एक कम उम्र में सफलता हासिल करने वाली अभिनेत्री। उन्हें माँ का प्यार तो मिला, लेकिन पिता का साथ उनसे दूर रहा। जैसे-जैसे उन्होंने अपने करियर की नई ऊंचाइयों को छुआ, वैसे-वैसे बॉलीवुड के गलियारों में उनकी प्रेम कहानी के चर्चे भी गूंजने लगे। उन्होंने कई बार प्यार किया, लेकिन उन्हें कभी कोई ऐसा जीवनसाथी नहीं मिला जो ताउम्र उनका साथ निभा सके। यानी हर बार रास्ते में कोई न कोई रुकावट जरूर आई। जिस शख्स को उन्होंने बाद में अपना जीवनसाथी चुना, वह बिल्कुल ही बेदिल निकला। आज हम इन्हीं सब मुद्दों पर बात करने जा रहे हैं, तो चलिए वीडियो शुरू करते हैं, लेकिन चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।करिश्मा कपूर एक ऐसा नाम है जिसे किसी परिचय की जरूरत नहीं है। जैसा कि हम जानते हैं, करिश्मा कपूर कपूर खानदान से ताल्लुक रखती हैं। लेकिन करिश्मा कपूर कपूर परिवार की वह पहली अभिनेत्री थीं जिन्होंने उस पारंपरिक रेखा को पार किया था। जी हाँ, हम कपूर खानदान की उस पुरानी परंपरा की बात कर रहे हैं जिसके तहत परिवार की कोई भी लड़की या विवाहित महिला फिल्मों में काम नहीं कर सकती थी। लेकिन करिश्मा कपूर ने इस पुरानी परंपरा को तोड़कर फिल्मों में कदम रखा।हालाँकि इसके पीछे कई वजहें थीं। देखा जाए तो करिश्मा कपूर के पिता रणधीर कपूर खुद एक अभिनेता थे, और उनकी माँ बबीता अपने समय की एक सफल अभिनेत्री थीं। लेकिन शादी के बाद बबीता को फिल्मों से दूरी बनानी पड़ी थी। करिश्मा कपूर का बचपन से ही फिल्मों में आने का सपना था। दूसरी तरफ, यह एक जरूरत भी थी क्योंकि रणधीर कपूर और बबीता अलग-अलग रहते थे और करिश्मा अपनी माँ के साथ रहती थीं। घर के खर्चों और अन्य जरूरतों के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। इसी वजह से करिश्मा कपूर को फिल्म इंडस्ट्री एक बेहतर विकल्प लगी और उन्होंने बॉलीवुड में अभिनेत्री बनने का फैसला किया।लेकिन बॉलीवुड में आने के बाद उनका नाम कई अभिनेताओं के साथ जुड़ा और उनकी लव लाइफ चर्चा का एक बड़ा विषय बनी रही। तो, करिश्मा कपूर का नाम किन अभिनेताओं के साथ जुड़ा, और वे रिश्ते कैसे थे? इन सभी बिंदुओं पर हम एक-एक करके चर्चा करने जा रहे हैं।जब करिश्मा कपूर सिर्फ 17 साल की थीं, तब उन्हें ‘प्रेम क़ैदी’ नामक एक फिल्म मिली। करिश्मा कपूर ने इसी फिल्म से बॉलीवुड में अपनी शुरुआत की। हालाँकि, साल 1991 में करिश्मा कपूर की सिर्फ एक ही फिल्म रिलीज हुई थी, लेकिन साल 1992 में उनकी कई फिल्में रिलीज हुईं। इनमें ‘पुलिस ऑफिसर’, ‘निश्चय’ और ‘जागृति’ जैसी फिल्में शामिल थीं। तो, इन फिल्मों में उनके सह-कलाकार सलमान खान थे, और सलमान खान की कहानी भी कहीं न कहीं करिश्मा कपूर से जाकर जुड़ती है,
