मुंबई दूरदर्शन में एक दिन फोन आया – खबर थी कि नर्गिस दत्त, जो अमेरिका में इलाज करा रही थीं, उनका निधन हो गया है। ये बड़ी खबर थी। याकूब सैय्यद ने फौरन मंत्रालय को सूचना दी।
कॉल पीएमओ तक गई और कहा गया कि पीएम इंदिरा गांधी को एयरपोर्ट पर ही ये खबर दी जाए। जिम्मेदारी याकूब सैय्यद को मिली। उन्होंने कैमरे के सामने इंदिरा जी को नर्गिस के निधन की खबर दी।
इंदिरा गांधी हैरान हुईं, दुखी भी हुईं, और कैमरे पर श्रद्धांजलि दे दी। इसके बाद याकूब सैय्यद देव आनंद के ऑफिस पहुँचे, उनका रिएक्शन रिकॉर्ड किया। लेकिन जब दत्त साहब के घर पहुँचे, तो देखा संजय दत्त दोस्तों के साथ हँसते-बोलते बैठे हैं।
उन्होंने बताया कि नर्गिस जी तो पहले से बेहतर हैं। यानी खबर झूठी थी।ये झूठी खबर पीएम तक पहुँच चुकी थी। इंदिरा गांधी बेहद नाराज़ हुईं और कुछ लोगों की नौकरी भी गई।