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सु!हा!गरा!त मनाने के बाद दूल्हा रेल के सामने कूद गया! क्योंकि…

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एक लड़के की पहले तो शादी नहीं हो रही थी और फिर जब उसकी शादी होती है तो वह बड़ा खुश होता है और उसके बाद जब उसकी धूमधाम से शादी हो जाती है और शादी होने के बाद जब वह मनाने के लिए अपनी पत्नी के कमरे में जाता है तो उसके बाद पूरी रात गुजरती है और सुबह होती है।

सुबह लड़के के शरीर के हिस्से उसके शव के हिस्से शेरवानी पहने हुए रेलवे ट्रैक पर जगह-जगह पड़े हुए मिलते हैं तकरीबन 2 किलोमीटर दूर तक फैले पड़े थे क्योंकि पूरी रात भर वहां से ट्रेनों का आना जाना हुआ होगा और इस तरह से उसके शरीर को छक्त विक्षप्त हालत में समेटा जाता है।

इस कहानी के पीछे एक बहुत बड़ा रहस्य है दोस्तों। आज के दौर में ज्यादातर ऐसे किस्से, ज्यादातर ऐसी घटनाएं हो रही हैं जिनकी वजह से लोगों की जान 1 मिनट में चली जा रही है। बहुत ही इंटरेस्टिंग है कि आखिर किस वजह से इस बेचारे लड़के की जान चली जाती है।

यह घटना घटित होती है हरियाणा के अंदर पलवल जिला पड़ता है और पलवल जिले का एक होड़ शहर पड़ता है। उस होडल शहर के अंदर जो कि कोसी उत्तर प्रदेश के और होड़ शहर के बीच में एक बॉर्डर पड़ता है। यानी कि हरियाणा की लास्ट लाइन है। कोसी में प्रवेश करते हैं बॉर्डर पर वहीं पर यह होटल बना हुआ है। अब दोस्तों यहां पर क्या होता है? होटल के अंदर एक ओम प्रकाश नाम का लड़का रहा करता है।

जिसकी उम्र फिलहाल 30 साल हो चुकी है। घर में माता-पिता और इसके बड़े भाइयों की शादी पहले ही हो चुकी है। मगर ओम प्रकाश की शादी 30 साल की उम्र तक भी नहीं हुई है। इसके पीछे का कारण क्या था? पीछे का कारण यह था। एक तो ओम प्रकाश जो था वह सादा सिंपल कपड़े पहना करता।

सादा सिंपल स्वभाव का था। ज्यादा अपने शरीर की केयर नहीं करता। मतलब ऐसे ही सिंपल तरीके से जैसे किसान रहा करते हैं। इस तरह से रहा करता खेतों में लगा रहा करता। मां-बाप की बातों को माना करता। बहुत ही सीधा इंसान था। बहुत ही सीधा-साधा लड़का था। उसको ज्यादा कोई ना शौक थे।

ना ज्यादा कपड़े पहनने के, ना जूते पहनने के। यहां तक कि बाल भी मुंडवाता था तो पूरा सर ही मुंडवा दिया करता था कि भाई ठंडी-ठंडी हवा लगेगी। इस तरह के लोग कुछ होते हैं दोस्तों समाज के अंदर जो बहुत सीधे-साधे लोग होते हैं। इसी तरह का सीधा-साधा लड़का यह ओम प्रकाश था। अब यहां पर क्या होता है दोस्तों इसको देखने वाले भी काफी आया करते थे खेतीबाड़ी है इनके पास लेकिन देखने वाले आते तो लड़के की सादगी को देखकर सिंपल पने को देख कर के रिश्ता कैंसिल कर जाया करते कि ये तो बिल्कुल ऐसा मतलब पिछले जमाने का लगता है।