जिसकी चर्चा हम आगे इस वीडियो में करेंगे।इसी साल यानी 1992 में एक और फिल्म आई जिसका नाम ‘सपने साजन के’ था, जिसमें राहुल रॉय नजर आए थे। उस समय राहुल रॉय एक बड़े स्टार बन चुके थे। हालाँकि फिल्म के गाने काफी लोकप्रिय हुए, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई।फिर साल 1992 के अंत में ‘जिगर’ नाम की एक फिल्म आई। यह फिल्म एक बहुत बड़ी सफल फिल्म साबित हुई जिसमें करिश्मा कपूर के साथ अजय देवगन नजर आए थे। इस फिल्म के गाने एक से बढ़कर एक थे और इसका एक गाना आज भी शादियों और पार्टियों में बहुत बजाया जाता है, जिसका शीर्षक है: “आए हम बाराती बारात लेके।” इसके अलावा, फिल्म ‘जिगर’ के एक्शन सीन उस समय बॉलीवुड में एक नया कॉन्सेप्ट थे। युवाओं को यह खासकर बहुत पसंद आया था। फिल्म में दिखाए गए कराटे और मार्शल आर्ट्स के एक्शन सीन भी लोगों को काफी प्रभावशाली लगे। अगर हम इसे इस फिल्म का मास्टरकार्ड कहें, तो उस समय युवाओं के बीच एक्शन का क्रेज ऐसा था कि बचपन में मैं भी अजय देवगन बनने की कोशिश में लग गया था यानी मैंने भी अंडे फोड़ना शुरू कर दिया था। लेकिन जैसे ही मेरी माँ को इस पागलपन के बारे में पता चला, पहले तो मुझे दो थप्पड़ पड़े, उसके बाद अजय देवगन का भूत मेरे दिमाग से छूमंतर हो गया। लेकिन उस समय अजय देवगन के एक्शन का क्रेज ऐसा था कि बच्चे उन्हें देखकर सचमुच खुद को अजय देवगन समझने लगते थे।बहरहाल, इसी फिल्म के दौरान एक नई कहानी ने जन्म लिया। जी हाँ, देवियों और सज्जनों, हम अजय देवगन और करिश्मा कपूर के बीच बढ़ती नजदीकियों की बात कर रहे हैं। फिल्म ‘जिगर’ की शूटिंग के दौरान करिश्मा कपूर और अजय देवगन के बीच नजदीकियां इतनी बढ़ गई थीं कि दोनों के बीच प्यार की खबरें बॉलीवुड के गलियारों में चर्चा का विषय बन गईं।इसके बाद ‘संगराम’, ‘शक्तिमान’ और ‘धनवान’ जैसी फिल्में आईं। हालाँकि यह गौर करने वाली बात है कि फिल्म ‘धनवान’ के लिए पहले ही दिव्या भारती को साइन किया जा चुका था, लेकिन उनकी मौत के बाद इस फिल्म के लिए करिश्मा कपूर को लिया गया। इसके बाद साल 1994 में अजय देवगन और अक्षय कुमार की फिल्म ‘सुहाग’ रिलीज हुई, जिसमें अभिनेत्री करिश्मा कपूर भी थीं। उस दौर में करिश्मा कपूर और अजय देवगन की जोड़ी को काफी हिट माना जाता था और दर्शक उन दोनों को बहुत पसंद करते थे।चार फिल्मों में एक साथ काम करने के बाद करिश्मा कपूर और अजय देवगन के बीच नजदीकियां और प्यार काफी बढ़ चुका था। साल 1994-1995 के दौरान उनके रिश्ते को लेकर बॉलीवुड में काफी सुगबुगाहट थी। हालाँकि, करिश्मा कपूर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि यह उनके खेलने और मौज-मस्ती करने की उम्र है और वह इन सब चीजों में नहीं पड़ना चाहतीं।लेकिन साल 1995 के दौरान अजय देवगन और करिश्मा कपूर के रिश्ते में दूरियां बढ़ने लगीं। यानी दोनों के ब्रेकअप की खबरें भी सामने आने लगीं। या यूं कहें कि उस समय अजय देवगन का ध्यान किसी दूसरी अभिनेत्री की तरफ शिफ्ट हो गया था
