रूस के एक हमले ने भारत को बहुत बड़ा फायदा पहुंचा दिया है। रूस की एक ने खुफिया जगह पर मौजूद एक सीक्रेट फैक्ट्री को उड़ा दिया जिसने बैठे-बठाए भारत को बड़ी जीत दिलवा दी।
दरअसल यह सारा खेल यूक्रेन की एक खुफिया जगह पर हुआ है। यूक्रेन के कॉमेडियन राष्ट्रपति जेलस्की भारत और रूस दोनों के साथ एक षड्यंत्र कर रहे थे। लेकिन जेलस्की को नहीं पता था कि रूस मिसाइल के बटन पर हाथ रखकर बैठा है।
रूस ने यूक्रेन पर हमलों की झड़ी लगा दी। लेकिन इन हमलों में रूस की एक ऐसी जगह पर जाकर गिरी जिसने भारत का बदला भी ले लिया है। रूस ने यूक्रेन की किस खुफिया जगह पर गिराई है उसे देखने से पहले आप यह समझ लीजिए कि यूक्रेन ने भारत से क्या गद्दारी की है।
दरअसल यूक्रेन अमेरिकी डीप स्टेट के साथ मिलकर भारत में कुछ खतरनाक करने की फिराक में है। इसका खुलासा तब हुआ जब मार्च में भारत ने सीआईए एजेंट मैथ्यु वेंडाइक के साथ छह यूक्रेनी एजेंट्स को पकड़ा। यह सभी एजेंट्स भारत के पड़ोसी देश म्यांमार के को चलाने की ट्रेनिंग दे रहे थे। यूक्रेन से खतरनाक की एक खेप म्यांमार पहुंचा भी दी गई थी। इसके बाद एक-द दिन पहले ही भारत नेपाल बॉर्डर पर एक पूर्व अमेरिकी सैनिक और एक यूक्रेनी महिला को भी पकड़ा गया है।
लेकिन सबसे हैरान करने वाली खबर यह है कि यूक्रेन पाकिस्तानी सेना को भी चलाने की ट्रेनिंग देता पकड़ा गया है। यानी म्यांमार, नेपाल और पाकिस्तान। यूक्रेन भारत के पड़ोसी देशों में और को और उन्हें चलाने की ट्रेनिंग दे रहा है।
इन तीनों जगहों पर आपको यूक्रेन और अमेरिका का गठबंधन दिखेगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना ने भारत के ठिकानों पर हमला करने के लिए लगभग 600 का इस्तेमाल किया था।
लेकिन भारत ने सभी ड्रोनस को मार गिराया था। ऐसे में पाकिस्तान अपनी सेना को यूक्रेन के ड्रोंस एक्सपर्ट से और भी ज्यादा सोफेस्टिकेटेड ट्रेनिंग दिलवा रहा है। लेकिन इस खेल में अचानक रूस की एंट्री हो गई। रूस ने यूक्रेन की एक खुफिया ड्रोन फैक्ट्री को उड़ा दिया है।
दावों के मुताबिक रूसी मिसाइल ने यूक्रेन में मौजूद एक खुफिया ड्रोन फैक्ट्री के परखच्चे उड़ा दिए। सबसे दिलचस्प बात यह है कि भारत और रूस से नफरत करने वाले अमेरिकी सेनेटर लिंडसे ग्रहम कुछ दिन पहले यूक्रेन की इसी फैक्ट्री में पहुंचे थे।
आप जानते ही हैं कि लिंडसे ग्रहम की रहस्यमई तरीके से मौत हो गई है। वो यूक्रेन की जिस सीक्रेट और खतरनाक ड्रोन फैक्ट्री में गए थे, उसी फैक्ट्री के एक हिस्से को रूसी ने उड़ा दिया। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूस की ने भारत के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले ड्रोंस को जलाकर रॉक कर दिया।
यूक्रेन ने अपनी फैक्ट्री को बनाया तो खुफिया जगह पर था लेकिन वह रूसी से नहीं बच पाई। बहरहाल आपको बता दें कि अमेरिका और यूक्रेन के एजेंट्स भारत के पीछे हाथ धोकर पड़ गए हैं।
यूक्रेन और पाकिस्तान तो सालों से मिलकर भारत के खिलाफ षड्यंत्र करते रहे हैं। पाकिस्तान ने भी यूक्रेन को रूस पर हमला करने के लिए कई बार भेजे। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो यूक्रेन संयुक्त राष्ट्र में कई बार ऐसे प्रस्तावों का समर्थन कर चुका है जो भारत के खिलाफ हैं। यूक्रेन ने भारत के का भी विरोध किया था। यूक्रेन कश्मीर मामले में संयुक्त राष्ट्र के दखल की भी मांग कर चुका है।