इस तरह से कुछ कह दिया करते कई बार घरवाले जब रिश्ता तय कर दिया करते लड़की के तो लड़की जब इसका फोटो देखती तो लड़की इसको कैंसिल कर दिया करती कि मुझे इस लड़के से शादी नहीं करनी है तो बिल्कुल मतलब एक तरह से बहुत ज्यादा सिंपल सादा स्वभाव का है। सादा है। अब यहां पर इस तरह से इसकी उम्र 30 साल हो जा रही थी। लड़का भी बहुत उम्मीद करता है कि किसी तरह से घर बस जाए। उसके भी बच्चे हो। उसका भी एक परिवार हो।

पर लड़के के हाथ में नहीं होता है दोस्तों ये सब। और लड़का जो कि कभी ना किसी से कोई अफेयर था। इसका ना किसी लड़की के चक्कर में था। बस सिंपल स्वभाव खेतीबाड़ी में किया करता। ध्यान रखा करता और अपना घर से खेत तक मतलब और बस इतना ही काम किया करता। अब क्या होता है दोस्तों? तो इसी साल 2026 में मथुरा के शेरगढ़ से एक रिश्ता आता है। जैसे तैसे जैक जुगाड़ लगा के वह रिश्ता आता है।

तो वह लड़की के जो मां-बाप या जो घरवाले होते हैं लड़के को देखने के लिए आने वाले थे। तो अबकी बार लड़का थोड़ा सा समझ गया था कि भाई मैं बहुत ज्यादा सिंपल रहता हूं। सादा कपड़े पहनता हूं तो लड़की वाले इसलिए मुझे पसंद नहीं करते। रिजेक्ट करते हैं। तो अबकी बार इस लड़के ने अच्छे से बाल बनवाए थे। बाल-बाल सेट करवाए बिल्कुल लड़कों की तरह जो बहुत ही सुंदर लग रहे थे।

अच्छे कपड़े खरीद कर लाया था जिससे कि लड़की वाले उसको रिजेक्ट ना करें और उसके बाद यह लड़की वाले जब इसके घर पर आते हैं तो अब इसको देखते हैं भाई होलिया वगैरह सब ठीक है। कपड़े भी अच्छे हैं और बहुत सुंदर लग रहा है फिलहाल तो और उसके बाद जो लड़की वाले होते हैं अपनी लड़की के लिए इसका रिश्ता तय कर देते हैं और फिर शादी की तारीख तय की जाती है। अब लड़का बहुत खुश हो जाता है कि अब उसका भी घर बसेगा। उसके भी बच्चे होंगे। उसकी भी पत्नी होगी कोई घर में खाना बनाने वाली। उसका भी कोई इंतजार किया करेगी जब वह बाहर जाया करेगा। तो अब शादी की तैयारियों में लड़का बहुत खुश हो जाता है।

खुश होकर के इधर-उधर अपना जो भी सामान उसको लेना होता है शादी के लिए वो सारी चीजों को का इंतजाम कर रहा होता है। शादी फिक्स हुई थी अप्रैल 2026 के अंदर 29 अप्रैल 2026 को शादी थी दोस्तों अभी-अभी इसी साल के अंदर और फिर जब शादी नजदीक आ जाती है तो ओम प्रकाश दूल्हा बनता है। शेरवानी अच्छे से खरीद कर लाता है।

मां-बाप तो यह कह रहे थे किराए पर ले ले बेटा लेकिन यह कह रहा था नहीं मैं अपनी शेरवानी को रखे रखूंगा और मेरी पहचान होगी मतलब जीवन भर इसको अपने पास रखूंगा जिससे कि मेरी याद बनी रहे कि शादी हुई थी और उसके बाद दोस्तों जो लड़की थी उसका नाम होता है भूमिका वह बहुत सुंदर थी उसके फोटो को देखकर भी लड़का खूब खुश हो जाया करता कि ऐसी दुल्हन तो मुझे मिलेगी बहुत अच्छी दुल्हन है।

