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एक ऐसी अभिनेत्री जिसके हर कदम पर खड़े हुए विवाद! क्यों मुंडवा लिया था सिर?

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वह लेस्बियन क्या हुई हंगामा हो गया और ऐसा वैसा हंगामा नहीं जान के लाले पद गए थे लेकिन यह एक बार नहीं था जो भी फिल्म वह करती किसी ना किसी विवाद में फैंस ही जाते कभी उनके पोस्ट जाते तो कभी उन्हें जान से करने की धमकी तक मिल जाति कभी उसके गहरी सांवले रंग को निशाना बनाया जाता तो कभी सुंदरता के तराजू पर कल कर उसके मनोबल को तोड़ने की कोशिश की जाति मगर वह काफी जिद्दी थे संभावनाएं तलाशती रहती और फिल्में भी हमेशा लीग से हटकर ही करती ऐसी फिल्में जिसमें लोग उनके चेहरे को नहीं बल्कि उनके किरदार को याद रखते इस अभिनेत्री के साथ जुड़ी बहुत कम फिल्में और बहुत ज्यादा बवंडर हम बात कर रहे हैं फिल्म डायरेक्टर और एक्टर नंदिता दास की जिन्होंने अपनी पहले फिल्म में लेस्बियन बनकर और टॉपलेस होकर है और अपनी सा अभिनेत्री के साथ बोल्ड साइंस देखकर ऐसा हंगामा खड़ा कर डाला की उसने हिंदुस्तान के सिनेमा में एक अलग ही इतिहास लिख डाला यह वह अभिनेत्री रही जिन्हें अपनी हर आने वाली फिल्म से पहले ही आलोचना का शिकार होना पड़ा क्या मीडिया और क्या सामाजिक संगठन सभी एक और में इनका बॉयकॉट किया करते मगर हर बार एक कलाकार होने के नाइट इन्होंने किसी भी डेयर को माने से इनकार कर दिया और इनका यूं बेदरा हो जाना

इन्हें कामयाबी के उसे शिखर पर ले गया जहां से इन्हें पूरे विश्व ने चमकते हुए देखा नंदिता दास अपनी समकालीन अभिनेत्री से हमेशा 10 कम आगे रहे कभी उन्होंने किसी फिल्म के लिए अपना सर मुंडवाया तो कभी रेप पीड़िता बनी और कभी करैक्टर में इतना डब गई की अपने को एक्टर को ही दिल दे बैठे क्या है वो मामला जब इन्हीं के को एक्टर की बीबी ने इन पर लगाया एक संगी नेलजम अभिनेत्री जब डायरेक्शन के फील्ड में उतरी तो इनकी पहले ही फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर ली इन तमाम बटन पर करेंगे चर्चा आप बस बने रहिए हमारे साथ हमारे चैनल वर्दी मंथन में दोस्तों अगर आप चैनल पर नए हैं तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर लेने ताकि ऐसी ही अनसुनी कहानी हम आपके लिए हमेशा लेट रहे मशहूर चित्रकार जतिन दास और लेख का वर्षा दास की बेटी नंदिता दास का जन्म साथ नवंबर 1969 को मुंबई में हुआ था इनके पिता उड़िया है और इनकी मां गुजराती नंदिता दिल्ली में पाली बधाई उन्होंने दिल्ली के सरदार पटेल विद्यालय से अपनी स्कूलिंग पुरी उसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से इन्होंने ज्योग्राफी में ग्रेजुएशन कंप्लीट किया और फिर दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल क से सोशल क में मास्टर्स की डिग्री हासिल की अपने पिता को देखकर नंदिता दास को भी बचपन में पेंटिंग्स बनाने का काफी शौक रहा इसके अलावा वो अपनी पढ़ाई में भी हमेशा टॉपर रही एक्टिंग की दुनिया में आने से पहले वो कॉलेज में भी नुक्कड़ नाटक किया करती थी उन्होंने जन्नाट्य मंच से जुड़कर कई नैटको की प्रस्तुति दी जन्नती मंच में इन्होंने 6 सालों तक कम किया था इसके अलावा उन्होंने कई गोस के साथ भी कम किया नंदिता दास ने पहले बार कैमरे का सामना प्रकाश झा की एक फिल्म से किया था प्रकाश झा ने 1987 में टीवी के लिए एक लघु फिल्म परिणीति बनाई थी इसमें नंदिता का छोटा लेकिन दमदार रोल था इस फिल्म को काफी सारा ना मिली लेकिन नंदिता के करियर को इससे कुछ फायदा नहीं मिला साल 1996 में दीपा मेहता ने एक फिल्म बनाई नाम था फायर इस फिल्म में शबाना आज़मी कुलभूषण खरबंदा और जावेद जाफरी जैसे कलाकार थे

