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PM मोदी और मेलोनी, दोनों ने मिलाकर लिखा लेख, दी अहम जानकारी।

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कल से पीएम मोदी और जार्जिया मैलोनी को लेकर बहुत सारी खबरे और विडियो वायरल हो रहे है। कल ही एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें पीएम मोदी मेलानी को चॉकलेट देते हुए नजर आए थे।

इसके बाद आज खबर सामने आई है कि दोनों ने मिलकर एक बहुत लंबा लेख लिखा है जिसमें उन्होंने आने वाले समय के लिए बहुत सारी योजनाएं बताई है।दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और इटली के रिश्ते अब सिर्फ अच्छे संबंध नहीं रहे. अब यह साझेदारी लोकतंत्र, आजादी, साझा मूल्यों और भविष्य की सोच पर आधारित एक खास रणनीतिक रिश्ता बन चुकी है. उन्होंने कहा कि बदलती दुनिया में दोनों देश मिलकर नई वैश्विक चुनौतियों का सामना करना चाहते हैं।

दूसरा दोनों नेताओं ने इस बदलते महल में एक साथ मिलकर काम करने की बात इस आर्टिकल में की।आर्टिकल में कहा गया कि आज अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था तेजी से बदल रही है. ऐसे समय में भारत और इटली राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर लगातार बातचीत कर रहे हैं. दोनों देश मानते हैं कि 21वीं सदी में वही देश आगे बढ़ेंगे जो नई टेक्नोलॉजी अपनाएंगे, ऊर्जा बदलाव संभालेंगे और रणनीतिक रूप से मजबूत बनेंगे.

तीसरा दोनों नेताओं ने कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, इंजीनियरिंग टैलेंट, बड़े स्तर पर उत्पादन क्षमता और 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न व 2 लाख स्टार्टअप्स की ताकत को इटली की डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और सुपरकंप्यूटर क्षमता के साथ जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ साझेदारी नहीं, बल्कि “को-क्रिएशन” यानी मिलकर नई वैल्यू बनाने का मॉडल होगा.

इस आर्टिकल का चौथा पॉइंट निवेश बढ़ाने की योजना है। दोनों ने इस आर्टिकल में भारत और इटली ने 2029 तक 20 बिलियन यूरो से ज्यादा व्यापार का लक्ष्य रखा है. साथ ही कहा कि रक्षा, एयरोस्पेस, क्लीन टेक्नोलॉजी, मशीनरी, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, केमिकल्स, दवाइयां, टेक्सटाइल, खेती और पर्यटन जैसे सेक्टर पर खास फोकस रहेगा.

पांचवा इस आर्टिकल में मेड इटली के साथ मेक इन इंडिया पर काम करने की बात की गई।आर्टिकल में कहा गया कि “मेड इन इटली” दुनिया में क्वालिटी और उत्कृष्टता का प्रतीक माना जाता है. वहीं “मेक इन इंडिया” भारत की मैन्युफैक्चरिंग ताकत को दिखाता है. ऐसे में दोनों देशों की कंपनियां अब एक-दूसरे के यहां तेजी से निवेश कर रही हैं. फिलहाल दोनों तरफ 1000 से ज्यादा कंपनियां काम कर रही हैं. इसे पॉजिटिव सिग्नल बताया गया है. इससे सप्लाई चेन और इंडस्ट्री कनेक्शन और मजबूत होंगे।

छठ इस आर्टिकल में ai और टेक्नोलॉजी को लेकर साझेदारी की बात की गई।दोनों नेताओं ने कहा कि आने वाले दशकों में एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग दुनिया बदल देंगे. भारत की डिजिटल ताकत और कुशल प्रोफेशनल्स को इटली की औद्योगिक विशेषज्ञता के साथ जोड़कर नई टेक्नोलॉजी पर काम किया जाएगा. यूनिवर्सिटी और रिसर्च सेंटर के बीच साझेदारी (पार्टनरशिप) भी बढ़ाई जाएगी.

साथ ही डिजिटल सुरक्षा और भरोसे पर काम करने की बात की गई। दोनों देश सुरक्षित डिजिटल सिस्टम, साइबर सुरक्षा, डिजिटल ट्रेनिंग और मजबूत साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर पर साथ काम करेंगे. उनका लक्ष्य ऐसा डिजिटल माहौल बनाना है जहां हर देश सुरक्षित तरीके से एआई और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सके।

इतना ही नहीं ऊर्जा साझेदारी पर भी जोर दिया गया। आखिर में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) को दोनों नेताओं ने भविष्य का बड़ा प्रोजेक्ट बताया है. यह कॉरिडोर ट्रांसपोर्ट, ऊर्जा, डेटा नेटवर्क और सप्लाई चेन को जोड़ने का काम करेगा. साथ ही भारत और इटली ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, स्मार्ट ग्रिड और मजबूत ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी साथ काम करेंगे. दोनों देशों ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस, डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस जैसी पहलों को भी अहम बताया.

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