अब होटल से बारात तैयार होती है 29 अप्रैल को और गाड़ियां भर दी जाती है बारात से डीजे बजता है धूमधाम से बारात यहां से विदा हो के सीधा मथुरा पहुंच जाती है वहां के शेरगढ़ में वहां पर शादी थी तो वहां पर शादी बड़े धूमधाम से होती है अच्छा बैंकट हॉल वगैरह खूब अच्छी तरह से इंतजाम थे शादी होने के बाद शाम को रात के समय में दुल्हन अपने पति के साथ अपने ससुराल आती है यानी कि ओम प्रकाश दुल्हन लेकर के होटल पहुंचता है और होड़ आने के बाद सारी रस्में रीति रिवाज जो भी कुछ होते हैं वह सब होते हैं और फिर दोस्तों रात को दूल्हा दुल्हन दोनों कमरे में चले जाते हैं और फिर उसके बाद दोस्तों रात गुजर जाती है। घ

रवाले खुश दूल्हा भी खुश था। अब रात जैसे गुजर जाती है तो सुबह होती है। सुबह जो घरवाले होते हैं वह कहते हैं कि अभी बहुत सारी रीति रिवाजें रस्में अधूरी पड़ी हैं।

मंदिर पर जाना है। बहुत सारे गांव के अंदर ऐसी चीजें होती हैं दोस्तों। तो अब सुबह-सुबह लड़का कमरे से बाहर नहीं आता है। तकरीबन सुबह के 8 और 9:00 बज जाते हैं। तो उस समय बहुत ज्यादा लेट हो जाता है। घरवाले कहते हैं क्यों नहीं आया है अंदर से बाहर? तो वह जाकर के दरवाजा खुलवाते हैं। दुल्हन अंदर बैठी हुई थी। उससे पूछते हैं कि बेटी लड़का कहां है?

ओम प्रकाश कहां है? दुल्हन कहती है वो तो जी खेतों पर चले गए कह के कि मैं घूम कर आता हूं और वहां पर नहीं थे। घर वालों को पता था कि इसको खेतों से बहुत ज्यादा प्यार है। तो चला जाया करता था घूमने फिरने का। मतलब शौक था इसको खेतों पर। सुबह-सुबह जाना, ठंडी हवा लेना, वहां घूम कर आना। तो अब घर वाले इसको ढूंढने के लिए खेतों पर जाते हैं। खेतों पर यह नहीं मिलता है तो खेतों से इधर-उधर ढूंढते हैं। तभी दोस्तों वहीं पर खेतों पर खेतों से थोड़ी दूरी पर एक भुलवाना पड़ता है। यानी कि होड़ का रेलवे स्टेशन जो कि भुलवाना गांव के अंदर है। होडल से दो-ती किमी साइड में है।

उस भुलवाना रेलवे स्टेशन की पटरियों के पास रेलवे स्टेशन से थोड़ी दूरी पर एक पड़ा था छक्त-विक्षप्त और उसने शेरवानी पहनी हुई थी। दोस्तों, उसके बाद यह जो घरवाले होते हैं, दौड़कर वहां पर पहुंचते हैं और जाकर देखते हैं कि वह तो इनका ही बेटा ओम प्रकाश था। देखकर के घरवालों का रोना-धोना स्टार्ट हो जाता है। मां बार-बार रो रही होती है कि यह शेरवानी जो बेटा मेरी शेरवानी को हमेशा रखने के लिए कह रहा था। आज उस शेरवानी के समेत मेरे बेटे की यहां पर हो गई है। अब उसके बाद जो उसके शरीर के जो हिस्से थे वो तकरीबन डेढ़ से दो किमी दूर तक फैले हुए थे और जो वह रेलवे कर्मचारी होते हैं जो भी वहां की पुलिस होती है वो फावड़ों से उन को इकट्ठा कर रही थी। कुत्ते उन शवों के टुकड़ों उस सब के टुकड़ों को मुंह में लेकर इधर-उधर घूम रहे थे। लेकिन उनसे उनको धमका धमका कर उनसे वो टुकड़े गिरवाए जा रहे थे।

