आखिर फ्लाइट दुबई के विमान को गिराने की कोशिश करने वाला ओमानी पायलट ओमान का जो नागरिक है उसका मकसद क्या था? क्यों वो फ्लाइट को गिराना चाहता था? आखिर किस सोच के तहत वो 180 यात्रियों की जिंदगी को खतरे में डाल रहा था? किस सोच के तहत उस उसने अपने ही साथी पायलट यानी फ्लाइट के मुख्य पायलट पर जानलेवा हमला किया?
आखिर किस विचारधारा से वह प्रभावित है? किसी संगठन से जुड़ा है? किस सोच से प्रभावित है? क्या मकसद था? क्यों विमान को हाईजैक करके वो क्रैश कराना चाहता था? ऐसे तमाम सवाल हैं जिनके जवाब अनसुलझे हैं, जवाब नहीं मिल रहे हैं। लेकिन अगले कुछ मिनट में हम आपको बताने जा रहे हैं इस वीडियो में कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्या ने जो बयान दिया, जो जानकारी दी है, उसके बाद एक बार फिर से कट्टरपंथ को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं कि किस तरह की कट्टरपंथी सोच इस दुनिया में चल रही है।
हमने एक वीडियो बनाकर आपको बताया था और आपने अलग-अलग प्लेटफार्म पर देख भी लिया होगा कि किस तरह से फ्लाई दुबई का विमान जिसे क्रैश कराने की कोशिश हो रही थी। लेकिन एक भारतीय पायलट कैप्टन स्मिथ ने अपनी जान पर खेलकर उस विमान को बचा लिया और सुरक्षित तरीके से सऊदी अरब में विमान लैंड करा लिया गया। को पायलट ओमान का नागरिक जिसने कैप्टन स्मिथ पर हमला किया। चाकू से मारा और चाकू से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मिथ ने हिम्मत दिखाई और कॉकपेट का दरवाजा खोला। लोगों को मदद के लिए अंदर से बुला लिया अपने क्रू मेंबर्स को और उसके बाद जो कोपायलट ओमान का नागरिक था उसे अपने कब्जे में ले लिया और उसके बाद विमान को सुरक्षित लैंड करा लिया गया।
यह पूरी घटना पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। नेतन्या ने भारतीय पायलट को सलाम किया है। उसे रियल हीरो बताया है। डोनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय पायलट की सराहना की और कहा है कि वो वाकई वास्तव में एक हीरो है जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर बहादुरी से लड़ते हुए सूझबूझ दिखाते हुए तमाम यात्रियों की जान बचा ली। इसी तरह से दुनिया के तमाम देश तमाम लोग इस पायलट को सलाम कर रहे हैं। इजराइल की जनता चाहती है कि इजराइल की सरकार भारतीय पायलट को वहां का सर्वोच्च जो सम्मान बहादुरी का सम्मान होता है उससे नवाजे और जाहिर तौर पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो जारी करके इस पायलट की सराहना की है और उसके जज्बे को उसके हौसले को उसकी ताकत उसके साहस को सलाम किया है।
उनके परिवार वालों से कैप्टन स्मिथ के परिवार वालों से भी नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री ने बातचीत की है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि ओमान का नागरिक को पायलट जिसने प्लेन क्रैश कराने की कोशिश की वो कौन है? उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। अभी तक नाम उसका छुपाया जा रहा है। हो सकता है सुरक्षा के लिहाज से छुपाया जा रहा है या किसी और वजह से। लेकिन मैं आपको बता देता हूं कि नेतन्या ने क्या जानकारी उसके बारे में दी है। आप जानकर हैरत में पड़ जाएंगे कि कट्टरपंथी सोच से वो प्रभावित है और इस्लामिक कट्टरपंथी सोच से वो प्रभावित बताया जा रहा है। विमान का जो कोपायलट था और बताया जा रहा है कि मजहबी झुकाव उसका था। यानी अपने मजहब के लिए झुकाव था। महिलाओं से हाथ तक नहीं मिलाता था।
