हमारा तो एरिया है। हम एक सेकंड में बोलेगा तो कॉल इंसिडेंस से हम 10,000 लेके इधर में खड़ा कर देंगे। हमको बाहर से ले आने का जरूरत नहीं है। कोई गलती मत करिएगा। यह पश्चिम बंगाल है। बिहार, महाराष्ट्र या दिल्ली नहीं। यहां दीदी का सिर्फ एक इशारा काफी है। यह तृणमूल कांग्रेस का बयान है। 30 अप्रैल और 1 मई की दरमियानी रात लगातार कई सारे बयान सामने आए। पूरी रात बवाल मचा। मुख्यमंत्री लगातार कई घंटों तक खुद स्ट्रांग रूम के बाहर खड़ी रही। आरोप है कि ईवीएम के साथ कुछ छेड़छाड़ की जा रही है और आरोप लगा किस पर है? बीजेपी और इलेक्शन कमीशन पर।
घटना का बैकग्राउंड बाद में समझेंगे। पहले बात अपडेट्स की करते हैं। आधी रात करीब 1:00 बजे टीएमसी ने लिखा कि मीडिया में सक्रिय मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल को देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बजाय अपने संवैधानिक कर्तव्यों पर ध्यान देना चाहिए। सीसीटीवी में बीजेपी को नेताजी इंडोर स्टेडियम के स्ट्रांग रूम में रखे सील बैलेट बॉक्स को जबरन खोलने की कोशिश करते हुए देखा गया है। वहां दूसरी कोई भी पार्टी मौजूद नहीं थी। यह लोकतंत्र को लूटने की कोशिश है जिसमें चुनाव आयोग की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है। क्या मुख्य चुनाव अधिकारी को लगता है कि हम चुप रहेंगे? ममता बनर्जी जनता के वोट की रक्षा के लिए कदम उठा रही हैं। याद रखिए यह बंगाल है बिहार, महाराष्ट्र या दिल्ली नहीं। हम आपकी साजिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हर कार्यवाही का जवाब मिलेगा। वोट की रक्षा करें वरना परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। बयान के आखिर में टीएमसी ने एक चेतावनी भी दे डाली कि परिणाम भुगतने के लिए तैयार हो जाओ। परिणाम से याद आया कि टीएमसी का दावा है कि ममता बनर्जी के एक इशारे में करीब 10,000 लोग इकट्ठा हो जाएंगे।
वह सिर्फ इसलिए शांत है क्योंकि कानून का सम्मान करती हैं। ऐसा टीएमसी का कहना है। पूरी रात इसी तरह की बयानबाजी और धमकियां चलती रही। रात करीब सवा5 बजे टीएमसी ने लिखा कि जो लोग दीदी को जानते हैं वह यह भी समझते हैं कि उनका सिर्फ एक इशारा काफी होता है। टीएमसी ने लिखा कि बीजेपी की हरकत सबके सामने आ गई है। यह पूरी तरह असफल होने वाली है। उन्होंने एसआईआर के जरिए सही वोटर्स के नाम हटाने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। उन्होंने ईमानदार अधिकारियों को हटाकर अपने लोगों को बैठाया। वह भी काम नहीं आया। यहां तक कि उन्होंने नेताजी इंडोर स्टेडियम के स्ट्रांग रूम में आधी रात को ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। लेकिन ममता बनर्जी ने इसे भी सफल नहीं होने दिया। उसे समझ लिया। अब उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा है। तो 29 अप्रैल को दोपहर 1:00 बजे मीडिया संस्थानों पर दबाव डालकर गलत एग्जिट पोल दिखाने की कोशिश की गई। लोगों का मनोबल कमजोर करने की एक चाल है। लेकिन पहले की तरह यह साजिश भी फेल हो जाएगी। अब ममता बनर्जी का बयान सुनिए। और सारे बहुत सारे जगह में कि उधर में मैनपुलेशन हो रहा है और बाहर का आदमी आके वो खुल रहा है। देख रहा है। ‘दीदी का बस एक इशारा…’ क्या करने वाली हैं ममता ?
पोस्टर दादा को इधर उधर कर रहा है। दादा वो देखने के बाद मैंने जब सीसीटीवी मैंने जब देखा टीवी में तो मैंने सोचा मैं भी देख के आऊं। तो पहले तो सेंट्रल फर्सेस मेरे को एंट्री करने नहीं देते थे। उसका बाद पूछा किसी से बोला नहीं हम लोग हमको जाने का हक है। बिकॉज़ वो लोग पहले किसी को अंदर में ही जाने नहीं देते। लेकिन एस पर आवर इलेक्शन रूल्स द कैंडिडेट एंड इलेक्शन एजेंट ऑफ़ एनी पार्टी इज़ अलाउड अप टू द सील्ड रूम नॉट इनसाइड द सील्ड रूम बट आउटसाइड एट द डोर ऑफ़ सील्ड रूम। हम आने से तुम स्लोगन शॉर्टिंग करेंगे तो हम बोले तो वो तो गुजरात से आया स्लोगन शॉर्टिंग करने के लिए इधर का लोकल गुजराती नहीं है जो Facebook में लाइव कर रहा था मैंने देखा मेरे को भेजा पेज लेकिन आप बोलो हमारा तो एरिया है हम एक सेकंड में बोलेगा तो कॉल इंसिडेंस से हम 10,000 लेके इधर में खड़ा कर देंगे हमको बाहर से ले आने का जरूरत नहीं है अब संक्षेप में जानते हैं कि स्ट्रांग रूम के बाहर क्या हुआ था 30 अप्रैल की रात टीएमसी ने कथित एक सीसीटीवी फुटेज शेयर किया आरोप लगाया कि काउंटिंग से पहले बैलेट बॉक्सेस के साथ छेड़छाड़ की जा रही है।
इसके बाद खुद मुख्यमंत्री भी वहां पहुंच गई और चेतावनी दी कि सिर्फ एक इशारे में करीब 10,000 लोग बुला सकती हैं। वैसे इलेक्शन कमीशन ने सारे आरोपों को गलत बताया। इलेक्शन कमीशन का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में दिखाई गई जो गतिविधि है, जो एक्शन है, वो ईवीएम नहीं बल्कि पोस्टल बैलेट से जुड़ी है। साथ में यह भी कहा कि सारे ईवीएम सुरक्षित हैं, सेफ रखे गए हैं। इलेक्शन कमीशन के साथ ही बीजेपी ने भी टीएमसी के सारे आरोपों को गलत बताया। बीजेपी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग कब तक यह ड्रामा देखते रहेंगे, इसका कोई असर नहीं होगा। जाते-जाते आपको यह भी बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे। चुनाव से जुड़ा हर अपडेट जानने के लिए देखते रहिए द लेलन टॉक। शुक्रिया।