अब दोस्तों यहां पर सबको एकत्रित कर लिया जाता है और एक गठरी बंध जाती है। यानी कि रात के समय वह गया होगा और वहां जाने के बाद जैसे ही वह रेल के सामने कूदा था तो उसके बाद एक बार तो रेल निकल गई। फिर उसके बाद ना जाने कितनी रेल उसके ऊपर से गुजरी होंगी तो इसलिए उसके शरीर के सब के बहुत ज्यादा हिस्से हो गए थे।

अब तो यहां पर बहुत बड़ा मामला था। भाई कल ही शादी होकर आई है और आज दूल्हा पटरियों पर पड़ा हुआ मिला। उसके शरीर के हिस्से मिले। तो उसके बाद जो पुलिस होती है अपनी कारवाई करती है और पूछना और जानना चाहती है कि आखिर मामला क्या था? तो पुलिस अब इस लड़के के फोन को काबू में ले लेती है और उस फोन में जब पुलिस चेक करती है तो यहां पर एक और नया राज पुलिस के सामने खुलकर आता है।

उसके WhatsApp पर किसी लड़के का मैसेज वगैरह आ रहे थे और लड़के ने बहुत सारे फोटो भेजे थे और वीडियोस भेजे थे। और दोस्तों जब पुलिस उन वीडियोस को और फोटोज को देखती है तो उन वीडियोस में जो इसकी पत्नी थी जो शादी करके दुल्हन बनकर कल ही इसके घर पर आई थी उसके और उसके प्रेमी के निर्वस्त्र वीडियो थे।

यानी कि गंदे वीडियो उसमें थे और कई वीडियो पड़े हुए थे जो इसकी पत्नी थी नई नवेली दुल्हन उसके प्रेमी के साथ बहुत सारे वीडियो किसी ने किसी ने क्या उसके प्रेमी ने ही ओम प्रकाश के WhatsApp पर भेजे हुए थे। और उसके साथ में मैसेज भी वहां पर लिखा हुआ था और मैसेज क्या लिखा हुआ था कि तुमने भूमिका से संबंध बनाने की कोशिश भी की और छूने की कोशिश भी की तो तुम्हें जान से हाथ धोना पड़ेगा।

तुम्हें इस दुनिया से मिटा दिया जाएगा और भूमिका की वीडियो तेरे सारे रिश्तेदारों को मैं भेज दूंगा। और उसके बाद कहा जाता है कि भूमिका खुद तेरे खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करेगी। अगर तुमने भूमिका को टच करने की और संबंध बनाने की कोशिश की तो भूमिका थाने में जाएगी और तुम्हारे खिलाफ ही एफआईआर दर्ज करवाएगी। यानी कि सीधा मतलब था कि तू संबंध मत बनाइयो तू चुपचाप रहियो और भूमिका भी की भी इसमें पूरी प्लानिंग थी जो दुल्हन थी। अब तो दोस्तों उसके बाद दुल्हन को पकड़ा जाता है और उससे पूछताछ की जाती है तो जो दुल्हन होती है वह बताती है।

भूमिका कि रो-रो करके कि मैंने यह सब कुछ करवाया है क्योंकि शादी से पहले मैं एक लड़के से प्यार करती थी। उसके साथ जीना मरना उसी के साथ रहना उसी के साथ जीवन गुजारने की कसमें खाई थी। मगर मेरे घरवालों को पता लगा तो उन्होंने विरोध किया और उस लड़के से मेरी शादी बिल्कुल ना करने की बात कही और फिर मेरी शादी इस लड़के से कर दी। लेकिन मेरे प्रेमी ने कहा था कि मुझे तुम अपने दूल्हे का नंबर दो। तो मैंने उसको दूल्हे का नंबर दे दिया। और फिर उसके बाद प्रेमी ने दूल्हे के पास ही वो पुराने वीडियोस भेज दिए जो प्रेमीप्रेमिका ने आपस में एक दूसरे के साथ मिलकर के संबंध बनाते हुए बनाए थे और धमकी दी थी दूल्हे को। अब तो दोस्तों दूल्हा यहां पर जो लड़का था।

