दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रोटेस्ट चालू है। सोनम वांगचुक इस वक्त हंगर स्ट्राइक पर है और कई सारे सेलिब्रिटीज, कई सारे इन्फ्लुएंसर्स इस प्रोटेस्ट में पहुंचे हैं सीजेपी को सपोर्ट करने। इसी बीच कुणालरा भी इस प्रोटेस्ट में पहुंचे जहां पर कुणालरा ने एक स्पीच दी। इस बीच में कुणाल कामरा ने बहुत कुछ कहा लेकिन सबसे ज्यादा हाईलाइटेड वो लाइन रही जहां पर उन्होंने अपने इस तंज को कसने के लिए या अपने एक ह्यूमरस स्टेटमेंट को देने के लिए माता सीता का इस्तेमाल किया। कुणाल काम माता सीता को लेकर क्या कहते नजर आते हैं आप खुद देखिए।
यह जो सरकार है ये जो कर रही है ये बहुत सालों से कर रही है और हमने देखा है कि ये लोग बस सीता के पति का नाम ले लेके नीता के पति का काम कर रहे हैं। [हौसला बढ़ाने की आवाज़] हमारे देश का एक और गांधी 17 दिन से बिना खाए यहां बैठा है। और वोटसेवादियों को कोई चिंता नहीं है इस बात की।
आप स्टूडेंट हो, कोई किसान है, कोई बेरोजगार है। तो पहले तो चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का बहुत बड़ा थैंक यू कि उन्होंने ये पूरा प्रोटेस्ट खड़ा करने में पहली नीव रखी। और धर्मेंद्र प्रधान जी का इस्तीफा जो होना चाहिए, उनमें थोड़ी शर्म होती तो दे देते। शायद वो देना तो चाहे पर मोदी जी बोलेंगे नहीं यार मत मेरा वो 56 इंच का जीना ना बावल हो जाएगा समझिए कोई मोदी जी का समर्थक है या भाजपा का वोटर है तो उससे बहुत सहज होके बात कीजिए क्योंकि एक चीज हमेशा ध्यान रखिए आप लोग के भाई हमें बीमार से नहीं लड़ना है बीमारी से लड़ना हैlतो बस आप देखिए उनसे बात कीजिए उनको समझाइए चाहिए पर अगर वो वो लॉजिक पे आते हैं ना कि हां मोदी जी ने किया है सोच समझ के ही किया होगा तो फिर अपना समय और बर्बाद मत कीजिए दूसरे आदमी के पास जाइए आज मीडिया में बड़ी-बड़ी नौकरी करने वाले एक सवाल नहीं पूछ पा रहे.
सरकार से एक नहीं हमसे पूछे जा रहे हैं आप यहां क्यों आए अरे हम क्या डांडिया की प्रैक्टिस करने आए हैं पेपर लीक नहीं होता तो नहीं आते तो मैं आखिर मैं इतना ही कहना चाहता हूं कि जो मांबाप अपने बच्चों को ये प्रोटेस्ट में नहीं आने दे रहे और जो मां-बाप डर रहे हैं कि अगर उनके बच्चे यहां आ जाएंगे तो उनके फ्यूचर का क्या होगा? अगर आप इतना डर रहे हो प्रेजेंट में तो फ्यूचर बचा ही कहां है? सोशल मीडिया पर अब कुणाल कांबरा की ये वीडियो तेजी से वायरल हो रही है और लोग दो तरह की बात कर रहे हैं। एक तरफ वो लोग हैं कह रहे हैं कि अपने हर छोटे-मोटे जोक के लिए माता सीता को बीच में लाना ठीक नहीं।
वहीं दूसरी तरफ वो लोग हैं जो कुणाल कामरा को कह रहे हैं कि माता सीता का नाम लेकर वह मोदी जी तक तंज तो कस रहे हैं लेकिन इस तरह के जोक से उन्हें एक स्टेज से दूसरा स्टेज मिल सकता है। देश नहीं मिल सकता है। कुछ इस तरह की बात अब कुणालरा के लिए कही जा रही है। आपका क्या कहना है.