स्कूल एक ऐसी जगह है जहां पर पेरेंट्स अपने बच्चों को भेजते हैं। एटलीस्ट वो इतना तो एक्सपेक्ट करते हैं कि वहां एजुकेशन मिल रही है तो सिक्योरिटी भी रहे। लापरवाही तो मैम इसमें पूरी रही है इनकी। प्रिंसिपल की लापरवाही अगर प्रिंसिपल वहां से जा रही है कह रही मैं 3:00 बजे चली गई थी वहां मेरी तबीयत खराब थी वहां पे किसी और को छोड़ के जाना चाहिए था वीडियो चल रही है वहां पे आपके प्रिंसिपल रूम में ना प्रॉपर चल रही है लाइफ सारा तो वो ढाई दो 2ाई घंटे वहां नहीं दो 2ाई घंटे वो सामने दिख रहा है वो पड़ी है वो मारते हुए भी उसने काफी टाइम मारा भी है उस आधे घंटे बाद लॉक करके ऊपर कोई जाता नहीं है छुट्टी के बाद लॉक करके उसने वापसी गया भी है फिर मारा है 2ाई घंटे वो वहीं पे पड़ी थी वो हमें नहीं पता होता वो ब्लड निकल चुका था उसका डेड हो गई थी हम गए उसको एडमिट वडमिट कराया फिर जाकर थोड़ा सा यह हुआ क्या स्कूल प्रशासन ने आपसे कांटेक्ट किया है उनकी तरफ से कुछ बताया गया है कि क्या वहां पर अब एक्शन लिया जाएगा इस लापरवाही को लेकर जब ये वारदात हुई है ना तो प्रिंसिपल सारे लोग वहां पे आ चुके थे सेकंड वहां पे ना एलकमिस्ट में तो सब कह रहे थे हम आपके साथ हैं कोई दिक्कत नहीं है वहां तो अब थोड़ी सी वीडियो हमने निकलवा ली थी उसकी जो बच्चा लेके जा रहा है क्योंकि वो भाई को जब ऊपर लेके गया तो भाई को तो यह पता था कि इस बच्ची को पता है
किसने मारा है जब उन्होंने पूछा कि भाई वो वीडियो बताया कि बच्चा वो था जिसने रेड टीशर्ट पहनी तो उन्होंने भी कैमरा चेक किया पता लगा कि वही बच्चा है तो फिर हमने क्या करा दो दिन हम तो बिजी थे क्योंकि हमारी बच्ची को देख रहे थे देखेंगे या अब ये चीजें देखेंगे मैंने कहा मैं दो दिन बाद ये सब चीजें देखूंगा पुलिस वाले आए उनको मैंने कहा लिखित में दे दें कि मैं दो दिन बाद ये सब चीजें देखूंगा अभी मैंने कुछ नहीं करना तो फिर मैंने दो दिन जब मेरी बच्ची को लगा कि हां ठीक है हो आ रहा है तो उसके बाद फिर हमने 20 सेक्टर जो है स्कूल में सारे जितनी भी वीडियोस थी एंटी फोटो थे वो सारे निकलवाया। मैं कह रहा हूं वहां पे 200 बंदा था जब ये वीडियो निकली है। वहां पे बंदे क्या रो रहे थे मैम आप देख लो वीडियो। आप देख के हफ्ता खाना नहीं खाओगे। हां। उसके बाद उसको हफ्ता कम से कम उन्होंने क्या बोलते हैं उसको? बच्चे को रखा। फिर पीजीआई भर्ती किया उनको। करने के बाद सारा ये हो। अभी बच्चे की हालत क्या है? डॉक्टर्स ने क्या बताया है कि कितनी मेजर इंजरीज हुई बच्चे को? मैं बताऊं मैम जिस हिसाब से बच्चे ने मारा था ना जिस हिसाब से बचना हमें नहीं लग रहा था बचेगी। ये सब हमारे हिंदुस्तान में जो पब्लिक है उन्होंने इतनी दुआएं की है मैम। मैं कह रहा हूं मैं सोशल मीडिया देख लो आप Twitter देख लो Facebook देख लो एनीथिंग सब जगह जितनी इस बच्ची के लिए दुआएं करी हैं। जो बची है ना सभी दुआएं से बची हैं। मैम हिंदुस्तान हो गया आप अरब कंट्री चले जाओ अमेरिका कंट्री चले जाओ कहीं भी चले जाओ जितना दुआएं हमारे बच्ची के लिए हुई है ना दुआओं ने बचाया मैम। अब पुलिस की तरफ से जो