और इन सब के साथ इस फिल्म में नंदिता दास भी थी इस फिल्म का टॉपिक बहुत ही ज्यादा बोल था दीपा मेहता ने जो इस फिल्म के लिए विषय चुनाव था वो कहानी से भी भारतीय समाज में स्वीकारियां नहीं था और ऐसे में आज में गी का कम कर गया जब दोनों एक्ट्रेस के बोल्ड साइंस दिखाएं गए ऐसे साइंस को देखकर लोग बौखला गए और लोगों ने इसे भारतीय समाज के मुंह पर एक तमाचा कार दिया इस फिल्म का शिवा सैनिकों और बजरंग दाल के लोगों ने खुलकर विरोध किया था सिनेमाघर में तोड़फोड़ की गई यहां तक की फिल्म की लीड एक्ट्रेस शबाना आज़मी और नंदिता दास को जान से करने तक की धमकी दी गई देशभर में हो रहे जबरदस्त विरोध को देखते हुए इस फिल्म को बन कर दिया गया मगर नंदिता दास के करियर में यह फिल्म मिल का पत्थर साबित हुई इस फिल्म के बोल्ड साइंस ने नंदिता दास को रातों रात स्टार बना दिया था मगर उसके बाद उनकी र आसन हो गई ऐसा बिल्कुल भी नहीं था क्योंकि उन्होंने रास्ते ही टेढ़े मधे चुने थे साल 1998 में नंदिता दास ने आमिर खान के साथ एक फिल्म में कम किया जिसका नाम था अर्थ 1947 इस फिल्म में एक्टर राहुल खन्ना के साथ उनका एक इंटिमेट सीन भी था राहुल खन्ना विनोद खन्ना के बेटे और अक्षय खन्ना के भाई हैं अगर आप इनके बड़े में ज्यादा जानना चाहते हैं तो डिस्क्रिप्शन में दिए गए वीडियो लिंक पर जाकर पुरी वीडियो देख सकते हैं एक बेहतरीन अभिनेता होने के बावजूद भी राहुल खन्ना किस तरह से बर्बाद हुए उसे वीडियो में हमने इसकी पुरी जानकारी दी है फिर साल 2000 में जगमोहन मुंडा की एक फिल्म आई जिसका नाम था बवंडर ये फिल्म राजस्थान की एक रेप पीड़िता भंवरी देवी की सच्ची कहानी पर आधारित है एक बार फिर नंदिता के सामने भंवरी देवी के किरदार के रूप में एक चुनौती खड़ी थी उन्होंने गांव की सीधी साधु मेहनती भंवरी निडर भंवरी और एक रेप पीड़िता भंवरी के किरदार में जी तरह से जान डाली की इससे और अच्छा करने की कोई गुंजाइश ही नहीं छोड़ी देखने वालों ने यहां तक का डाला की नंदिता दास के अलावा इस रोल को करना किसी और के बस की बात नहीं थी इस फिल्म में उनके शानदार और संजीव अभिनय को देख कर वास्तव में लोगों ने रेप की पीड़ा और दर्द को महसूस किया था यह फिल्म भी बने के साथ ही विवादों में ए गई फिल्म के मार्क्स पर ये आप लगा की उन्होंने बिना परमिशन के इस फिल्म को बनाया है जी वजह से इस फिल्म के करण हिंसा भड़काने का खतरा है अभी यह मामला चल ही रहा था