और दूसरी तरफ करिश्मा कपूर के किसी अन्य अभिनेता के साथ रिश्ते में होने की खबरें भी आने लगीं।दरअसल, इसी समय फिल्म ‘हलचल’ की शूटिंग शुरू हुई थी, जिसमें अजय देवगन के साथ अभिनेत्री काजोल नजर आई थीं। वहीं दूसरी ओर, करिश्मा कपूर गोविंदा के साथ फिल्म ‘राजा बाबू’ की शूटिंग में व्यस्त थीं। कई लेखों में यह बताया गया है कि इस दौरान अजय देवगन और काजोल ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया था और उसी समय गोविंदा और करिश्मा कपूर के बीच भी नजदीकियां बढ़ने लगी थीं। शायद यही वजहें थीं कि अजय देवगन और करिश्मा कपूर के बीच दूरियां बढ़ गईं और अजय धीरे-धीरे करिश्मा से पूरी तरह दूर हो गए।इसके बाद करिश्मा कपूर का नाम धीरे-धीरे गोविंदा के साथ जुड़ने लगा और उनकी प्रेम कहानी बॉलीवुड में चर्चा का विषय बन गई। हालांकि, ‘राजा बाबू’ गोविंदा और करिश्मा कपूर की पहली फिल्म नहीं थी। वे इससे पहले भी एक साथ काम कर चुके थे। गोविंदा और करिश्मा कपूर की जोड़ी को इससे पहले 1993 में ‘मुकाबला’ और 1994 में ‘प्रेम शक्ति’ में देखा जा चुका था। यानी करिश्मा कपूर गोविंदा के साथ दो फिल्मों में पहले ही काम कर चुकी थीं और ‘राजा बाबू’ उनकी एक साथ तीसरी फिल्म थी। लेकिन इसी तीसरी फिल्म के दौरान उनकी बढ़ती नजदीकियों ने बॉलीवुड में एक नई प्रेम कहानी को जन्म दिया।यानी ‘राजा बाबू’ के बाद करिश्मा कपूर गोविंदा के साथ कई फिल्मों में नजर आईं। चाहे हम ‘खुद्दार’, ‘साजन चले ससुराल’, ‘हिरो नंबर 1’ या ‘हसीना मान जाएगी’ की बात करें, इनके अलावा उन्होंने कई अन्य फिल्मों में भी साथ काम किया। इस बीच गोविंदा और करिश्मा कपूर की जोड़ी उस दौर के दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुकी थी। दर्शक उनकी केमिस्ट्री, कॉमेडी और स्क्रीन प्रेजेंस को बहुत पसंद करते थे। यही वजह थी कि जब भी दोनों किसी फिल्म में एक साथ आते थे, तो उन फिल्मों को लेकर उनके फैंस में भारी क्रेज रहता था।इस बीच, 1995 और 1997 के बीच गोविंदा और करिश्मा कपूर अपने करियर के पीक पर थे। दोनों का करियर शानदार चल रहा था। एक के बाद एक उनकी फिल्में हिट हो रही थीं। इस दौरान उनके बारे में तरह-तरह की अफवाहें बॉलीवुड में आने लगीं और उनके रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, बाद में एक इंटरव्यू में करिश्मा कपूर ने गोविंदा को अपना अच्छा दोस्त बताया। इसकी एक बड़ी वजह यह थी कि गोविंदा उस समय पहले से शादीशुदा थे। दूसरी तरफ, गोविंदा ने भी कई इंटरव्यू में करिश्मा कपूर को एक अच्छा दोस्त बताया। दोनों ने हमेशा अपने रिश्ते को सिर्फ दोस्ती के रूप में ही पेश किया। लेकिन आज भी सवाल यह उठता है कि क्या गोविंदा और करिश्मा कपूर के बीच सिर्फ दोस्ती थी या उनके रिश्ते में कुछ और भी था? इस बात का सही जवाब शायद दोनों को ही सबसे अच्छे से पता है।लेकिन, लेकिन, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती मेरे दोस्त। इसके बाद एक बार फिर करिश्मा कपूर का नाम अक्षय खन्ना के साथ जुड़ा। यानी ‘धुरंधर पाजी’ के साथ, आपको याद ही होगा। एक समय ऐसी खबरें आने लगीं कि करिश्मा कपूर और अक्षय खन्ना के बीच शादी की बात चल रही है। दरअसल, रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा कहा जाता है कि करिश्मा कपूर के पिता रणधीर कपूर और अक्षय खन्ना के पिता, अभिनेता विनोद खन्ना के बीच बातचीत चल रही थी और दोनों परिवारों के बीच करिश्मा और अक्षय की शादी को लेकर चर्चाएं थीं।इस वजह से करिश्मा कपूर और अक्षय खन्ना के बीच नजदीकियों की खबरें भी सामने आने लगीं। हालांकि, ऐसा कहा जाता है
