कुछ दिनों में रक्षाबंधन आने वाला है। लेकिन रक्षाबंधन से पहले इसको लेकर जारी किया गया एक एडवर्टाइजमेंट खूब वायरल हो रहा है और उस पर खूब विवाद भी हो रहा है। इस एडवर्टाइजमेंट में कपड़ों से लेकर कुत्ते को राखी बांधने तक विवाद हो रहा है। इस एडवर्टाइजमेंट में अभिनेत्री कृति सेनन थी जिनकी खूब ट्रोलिंग हो रही है और अब इस विवाद में राहुल गांधी की भी एंट्री हो गई है।
कृति सेनन ने हाल ही में रक्षाबंधन पर अपने इस विज्ञापन को लेकर चुप्पी तोड़ी थी और कहा था कि खूबसूरती त्योहारों में होती है कपड़ों में नहीं होती। इसे लेकर बाकायदा कृति सेनन ने अपने Instagram पर एक स्टोरी लगाई थी। उसमें उन्होंने कई बातें कही थी। अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी कृति सनन की इस पोस्ट को अपनी Instagram स्टोरी पर रिशेयर किया है और कृति सनन का सपोर्ट किया है। राहुल गांधी ने महिलाओं की पसंद और आजादी को लेकर एक साफ संदेश दिया है।
इस पोस्ट में राहुल ने क्या-क्या लिखा है पहले वो आपको बताएंगे। कृति सनन की इस पोस्ट में जो उनकी स्टोरी थी उसमें क्या-क्या था वो भी बताएंगे और पूरा विवाद क्या था उसके बारे में भी आपको बताएंगे। तो सबसे पहले राहुल ने जब कृति सनन की पोस्ट रिशेयर की है उसमें क्या लिखा है वो आपको बताते हैं। उन्होंने लिखा व्हाट अ वूमेन वेयर्स व्हाट शी डज़ एंड वेयर शी गोज़ इज हर चॉइस स्टॉप ट्रोलिंग वुमेन फॉर एक्सरसाइजिंग देयर फ्रीडम। मतलब राहुल का सीधा संदेश है कि महिला क्या पहनती है, क्या करती हैं और कहां जाती है यह उसकी अपनी पसंदहै।
अपनी आजादी का इस्तेमाल करने के लिए महिलाओं को ट्रोल करना बंद करिए और इसके साथ ही उन्होंने एक हैशटैग भी लगाया था । लेकिन कहानी सिर्फ यहां कृति सेनन के इस विज्ञापन तक ही सीमित नहीं है क्योंकि राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से महिलाओं की आजादी, उनकी हिस्सेदारी और के मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं। पुणे में हुए अपने वुमेन स्पेशल मह रैली कार्यक्रम में भी राहुल गांधी ने महिलाओं को लेकर यानी पित्री सत्ता को चुनौती देने की बात की थी। राहुल का तर्क है कि महिलाओं को सिर्फ प्रतिनिधित्व नहीं बल्कि सत्ता और फैसले लेने में वास्तविक हिस्सेदारी चाहिए। यानी सवाल सिर्फ यह नहीं कि महिलाओं को कितनी सीटें या कितने मौके मिल रहे हैं बल्कि यह भी है कि फैसले लेने की ताकत उनके पास कितनी है? अब इस एडवर्टाइजमेंट को लेकर भी बात कर लेते हैं कि जिस विज्ञापन को लेकर इतना बवाल हो रहा है, उसमें आखिर था क्या? यह करीब 35 सेकंड का एक वीडियो था। यह ज्वेलरी ब्रांड जीवा का एडवर्टाइजमेंट था जो 17 अगस्त को सोशल मीडिया पर सामने आया था।
विज्ञापन में कृति सेनन रक्षाबंधन मनाती हुई नजर आती हैं। उन्होंने सफेद लहंगा और डीप नेक ब्रैलेट स्टाइल का ब्लाउज पहना है। वह अपने भाई को राखी बांधती हैं और अपने पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती हुई दिखाई देती हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस विज्ञापन को लेकर तरह-तरह की आपत्तियां सामने आने लगी। कुछ लोगों को कृति के कपड़ों पर आपत्ति थी तो कुछ लोगों ने कुत्ते को राखी बांधने वाले हिस्से पर सवाल उठा दिया। कृति ने बाद में इन आलोचनाओं का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि त्योहारों की खूबसूरती कपड़ों में नहीं बल्कि उन भावनाओं और परंपराओं में होती है जिन्हें लोग अपने दिल में रखते हैं। इसे लेकर कृति ने एक Instagram पर स्टोरी डाली थी। उन्होंने यह भी लिखा था कि संस्कृति और परंपराओं को किसी महिला की नेक लाइन से नहीं आंका जाना चाहिए। और अब राहुल गांधी ने भी इसी पोस्ट को शेयर कर दिया है। लेकिन बीजेपी की तरफ से सवाल भी उठे।
इस विवाद पर बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रणौत ने भी बिना नाम लिए कृति के पहनावे पर सवाल उठाया था। कंगना ने भी बिल्कुल इसी तरह से अपने Instagram पर एक स्टोरी शेयर की थी। उसमें कंगना ने कहा था कि आज का दिन यानी कि वह रक्षाबंधन को यहां पर एड्रेस कर रही थी। आज महिलाओं के पास पहनने के लिए इतने विकल्प हैं।
साड़ी से लेकर लहंगा, जींस और सलवार, कमीज तक तो फिर रक्षाबंधन जैसे त्यौहार पर ऐसा पहनावा क्यों चुना गया? यानी विवाद अब सिर्फ एक विज्ञापन का नहीं रह गया। एक तरफ कृति सेनन कह रही हैं कि महिलाओं को उनके कपड़ों के आधार पर जज करना बंद होना चाहिए। दूसरी तरफ कंगना जैसे नेता इस त्यौहार, संस्कृति और पहनावे से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। और इसी बीच राहुल गांधी इस बहस को महिलाओं की चॉइस और फ्रीडम के बड़े मुद्दे से जोड़ रहे हैं।
अब सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी का महिलाओं की पसंद और आजादी वाला संदेश इस तरह के विवादों के जरिए बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन रहा है क्योंकि कृति सेनन का विज्ञापन तो करीब 35 सेकंड का था। लेकिन उसके बाद शुरू हुई बहस अब राजनीति तक पहुंच चुकी है।