यानी जो इस्लामिक कट्टरपंथी सोच होती है ना कि महिलाओं को बुर्खे में रखना है, महिलाओं को नकाब में रहना है, महिलाओं को हिजाब में रहना है, उनसे हाथ नहीं मिलाना है, पुरुषों से हाथ नहीं मिला सकती हैं। वो उस सोच का व्यक्ति था और महिलाओं से हाथ भी नहीं मिलाता था। दरअसल दुबई से तेल अवीफ जा रही थी यह फ्लाइट जिसमें चाकूबाजी की घटना हुई थी और को पायलट जो है ओमान का नागरिक वो कट्टर मजहबी विचारधारा का व्यक्ति है।
नेतन्या ने कहा कि ओमानी पायलट को इस्लामी कट्टरपंथ की शिक्षा दी गई है प्रॉपर। उन्होंने यह बातें कही है और इसी को लेकर पायलट की पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं करने की बात कही गई है क्योंकि इजराइल की जो एजेंसीज है वो मामले की जांच कर रही हैं। नेतन्या ने कहा कि अगले कुछ दिनों में यह भी पता चल जाएगा कि क्या ओमानी को पायलट को ईरान से कोई उसका संबंध था या नहीं। अगर ईरान से संबंध था इसका मतलब है कि उसने ईरान के कहने पर यह सब कुछ किया है। उन्होंने कहा कि को पायलट इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था और इसी के तहत उसने किया है। लेकिन इस बीच सवाल उठ रहे हैं कि इस मामले पर यूएई और सऊदी ने अब तक चुप्पी साधी हुई है। इन दोनों देशों ने इस पर कोई बयान जारी नहीं किया है। जबकि 24 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं। इजराइल की सरकारी एजेंसियों ने कहा है कि विमान का को पायलट ओमानी नागरिक था। सऊदी अरब में उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ हो रही है। स्मिथ को ओमान के कोपायलट ने चाकू से मारा था।
जिससे प्लेन खतरनाक तरीके से नीचे गिरने लगा था। लेकिन स्मिथ ने हिम्मत दिखाई और उसके बाद सऊदी अरब में विमान को लैंड कराया गया। इस घटना के पीछे का मकसद अब तक पता नहीं चला है। यानी अब तक बातचीत में पूछताछ में बहुत कुछ खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन दरअसल ओमानी पायलट को जो उसका साथी है वो बता रहा है कि यह चरमपंथी सोच का व्यक्ति था। ओमान के इस पायलट को उसके एक साथी पायलट ने मजहबी चरमपंथी बताया। इजराइल स्थित वाई नेट की वहां एक न्यूज़ एजेंसी है। उसके मुताबिक इजराइल ने इस घटना को जिहादी आतंकवादी हमले की कोशिश करार दिया है। इजराइल मान रहा है कि यह जिहादी आतंकवादी हमले की कोशिश थी। मोसाद और शिन बेट समेत अपनी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को इसकी जांच करने का जिम्मा इजराइल ने सौंप दिया है। तेल अवीव के एक न्यूज़ चैनल के एडिटर ने कहा है कि फ्लाई दुबई के साथी पायलट ने आरोपी ओमानी को पायलट के व्यवहार को बहुत ज्यादा खौफनाक और मजहबी सोच वाला बताया है।
बताया जा रहा है कि वो दिन भर बहुत ज्यादा प्रार्थना करता था। मजहबी प्रार्थना में लगा रहता था। महिलाओं से हाथ मिलाने से मना कर देता था और वो हमेशा महिलाओं को इसी नजरिए से देखता था कि उन्हें किसी भी पुरुष से हाथ नहीं मिलाना चाहिए। उन्हें बुर्खे में होना चाहिए, पर्दे में होना चाहिए, हिजाब में होना चाहिए। यानी एक बात तो तय है कि इस्लामिक कट्टरपंथ वाली सोच इस घटना में भी साबित होती है और पता चलता है कि किस तरह से मजहबी शिक्षा देकर एक ऐसे आतंकवाद के पौध को तैयार किया जा रहा है जो पूरी दुनिया के लिए खतरनाक हो सकता है। हालांकि इस मामले में अभी खुलासे बहुत सारे होने हैं। बहुत सारी जानकारी अभी आना बाकी है। लेकिन शुरुआती जानकारी बहुत खतरनाक संकेत दे रही है कि वाकई इसका मकसद था इजराइल के यात्रियों को मारना और शायद जो युद्ध चल रहा है ईरान के साथ या फिलिस्तीन के साथ उसका बदला लेना क्योंकि इस्लामिक कट्टरपंथी सोच से वो बेहद प्रभावित बताया जा रहा है ओमानी नागरिक गिरफ्त में है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और एजेंसियां इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं।