गुमनामी आपको ऐसे अंधेरे में ले जाति है जहां से निकाल पन हर किसी के बस की बात नहीं यह चेहरा आपने फिल्मों में खूब देखा होगा नाम भले ही आपके दिमाग से उतार गया हो लेकिन यह छवि आप कभी नहीं भूल सकेंगे यह चेहरा है सुपर स्टार राजेंद्र कुमार के बेटे कुमार गौरव का कुमार गौरव कहां है और किस हाल में है यह देखकर शायद आपका दिल टूट जाएगा लेकिन जी बेटे को हीरो बनाने के लिए राजेंद्र कुमार ने अपना बांग्ला तक गिरवी रख दिया था वह बेटा कभी स्टार नहीं बन सका राजेंद्र कुमार कभी नहीं चाहते थे की उनका बेटा कुमार गौरव हीरो बने वह चाहते थे की कुमार डायरेक्शन में हाथ आजमाएं कुमार गौरव अपने ही पिता राजेंद्र कुमार के लिए गए स्क्रीन टेस्ट में ही फेल हो गए थे इसके बाद मायूस होकर उसे समय की फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम को एसिस्ट किया था जब चीज सिख ली तो एक बार फिर कुमार के दिल और दिमाग में हीरो बने का कीड़ा उठ गया कुमार ने पापा से कहा की वो हीरो बन्ना चाहते हैं राजेंद्र कुमार ने वही श्राप राखी स्क्रीन टच दो रूप में पास होते हो तो मैं तुम्हारी फिल्म को प्रोड्यूस करूंगा नहीं तो तुम्हें अपना संघर्ष खुद करना पड़ेगा कुमार का इस बार स्क्रीन टेस्ट आरके स्टूडियो में रखा गया राज कपूर जैसे फिल्म मकर सामने बैठे थे कुमार गौरव काफी नर्वस हो गए और वहां घबरा गए वो कुछ बोल ही नहीं पे परफॉर्म करने की बात तो दूर की थी राजेंद्र कुमार भी वहां मौजूद थे कुमार गौरव को इस तरह से देख कर उन्हें बहुत गुस्सा आया
राजेंद्र कुमार ने कहा 2 साल तक राज कपूर जैसी शख्सियत के साथ कम करने के बावजूद तुम अपने कम में फांसदी र गए और फेल हो गए तो मैं एक्टर बने के लायक ही नहीं हो फिर राज कपूर की सलाह पर राजेंद्र कुमार ने कुमार गौरव को रोशन तनेजा के एक्टिंग स्कूल में भेजो वह 6 महीने एक्टिंग सीखने के बाद कुमार जब घर लौटे तब राजेंद्र कुमार ने बेटे के लिए एक फिल्म साइन की हुई थी फिल्म का नाम था लव स्टोरी यह साल 1981 में रिलीज हुई थी अपनी देबू फिल्म से ही कुमार रातों रात स्टार बन गए 14 साल की एक्ट्रेस विजेता प्रताप के साथ 25 साल के कुमार अपने ऑन स्क्रीन रोमांस किया जो जमाने में काफी बड़ी बात थी पर शायद इनकी किस्मत में कुछ और लिखा था लव स्टोरी के बाद लगातार कुमार की फिल्म फ्लॉप हो रही थी और इसी से वो स्ट्रेस में जा रहे थे कुमार ने अपने पिता राजेंद्र पर दबाव बनाना शुरू किया कुमार जानते थे की उनके पिता के पास खूब पैसा है वो उनकी मदद कर सकते हैं पर राजेंद्र कुमार को फिल्म बनाने के लिए माना कर रहे थे आप बेटे के बीच इस बात को लेकर काफी तना-तनी भी चल रही थी पर बीच में राजेंद्र कुमार की पत्नी शुक्ला को मारी उन्होंने राजेंद्र को समझाया और बेटे कुमार के लिए फिल्म बनाने के लिए कहा उसे समय राजेंद्र कुमार ने बेटे के लिए फिल्म लवर्स बनाई इसमें कुमार ने पद्मिनी कोल्हापुरी के साथ स्क्रीनशॉट की फिल्म में इतना खर्च हुआ की राजेंद्र को इसके लिए अपना बांग्ला तक गिर भी रखना पद गया इसके बाद कुमार ने कई और फिल्में भी की लेकिन सफलता नहीं मिली साल 1999 में राजेंद्र कुमार का भी निधन हो गया कुमार ने आखिरी फिल्म साल 2009 में की थी इसके बाद से वो गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं हालांकि आज के समय में कुमार एक बिजनेसमैन है अंत समय पर आकर ही उन्होंने पिता की बात मनी और हीरो बने का सपना छोड़ दिया वक्त रहते अगर वह पिता की बात मानते तो शायद जिंदगी में बड़ी तरक्की कर लेते आप क्या कहेंगे इस पर कमेंट में दीजिए और ज्यादा ऐसी अपडेट्स के लिए बॉलीवुड पर चर्चा को सब्सक्राइब कीजिए
बॉलीवुड में कई ऐसे सितारे हुए हैं, जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म से ऐसा धमाका किया कि हर तरफ उनकी चर्चा होने लगी। लोगों को लगा कि ये स्टार आने वाले कई सालों तक इंडस्ट्री पर राज करेंगे। लेकिन, किस्मत ने कुछ और ही लिखा था।
ऐसी ही कहानी है दिग्गज एक्टर राजेंद्र कुमार के बेटे कुमार गौरव की, जिन्होंने पहली ही फिल्म से रातोंरात स्टारडम हासिल किया, लेकिन उस सफलता को लंबे समय तक बरकरार नहीं रख सके।11 जुलाई 1967 को लखनऊ में जन्मे कुमार गौरव बचपन से ही फिल्मी माहौल में पले-बढ़े। उनके पिता राजेंद्र कुमार अपने दौर के सबसे सफल एक्टर्स में गिने जाते थे।
ऐसे में फिल्मों की दुनिया से उनका जुड़ना लगभग तय माना जा रहा था। साल 1981 में उन्होंने निर्देशक राहुल रवैल की फिल्म ‘लव स्टोरी’ से बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म रिलीज होते ही सुपरहिट साबित हुई और कुमार गौरव देशभर के युवाओं के नए रोमांटिक हीरो बन गए। उनके हेयरस्टाइल, ड्रेसिंग सेंस और मासूम मुस्कान की खूब चर्चा हुई। उस दौर में लड़कियां उनकी दीवानी थीं
और हर निर्माता-निर्देशक उन्हें अपनी फिल्म में साइन करना चाहता था।लेकिन कहते हैं कि बॉलीवुड में सिर्फ एक हिट फिल्म काफी नहीं होती। असली चुनौती उस सफलता को लगातार बनाए रखने की होती है। यही वह मोड़ था, जहां कुमार गौरव पिछड़ गए। उन्हें वह स्टारडम दोबारा नहीं मिला, जो पहली फिल्म ने दिलाया था।