कि करिश्मा कपूर की माँ बबीता इस रिश्ते के पूरी तरह समर्थन में नहीं थीं। कहा जाता है कि करिश्मा कपूर की माँ बबीता नहीं चाहती थीं कि करिश्मा ऐसे लड़के से शादी करे जिसका करियर और भविष्य उस समय पूरी तरह स्थापित नहीं था। यानी उस समय करिश्मा कपूर बॉलीवुड में कई फिल्में कर चुकी थीं और एक सफल अभिनेत्री के रूप में अपना नाम बना चुकी थीं। दूसरी तरफ, अक्षय खन्ना ने अभी-अभी बॉलीवुड में कदम रखा था। यानी अक्षय खन्ना की पहली फिल्म ‘हिमालय पुत्र’ थी और उनका करियर अभी शुरुआती दौर में था। वह बॉलीवुड में पूरी तरह स्थापित नहीं थे और उनकी कमाई करिश्मा कपूर के मुकाबले कुछ भी नहीं थी।कहा जाता है कि यही वह वजह थी जिसके कारण बबीता इस रिश्ते से बहुत ज्यादा सहज नहीं थीं। आखिरकार दोनों परिवारों के बीच शादी की बात आगे नहीं बढ़ी और यह रिश्ता वहीं खत्म हो गया। हालांकि, करिश्मा कपूर और अक्षय खन्ना के बीच रिश्ते की सच्चाई और यह शादी की तरफ कितना आगे बढ़ा था, इसे मीडिया रिपोर्ट्स में ज्यादातर अफवाहों के तौर पर ही देखा गया।लेकिन, एक बार फिर करिश्मा कपूर का नाम ‘भाइजान’ यानी सलमान खान के साथ जुड़ा।करिश्मा कपूर ने अपने करियर की शुरुआत में ही सलमान खान के साथ काम करना शुरू कर दिया था। 1992 में दोनों ‘निश्चय’ और ‘जागृति’ जैसी फिल्मों में एक साथ नजर आए थे। इसके बाद हमने 1994 की फिल्म ‘अंदाज अपना अपना’ में सलमान खान और करिश्मा कपूर की जोड़ी को देखा। इसके बाद वे 1996 की फिल्म ‘जीत’, उसके बाद ‘जुड़वा’ और ‘बीवी नंबर 1’ जैसी कई फिल्मों में एकसाथ नजर आए। इसका मतलब यह था कि धीरे-धीरे दर्शक सलमान खान और करिश्मा कपूर की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को पसंद करने लगे थे। लेकिन इसके साथ ही बॉलीवुड में उनकी लव स्टोरी और रिश्ते को लेकर चर्चाएं भी जोर पकड़ने लगी थीं। हालांकि दोनों में से किसी ने कभी अपने रिश्ते को लेकर खुलकर कुछ नहीं कहा, लेकिन मीडिया में उनके नाम अक्सर जोड़े जाते थे।
इसके बाद कहानी में एक बड़ा मोड़ आया। सलमान खान ने फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ में ऐश्वर्या राय के साथ काम किया। इस फिल्म के दौरान सलमान खान और ऐश्वर्या राय के बीच नजदीकियां काफी बढ़ गईं और उनकी प्रेम कहानी बॉलीवुड की सुर्खियों में छा गई। ऐसे में करिश्मा कपूर और सलमान खान के बीच की नजदीकियां और चर्चाएं धीरे-धीरे फीकी पड़ने लगीं।