[संगीत] खबरों में आगे बढ़ते हैं। दर्शकों, द गर्भवती महिला ने पत्थर के बच्चे को जन्म दिया है। जी हां, अब तक ऐसी बातें आपने डरावनी कहानियां फिल्मों में या फेंटसीज में सुनी और देखी होंगी। लेकिन अब यह बात सच साबित हो गई है। अफ्रीका की एक महिला के गर्भ में वाकई पत्थर का बच्चा मिला है। जिसे मेडिकल साइंस में स्टोन बेबी कहा जा रहा है। रिपोर्ट देखिए। मां के पेट में पला पत्थर का बच्चा। 3 साल तक शरीर में छिपा रहा मौत का राज। मेडिकल साइंस भी हो गया हैरान। सोचिए एक महिला के पेट में बच्चा पल रहा हो लेकिन वो बच्चा पैदा होने के बजाय पत्थर बन जाए। इतना ही नहीं महिला 3 साल तक उसे अपने पेट में लेकर घूमती रहे और उसे इसकी असली वजह तक पता ना चले। सुनने में किसी डरावनी फिल्म की कहानी लगती है। पेट में कभी एक नन्ही सी जिंदगी पल रही थी।
उसी पेट में 3 साल बाद उसका कंकाल मिला। लेकिन यह कोई आम कंकाल नहीं था। यह पूरी तरह पत्थर बन चुका था। 3 साल यानी करीब 1095 दिन। एक महिला अपने पेट में इस अजीबोगरीब रहस्य को लेकर घूमती रही। उसे पेट में दर्द होता रहा। भारीपन महसूस होता रहा। लेकिन उसे क्या पता था कि उसके शरीर के अंदर ऐसा कुछ मौजूद है जिसे देखकर डॉक्टर भी हैरान रह जाएंगे। मामला सोमाली लैंड का है।
यहां 42 [संगीत] साल की एक महिला को पिछले 3 साल से पेट के निचले हिस्से में दर्द और भारीपन की शिकायत थी। शुरुआत में उसने इसे सामान्य दर्द समझा लेकिन वक्त के साथ तकलीफ बढ़ती गई। महिला को याद था कि करीब 3 साल पहले उसे गर्भवती होने जैसे लक्षण महसूस हुए थे। पेट बढ़ा था। गर्भ में हलचल भी महसूस हुई थी। लेकिन फिर अचानक यह हलचल बंद हो गई। पेट का आकार भी धीरे-धीरे सामान्य हो गया। महिला ने ना तो गर्भावस्था की जांच कराई और ना ही कोई मेडिकल मदद ली।
उसे लगा कि सब कुछ खत्म हो चुका है। लेकिन असल में उसके शरीर के अंदर एक ऐसा रहस्य छिपा था जो 3 साल बाद सामने आने वाला था। जब महिला डॉक्टरों के पास पहुंची तो जांच में पेट के अंदर एक सख्त गांठ मिली। डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड किया लेकिन तस्वीरें देखकर मामला और उलझ गया। इसके बाद सीटी स्कैन कराया गया और फिर जो सामने आया उसने मेडिकल टीम को चौंका दिया। महिला के पेट के अंदर एक भ्रूण का पूरा कंकाल मौजूद था। उसकी खोपड़ी, रीढ़ की हड्डी, पसलियां, हाथ और पैरों की हड्डियां सब कुछ एक सख्त कैल्शियम की परत के भीतर कैद था।
इसका आकार करीब 18 गुना 12 गुना 10 सेंटीमीटर था। यानी जिस बच्चे को कभी दुनिया में आना था, वो अब पत्थर जैसा सख्त पिंड बन चुका था। मेडिकल साइंस में इस दुर्लभ स्थिति को लिथोपेडियन कहा जाता है। इसे आम भाषा में स्टोन बेबी यानी पत्थर का बच्चा कहते हैं। दरअसल कुछ दुर्लभ मामलों में गर्भाशय के बाहर पेट की गुहा में ही गर्भ ठहर जाता है। इसे एब्डोमिनल प्रेगनेंसी कहते हैं। लेकिन अगर इस दौरान भ्रूण की मौत हो जाए और उसका आकार इतना बड़ा हो। ब्यूरो रिपोर्ट इंडिया न्यूज़ और यहां रुक रहे हैं एक छोटे से ब्रेक के लेकिन ब्रेक पर जाने से पहले आपको इस वक्त के हेडलाइन दिखा देते हैं।