की इस फिल्म की लीड कास्ट एक बार और सुर्ख़ियों में ए गई दरअसल इसे फिल्म में नंदिता ने रघुवीर यादव की पत्नी का किरदार निभाया था खबरें ये उड़ चली थी की रघुवीर और नंदिता बहुत ज्यादा करीब ए गए थे और उधर रघुवीर की अपनी पत्नी से अनबन चल रही थी इसे बीच उनकी पत्नी ने यारोप लगाएं थे की नंदिता के प्यार में पढ़ने के करण उनके पति से उनके रिश्ते खराब हुए उन्होंने कहा की रघुवीर नंदिता से शादी करना चाहते थे और उन्हें अपने माता-पिता से मिलवाने के लिए जबलपुर भी लेकर गए थे इस बयान के बाद नंदिता चर्चा में ए गई थी हालांकि उन्होंने इस विषय पर कोई भी कमेंट नहीं किया उनकी एक और विवादित फिल्म थी रॉकफोर्ड जिसमें एक टीचर और स्टूडेंट के बीच लव रिलेशन को दिखाए गया था इसके अलावा साल 2000 में हरी-भरी और 2001 में अक्सर उनकी कुछ और विवादित फिल्म में थी साल 2003 में आई फिल्म सुपारी में नंदिता का एक अलग ही रूप देखने को मिला इस फिल्म में उनके नेगेटिव किरदार ने लोगों का दिल जीत लिया था इसके अलावा साल 2002 में आई फिल्म पिता में भी उनके कम को खूब सराहन मिली 2007 में बिफोर डी रस और 2008 में रामचंद्र पाकिस्तान उनकी और कुछ फिल्में आई इन फिल्मों में उनके नेचुरल एबिन को देखा जा सकता है कम ही लोगों को पता है की फिल्म लगान के लिए नंदिता दास पहले पसंद थी पहले उन्हें अप्रोच भी किया गया लेकिन बाद में यह रोल ग्रेसी सिंह को मिल गया वाटर इस फिल्म में आजादी से पहले और आजादी के बाद आश्रमों में रहने वाली विधवा औरतें के जीवन को दिखाने की कोशिश की गई खासतौर से बाल विधवाओं पर होने वाले अत्याचारों को दिखाए दास और शबाना आज़मी को पतली सफेद साड़ी में शॉट देने थे जो की काशी के लोगों को पसंद नहीं आया क्योंकि इस फिल्म से वाराणसी जैसे तीर्थ स्थल का भी नाम जुड़ा था इसलिए कई हिंदू संगठनों ने इसे देश की छवि खराब करने वाली फिल्म बताया फिल्म के सेट पर तोड़फोड़ की गई यहां तक की आत्मदाह करने तक की धमकियां मिलने लगी इस फिल्म में अपने करैक्टर की तैयारी के लिए नंदिता दास ने अपना सर तक मुंडवा लिया था मगर चारों तरफ हो रहे शोर की वजह से दीपा मेहता ने इस फिल्म की शूटिंग को बनारस से श्रीलंका शिफ्ट कर दिया इतना ही नहीं फिल्म की पुरी स्टार कास्ट को भी बादल दिया लेकिन जो भी कम किया वो यादगार बन गया साल 2008 में उन्होंने अपनी पहले फिल्म फिराक बनाकर डायरेक्टर के रूप में देबू किया इस फिल्म का विषय भी काफी ज्यादा सेंसेटिव था क्योंकि इस फिल्म में 2002 में हुए गुजरात के दंगों को विषय बनाया गया

था इस फिल्म पर हिंदुओं के प्रति नफरत फैलाने का आप लगाया गया हालांकि इसे क्रिटिक्स की श्रेणी में बेस्ट फिल्म का फिल्म फेयर अवार्ड दिया गया था इसके अलावा इस फिल्म को 50 अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाए गया जिसमें से करीब 20 में इस फिल्म ने अवार्ड भी जीते थे इसके बाद उन्होंने 2017 में एक शॉर्ट फिल्म इन डिफेंस ऑफ फ्रीडम डायरेक्ट हसन मंटो के जीवन पर एक फिल्म बनाई जिसका नाम था मंटू इस फिल्म में एक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने मंटू का रोल प्ले किया था यह फिल्म भी लोगों को काफी पसंद आई कई भाषण में कम कर चुकी नंदिता दास की गिनती उन लोगों में होती है जिन्होंने अपनी एक्टिंग का भी लोहा मनवाया और साथ ही साथ डायरेक्शन का भी लिक से हटकर कम करने वाली इस अभिनेत्री की तुलना कई बार एक दिवंगत अभिनेत्री स्मिता पाटिल से भी की गई अगर अवार्ड की बात करें तो एक फिल्म फेयर और कई इंटरनेशनल अवार्ड इनके नाम दर्ज हैं नंदिता दास ने साल 2002 में सौम्या सेन से शादी की लेकिन 5 साल बाद दोनों अलग हो गए और तलाक ले लिया इसके बाद उन्होंने मुंबई के एक बिजनेसमैन सुबोध भास्कर को एक लंबे समय तक डेट किया और साल 2010 में उनसे शादी कर ली नंदिता और सुबोध का एक बेटा भी पर साल 2017 में नंदिता और सुबोध भी एक दूसरे से अलग हो गए फिलहाल नंदिता अपने डायरेक्शन के कम में व्यस्त रहती हैं और बाल अधिकारों के लिए कम करते हैं क्या आपने नंदिता दास की कोई फिल्म अच्छी है अगर हां तो हमें कमेंट्स में जरूर बताइएगा की आपको कौन सी फिल्म सबसे ज्यादा पसंद आई साथ ही साथ अगर आप चैनल पर नए हैं तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर लीजिएगा ताकि ऐसी ही अनसुनी कहानी हम आप तक लेट रहे

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