लेकिन करिश्मा कपूर की लव लाइफ की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। बाद में उनके जीवन में एक ऐसा शख्स आया जिसके साथ उनकी सगाई भी हुई, लेकिन वह शादी तक नहीं पहुंच पाई। आखिरकार वह शख्स कौन था?अमिताभ बच्चन की बेटी यानी अभिषेक बच्चन की बहन श्वेता बच्चन की शादी निखिल नंदा से हुई थी। आपको बता दें कि निखिल नंदा करिश्मा कपूर की बुआ के बेटे हैं। इसी शादी के दौरान करिश्मा कपूर और अभिषेक बच्चन की मुलाकात हुई और वे पहली नजर में एक-दूसरे को पसंद आ गए। इसके बाद उनके बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ने लगा। कहा जाता है कि वे धीरे-धीरे मिलने, घूमने और एक-दूसरे के साथ समय बिताने लगे। यानी उन्होंने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया और इसी तरह कई साल बीत गए।इस दौरान साल 2000 में अभिषेक बच्चन की पहली फिल्म ‘रिफ्यूजी’ रिलीज हुई, जिसमें करिश्मा कपूर की छोटी बहन करीना कपूर ने बॉलीवुड में अपनी शुरुआत की थी। उस समय अभिषेक बच्चन का करियर अभी शुरुआती दौर में था। उनके पास न तो बड़ी फिल्मों की सफलता थी और न ही एक स्थापित स्टार इमेज। दूसरी तरफ, करिश्मा कपूर पहले ही बॉलीवुड की एक बड़ी स्टार बन चुकी थीं और उनका अपना एक अलग रुतबा था।इसके बाद साल 2002 में करिश्मा कपूर और अभिषेक बच्चन की एक फिल्म रिलीज हुई, जिसमें अक्षय कुमार भी थे। फिल्म का नाम ‘हैन मैंने भी प्यार किया है’ था। इस फिल्म के गाने काफी हिट हुए और दर्शकों को फिल्म भी पसंद आई।लेकिन इसी दौरान कहानी में एक नया मोड़ आया। दरअसल, अमिताभ बच्चन के जन्मदिन के मौके पर जया बच्चन ने मीडिया के सामने करिश्मा कपूर और अभिषेक बच्चन की सगाई की घोषणा कर दी। इसके बाद कुछ रिपोर्ट्स में तो यह भी दावा किया गया कि उनकी सगाई चुपचाप हो चुकी थी। हालांकि, क्या उनकी सगाई वाकई हुई थी या नहीं? इस बात की आज भी कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं है।यह रिश्ता आखिर क्यों टूटा? इसके पीछे की वजह क्या थी? कहा जाता है कि करिश्मा कपूर की माँ बबीता कपूर का मानना था कि करिश्मा एक बड़ी स्टार बन चुकी हैं, जबकि अभिषेक अभी तक स्थापित नहीं हुए हैं। उनका करियर अभी शुरुआती दौर में था
और अभिषेक को बॉलीवुड में अपना नाम बनाने के लिए अभी बहुत कुछ साबित करना बाकी था। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक बबीता कपूर की तरफ से यह भी कहा गया था कि वह करिश्मा की शादी अभिषेक से तभी राजी होंगी जब अमिताभ बच्चन अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा अभिषेक के नाम ट्रांसफर कर दें। दूसरी तरफ, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि जया बच्चन की तरफ से एक शर्त रखी गई थी कि अगर करिश्मा अभिषेक से शादी करती हैं तो उन्हें फिल्मों में काम करना बंद करना होगा। लेकिन यह बात करिश्मा कपूर को मंजूर नहीं थी, क्योंकि उस समय उनका करियर अपने पीक पर था और वह लगातार फिल्मों में काम कर रही थीं।