कुछ तो मजबूरियां रही होंगी यूं कोई बेवफा नहीं होता। रात के 3:00 बज रहे थे। मुंबई की एक बहु मंजिला इमारत के उस फ्लैट में चीखने चिल्लाने की आवाजें बाहर तक आ रही थी। कमरों में सामान पटके जाने का शोर था। गालियों की गूंज थी। अंदर एक लड़की गुस्से से कांप रही थी और सामने खड़े शख्स का गिरेबान थामे चीख रही थी कि मेरे मर्द से दूर रहो। उस कमरे में एक तीसरी औरत भी खड़ी थी जो खामोश और सहमी थी।
यह कोई फिल्मी सीन नहीं था बल्कि दो जिंदगियों के उस जहरीले मोड़ का सच था जिसने प्यार के खूबसूरत मुखौटे को उतार फेंका था। चीखने वाली उस लड़की का नाम था मनीषा कोराला और सामने खड़े उस सख्त मिजाज इंसान का नाम था नाना पाटेकर। 90 के दशक में जब यह कहानी शुरू हुई तब किसी ने यह नहीं सोचा था कि इसका अंत इतना खौफनाक होगा। मनीषा का हाल ही में अपने सह कलाकार विवेक मुशरान से दिल टूटा था। उनका मन उदास था और वह अपनी जिंदगी में ठहराव ढूंढ रही थी। तब यह फिल्म अग्निसाक्षी के सेट पर उनकी मुलाकात नाना से हुई। नाना उनसे उम्र में करीब 20 साल बड़े थे। शादीशुदा थे और अपनी बेबाकी और तुज मिजाजी के लिए जाने जाते थे। लेकिन मनीषा के टूटे हुए दिल को नाना की परिपक्वता में एक सुकून मिला। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी। शूटिंग के सेट पर घंटों बिताने शुरू किए। एक दूसरे की आंखों में खो जाना और तड़के सुबह नाना का मनीषा के घर से निकलना। यह सब कुछ पूरी इंडस्ट्री देख रही थी।
खामोशी और युग पुरुष जैसी फिल्मों के साथ काम करते-करते दोनों का इश्क परवान चढ़ने लगा। हाल ही में अग्नि साक्षी के राइटर रणबीर पुष्प ने एक इंटरव्यू में याद किया कि सेट पर दोनों के बीच गजब का तालमेल था। हालांकि नाना अपनी असल जिंदगी में बेहद दरिया दिल थे। जब देश के किसान तंगाली से जूझ रहे थे तो नाना ने 1.5 करोड़ की महंगी कार खरीदने की बजाय वो सारा पैसा किसान परिवारों में बांट दिया और बाद में नाम फाउंडेशन बनाकर हजारों लोगों की मदद की। लेकिन मोहब्बत के मामले में उनका एक अलग ही खौफनाक रूप देखने को मिला। वक्त बीतने के साथ ही यह रिश्ता एक भयानक मोड़ लेने लगा। नाना मनीषा को लेकर हद से ज्यादा पज़ेसिव हो गए। मनीषा क्या कपड़े पहनेंगी? वे स्क्रीन पर किसके साथ रोमांटिक सीन करेंगी?
इन सब बातों का नाना पर कड़ा पहरा रहने लगा। वहीं मनीषा भी शांत रहने वालों में से बिल्कुल नहीं थी। वे भी शॉट टपर्ड थी, इंपल्सिव थी। पज़ेसिव बिहेवियर को लेकर और गुस्से के इस भयानक कॉकटेल ने सेट पर ही दोनों के बीच रोज-रोज़ झगड़े शुरू कर दिए। मनीषा ने एक बार सरेआम माना भी था कि वे नाना से प्यार करती हैं। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि इस रिश्ते का भविष्य क्या है और फिर आई वो रात जिसने भरोसे की बची बची इमारत को ढहा दिया। मनीषा ने अचानक एक कमरे में नाना को मशहूर एक्ट्रेस आयशा जुलका के साथ गले मिलते हुए रंगवे हाथों पकड़ लिया। उस रात कमरे में जमकर हंगामा हुआ। मनीषा ने अपनी पूरी भड़ास निकाली। उस वक्त तो नाना ने जैसे तैसे बात संभाल ली। लेकिन मनीषा समझ चुकी थी कि अब पानी सिर से ऊपर चला गया है। इस घटना के बाद मनीषा ने नाना के सामने एक ही रास्ता रखा कि वे अपनी पहली पत्नी नीलकांत को तलाक दें और उनसे शादी कर ली। लेकिन नाना ने बहुत साफ शब्दों में अपनी पत्नी को छोड़ उनसे शादी करने से इंकार [संगीत] कर दिया। यह इंकार मनीषा के दिल पर आखिरी बार था। उन्होंने रोते हुए इस ज़हरीले रिश्ते को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। लेकिन कहानी का सबसे दर्दनाक मोड़ इसके बाद आता है। ब्रेकअप के कुछ ही समय बाद नाना ने आयशा जुल्का के साथ भी अपने रिश्ते को लेकर सरेआम कबूलनामा किया और वे उनके साथ लिविंग रिलेशनशिप में रहने लगे। जिस इंसान के लिए मनीषा ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया, उसने इतनी आसानी से किसी और को अपनी जिंदगी में शामिल कर लिया था। मनीषा के लिए यह देखना किसी दुस्वप्न जैसा था।
इस तरह दो बड़े कलाकारों की यह अधूरी दास्तान बॉलीवुड के इतिहास में एक बेहद जहरीली और दर्दनाक लव स्टोरी बनकर दर्ज हो गई और अब नाना पाटेकर के देहांत के बाद निधन के बाद पूरा देश इस स्टोरी को इस कहानी को दोहरा रहा है। बहरहाल इस कहानी को लेकर आपकी क्या राय है? क्या आपको पहली कहानी पता थी मनीषा और नाना की?