ओम प्रकाश वो अब गहरी सोच में पड़ जाता है कि वैसे तो पहले तो शादी नहीं हो रही थी। जैसे तैसे अब शादी हुई है तो मेरी पत्नी की वीडियो जब मेरे रिश्तेदारों के पास जाएंगी तो लोगों में हमारी क्या इज्जत रहेगी। सूधे स्वभाव का लड़का था और फिर उसके बाद उसने यही डिसीजन लिया कि जब मैं अपनी पत्नी से टच भी नहीं हो सकता और कोशिश की थी उसने रात भर लेकिन वह टच नहीं हो पा रहा था और उसके साथ उसके प्रेमिका जो दुल्हन थी उसके प्रेमिका का फोन प्रेमी का फोन भी उसके पास बार-बार आ रहा था दूर रहियो दूर रहिए और खुद जो पत्नी दुल्हन थी वो भी दूर रहने के लिए उसे कह रही थी कि दूर रहो दूर रहो इस तरह से रात भर वह टॉर्चर किया गया था और फिर उसने अपनी कहते हैं एक तरह से वह हार गया कि अब क्या होगा? अब मैं लोगों को बताऊंगा। बड़ी बदनामी होगी। इधर-उधर की कैसी दुल्हन आई है। लोग हसेंगे कि देखो इसकी दुल्हन इसे सुहागरात नहीं मनाने दे रही है। मतलब उसने अपनी बेइज्जती ही महसूस की और थोड़ा सा सीधा साधा स्वभाव का वह था ही और वह फिर सीधा रात के समय खेतों पर जाने की कहकर और ट्रेन की पटरी पर जाकर आराम से सो जाता है।

दोस्तों, मैं तो यहां पर यही कहूंगा खैर, यह सीधा-साधा लड़का था। मगर अब अगर कोई ऐसी परिस्थिति आ जाए शादी के बाद तो तुरंत हंगामा कर देना चाहिए और तुरंत लड़की के घर वालों को बुला करके लड़की को उनके साथ तुरंत वहां से रवाना कर देना चाहिए था इसको कि ले जाओ अपनी लड़की को हमें इसके साथ नहीं रहना जब इसका इतना अफेयर है इतना चक्कर है तो और इसको शर्म करने की क्या बात थी आज के दौर में तो लड़कियां निकल ही ऐसी रही है इसमें इस ओम प्रकाश की गलती थोड़ी थी वो तो दूसरे की परवरिश थी और दूसरा परवरिश कैसे करता अपनी बेटी की उसके बारे में उसकी गलती ओम प्रकाश की कैसे हो सकती है गलती? हां, अगर ओम प्रकाश परवरिश करता, ओम प्रकाश की परवरिश होती, कोई उसमें गलती होती तो इसको शर्म लगनी चाहिए थी। मगर लड़की जो होती है तो गोथ बचा कर आती हैं। पता नहीं कैसी परवरिश होगी हुई होगी। कैसे कैसा खानदान रहा होगा तो इसमें लड़के को टेंशन लेने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।

लेकिन ये ओम प्रकाश ले गया और इसे अपनी जान से हाथ धो बैठा। बहुत गलत किया। इससे अच्छा तो कहीं जंगलों में निकल जाता, भक्ति करता, भगवान को प्राप्त करने की जिद पकड़ लेता। तो यह जीवन कम से कम काम तो आ जाता।

इस जीवन को चुटकी भर में नष्ट कर दिया। तो यह गलती की थी ओम प्रकाश ने। बहुत ही गलत हुआ इस बेचारे के साथ। तो आप जो भी कुछ कहना चाहते हो अपनी राय कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं। वीडियोके लास्ट में कुछ भाइयों के नाम जरूर लेना चाहूंगा क्योंकि कल मैंने वीडियो में नाम नहीं लिए थे तो बहुत सारे भाइयों की शिकायत आई है कि भाई नाम नहीं लिया आपने।

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