एक्शन लिया जा रहा है पुलिस ने आपको क्या बताया है कि वह कैसे कार्रवाई कर रहे हैं? क्या अभी स्टेटस है पुलिस की कारवाई को लेकर आपको क्या-क्या बताया गया है? पुलिस की तरफ से पूरी कारवाई हुई है। एसएओ साहब ने पूरा सहयोग किया है और हमारे जो आईएस थे उन्होंने भी पूरा सहयोग किया है प्रदीप जी। तो मतलब उन्होंने जहां हमने बोला वो हमारे साथ खड़े हैं। अभी भी हमारे साथ खड़े हैं। पहले उन्होंने बच्चे के ऊपर हमने कंप्लेन करी तो उसमें उन्होंने पूरा सहयोग किया।
जब मेरी बच्ची हॉस्पिटल में थी जब मेरी बच्ची हॉस्पिटल में जब उन्होंने पूरा सहयोग किया कि दो दिन बाद हम करेंगे करेंगे सारा और जो हमारे एसएओ साहब उन्होंने पूरा सहयोग किया है। ऐसे नहीं है कि उन्होंने कहीं पीछे हटे हैं। उन्होंने हर जगह मेरे को बोला है हम तुम्हारे साथ हैं। कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। जो आरोपी बच्चा है क्या उसके परिजनों से आपकी मुलाकात हुई? उसके पेरेंट्स ने कुछ कहा आप लोगों से? चाहता हूं। दो दिन दो दिन तो वो हमारे साथ रहे हैं। वो बच्चा वो हुआ। जब हमने वीडियो नहीं देखी थी। जब हमने वीडियो नहीं देखी। जब वीडियो देखी ना जब उनके थप्पड़ पड़े हैं वहां जाके कि भाई तुम क्या सिखा रहे हो बच्चों को वो तो मैं वहां नहीं होता तो शायद कर देते उनका क्योंकि जिस हिसाब से वहां पे हालात बन गए थे वो वीडियो देख के हर बंदा रो रहा था प्रिंसिपल कांप गई प्रिंसिपल को जब पता लगा वहां पे तो एट लास्ट आपकी क्या मांग है अब चाहे प्रशासन हो सरकार हो और आप कोई मैसेज भी अगर देना चाह रहे हो क्योंकि देखिए बच्चे सभी के हैं और सभी परिजनों को उनकी सिक्योरिटी की बहुत टेंशन रहती है तो एट लास्ट क्या मांग आपकी है और क्या संदेश आप देना चाहते हैं? मैम मेरा संदेश यही है सबसे देखो हम कॉम्प्रोमाइज करके अगर पीछे हट जाते हैं।
आज जो ये सारी स्थिति बन रही है ये हमारे बच्चे के लिए नहीं बन रही। ये हिंदुस्तान के जितने भी बच्चे हैं 100 करोड़ 50 करोड़ जितने भी हैं उनके लिए हमने स्टेप लिया है। हमारे बच्चे के साथ तो हो गया जो होना था। हम हट जाते हैं। हमें कोई दिक्कत नहीं थी। अब चलो हो गया। पर आने वाली जो बच्चे हैं हमारे आने वाले जो बच्चे हैं अब हमारे जो हम जैसे हम अपने बच्चों को अब अच्छी शिक्षा देंगे। अच्छा सारा मतलब अच्छा ही बताएंगे कि बच्चे ये गलत है। अब आगे सारे पेरेंट्स भी अपने बच्चों को लेके सीरियस हो जाएंगे। टीचर भी सारे सीरियस हो जाएंगे। जितने सरकारी स्कूल हैं उनमें कई सारे नियम भी बना दिए हैं। देखा होगा आपने नियम भी बन गए। अभी बहुत चीजें होनी है। बहुत चीजें चेंज होनी है। आप देखिए अब आगे आगे। शुक्रिया सर हमसे बात करने के लिए। पंचकूला में स्कूल के अंदर जो घटना हुई थी इनसाइड स्टोरी क्या-क्या चीजें वहां पर हुई? अभी फिलहाल क्या स्टेटस है जांच को लेकर भी जो आरोपी बच्चा है उस पे कारवाई को लेकर भी पुलिस प्रशासन किस तरह से काम कर रहा है स्कूल प्रशासन का रोल क्या रहा है उसको लेकर पूरी जानकारी आप तक पहुंचाने की हम कोशिश कर रहे थे विजय उज्जवल के साथ पूजा खंडोरी rpब्लिक भारत