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केतन अग्रवाल केस: चेतन की चाल से खुला बड़ा राज़।

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पुणे की चर्चित कीर्तन अग्रवाल केस में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। अब पुलिस ने आरोपी और सिया गोयल के प्रेमी चेतन चौधरी को एक बार फिर लोहगढ़ किले पर ले जाकर घटनाक्रम को दोबारा जांचा है। दरअसल पुलिस को 18 जून यानी हत्या वाले दिन एक अहम सीसीटीवी फुटेज मिला है।

इस फुटेज में एक शख्स हुडी पहनकर किले की ओर जाता दिखाई देता है। पुलिस को शक है कि यह व्यक्ति चेतन चौधरी हो सकता है। इसी वजह से बुधवार को चेतन को उसी रास्ते पर चलवाया गया तौर पर गया था। उसकी चाल, हुडी पहनने का तरीका और बॉडी लैंग्वेज को रिकॉर्ड किया गया ताकि इन सभी पहलुओं का सीसीटीवी फुटेज से मिलान किया जा सके।

जांच एजेंसियां इसे गेट एनालिसिस या चाल और बॉडी लैंग्वेज के मिलान की प्रक्रिया मान रही है। इस तकनीक का इस्तेमाल तब किया जाता है जब किसी संदिग्ध की पहचान चेहरा साफ दिखाई ना देने के कारण मुश्किल हो। ऐसे में व्यक्ति के चलने का अंदाजा, शरीर की बनावट और मूवमेंट अहम बन सकते हैं। पुलिस सिया गोयल और चेतन अग्रवाल को भी लोहगढ़ किले पर ले जाकर घटनास्थल का रीक्रिएशन कर चुकी है।

उस दौरान कथित तौर पर धक्का देने वाले पूरे घटनाक्रम को दोबारा दोहराया गया था ताकि घटनाओं की सच्चाई सामने लाई जा सके। इसी बीच इस मामले से जुड़ा एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो कीर्तन और सिया के प्री वेडिंग फंक्शन का है। बताया जा रहा है जो 7 मई को आयोजित हुआ था। इस समारोह में दोनों परिवार बेहद खुश नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक शादी तय होने से पहले दोनों की कुंडली भी मिलाई गई थी।

ज्योतिषियों ने दोनों के 36 में से 27 गुण मिलने वाली बात कही थी और भविष्य में अच्छे वैवाहिक जीवन की संभावना जताई थी। लेकिन किस्मत ने ऐसी करवट ली कि यह रिश्ता शादी तक भी नहीं पहुंच पाया और मामला एक सनसनीखेज हत्या तक पहुंच गया। उधर ऐसा हाई प्रोफाइल केस का असर अब लोहगढ़ किले पर भी साफ दिखाई दे रहा है। घटना के बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में करीब 50% की बढ़ोतरी बताई जा रही है।

से लोग उस जगह को देखने पहुंच रहे हैं जहां कथित वारदात हुई थी। इस बीच एक नया विवाद भी सामने आया है। किले की खाई को कुछ लोग सीया पॉइंट कहकर बुलाने लगे हैं। इस पर इतिहासकारों और स्थानीय लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि किसी ऐतिहासिक धरोहर का नाम बदलना या उसे किसी आपराधिक घटना से जोड़ना उसकी ऐतिहासिक पहचान के साथ छेड़छाड़ है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे नामों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने तक लोनावला ग्रामीण पुलिस ने सुरक्षा और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए लोहगढ़ किले को पर्यटकों के लिए अस्थाई रूप से बंद कर दिया है।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सीसीटीवी फुटेज और गेट एनालिसिस से पुलिस को कितना अहम सबूत मिलता है और क्या यही जांच इस हाई प्रोफाइल केस की गुत्थी को पूरी तरह सुलझा पाएगी?

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