कहा जाता है कि इन तमाम मतभेदों, शर्तों और पारिवारिक मुद्दों की वजह से अभिषेक और करिश्मा धीरे-धीरे एक-दूसरे से दूर हो गए और आखिरकार उनका रिश्ता खत्म हो गया। हालांकि उस समय जब भी बॉलीवुड हलकों में करिश्मा और अभिषेक की शादी की खबरें आती थीं, तो लोग वाकई यही मानते थे कि दोनों की शादी होने वाली है। यानी उस दौर में यह रिश्ता इतना गंभीर माना जाता था कि लोगों को पूरा भरोसा था कि करिश्मा और अभिषेक जल्द ही शादी कर लेंगे और करिश्मा बहुत जल्द बच्चन परिवार की बहू बन जाएंगी। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था और यह शादी आखिरी समय में टूट गई।हालांकि, साल 2003 में करिश्मा कपूर ने अपने बचपन के दोस्त और दिल्ली के व्यवसायी संजय कपूर से शादी कर ली। हालाँकि यह एक अरेंज मैरिज थी, फिर भी करिश्मा कपूर का यही कहना था कि यह किसी लव मैरिज से कम नहीं है क्योंकि करिश्मा कपूर संजय कपूर को बचपन से जानती थीं और दोनों परिवार एक-दूसरे से अच्छी तरह वाकिफ थे। हालांकि, जब करिश्मा कपूर की शादी हो रही थी, तो उनके पुराने दोस्त और सह-कलाकार गोविंदा, सलमान खान और अक्षय खन्ना भी शादी में शामिल हुए, सिवाय अभिषेक बच्चन के। खैर, बॉलीवुड में ऐसी छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं।तो, शादी के बाद करिश्मा कपूर मुंबई छोड़कर दिल्ली चली गईं। वह अपने ससुराल में रहने लगीं। शुरुआत में सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन कुछ समय बाद उनकी शादीशुदा जिंदगी को लेकर कई बातें सामने आने लगीं। यह रिपोर्ट किया गया कि करिश्मा कपूर शादी के बाद भी फिल्मों में काम करना जारी रखना चाहती थीं, लेकिन उनके ससुराल वालों को यह मंजूर नहीं था। संजय कपूर ने खुद मीडिया के सामने करिश्मा कपूर के फिल्मों में काम करने को लेकर अपनी असहमति जताई थी।दूसरी तरफ, करिश्मा कपूर ने अपने ससुराल वालों पर कई आरोप लगाए। उन्होंने अपनी सास पर उन्हें प्रताड़ित करने और दहेज के लिए दबाव डालने का भी आरोप लगाया। लेकिन इन सबके बीच करिश्मा कपूर की तरफ से एक ऐसा दावा सामने आया जिसने सबको चौंका दिया। करिश्मा कपूर के अनुसार, संजय कपूर ने शादी के बाद उनके साथ बेहद बुरा बर्ताव किया था। यानी उन्होंने आरोप लगाया कि संजय कपूर ने उन्हें अपने दोस्तों के सामने खड़ा किया और उनके साथ अंतरंग होने का दबाव बनाया।यहाँ से करिश्मा कपूर और संजय कपूर की शादीशुदा जिंदगी में विवादों और तनाव की कहानी धीरे-धीरे बाहर आने लगी। बाद में दोनों के बीच दरार और विवाद बढ़ने लगे, और इस दौरान करिश्मा कपूर दो बच्चों की माँ भी बन चुकी थीं। लेकिन अब करिश्मा कपूर के लिए यह सब सहन करना बहुत ज्यादा हो गया था और उनका सब्र जवाब दे रहा था। इसलिए उन्होंने संजय कपूर से तलाक लेने का फैसला किया।साल 2014 में करिश्मा कपूर ने संजय कपूर से तलाक के लिए याचिका दायर की और लगभग 2 साल चली कानूनी प्रक्रिया के बाद साल 2016 में उनका आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया। हालांकि आपको बता दें कि करिश्मा कपूर से शादी करने से पहले संजय कपूर की पहले भी शादी हो चुकी थी। करिश्मा कपूर से तलाक के बाद उन्होंने तीसरी बार शादी की, और करिश्मा कपूर से शादी के बाद भी उनके पति संजय कपूर का किसी और के साथ अफेयर चल रहा था।इस बीच, संजय कपूर से तलाक मिलने के बाद करिश्मा कपूर मुंबई वापस आ गईं। इसके बाद करिश्मा कपूर अपनी माँ और बच्चों के साथ मुंबई स्थित अपने घर में रहने लगीं।
लेकिन शायद करिश्मा कपूर की लव लाइफ की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। तलाक के बाद करिश्मा कपूर का नाम एक बार फिर अक्षय खन्ना के साथ जुड़ा। यह तब की बात है जब अक्षय खन्ना की कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी। सोशल मीडिया पर यह वायरल हो गया था कि दोनों शादी करने जा रहे हैं। लेकिन यह सिर्फ एक अफवाह थी। इसके बावजूद करिश्मा कपूर और अक्षय खन्ना की शादी से जुड़ी ये अफवाहें काफी लंबे समय तक सोशल मीडिया की सुर्खियों में बनी रहीं।जहाँ तक करिश्मा कपूर के करियर की बात है, तो वह फिल्म ‘राजा हिंदुस्तानी’ के लिए भी जानी जाती हैं। इस फिल्म के लिए सबसे पहले जूही चाईला को साइन किया गया था, लेकिन उन्होंने इस फिल्म में काम करने से मना कर दिया था। उसके बाद इस फिल्म के लिए करिश्मा कपूर को कास्ट किया गया और जब ‘राजा हिंदुस्तानी’ रिलीज हुई तो यह एक बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इस फिल्म की सफलता ने करिश्मा कपूर के स्टारडम में चार चाँद लगा दिए और वह बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार हो गईं।इस बीच, फिल्म ‘दिल तो पागल है’ भी करिश्मा कपूर के करियर में एक बड़ा हिट साबित हुई। इस फिल्म में उनके शानदार अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला।हालांकि, अगर पीछे मुड़कर देखा जाए, तो शादी के बाद करिश्मा कपूर का ज्यादातर समय अपने परिवार और बच्चों की देखभाल में ही बीता। इसके बाद उनकी कुछ ऐसी फिल्में रिलीज हुईं जिनमें वह साइड रोल में नजर आईं या उनका रोल बहुत छोटा था। हालांकि, करिश्मा कपूर ने बॉलीवुड से पूरी तरह दूरी नहीं बनाई। वह कभी-कभार रियलिटी शो, इवेंट्स, इंटरव्यू और वेब सीरीज में नजर आती रहती हैं। आज भी करिश्मा कपूर के फैंस उन्हें उतना ही प्यार देते हैं।दूसरी तरफ, करिश्मा कपूर के पिता रणधीर कपूर अब काफी बुजुर्ग हो चुके हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर खबरें समय-समय पर आती रहती हैं। कपूर परिवार और उनके फैंस भी इसको लेकर चिंतित नजर आते हैं।लेकिन करिश्मा कपूर के जीवन की यह पूरी कहानी सिर्फ उनकी सफलता की कहानी नहीं है। इसमें प्यार, रिश्ते, शादी, विवाद और कई ऐसे उतार-चढ़ाव शामिल हैं जिन्होंने उनकी जिंदगी को सुर्खियों में बनाए रखा। तो, करिश्मा कपूर ने बहुत प्यार किया और कई बार दिल लगाया, लेकिन जब बात शादी की आई, तो वह ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई। अब इसे करिश्मा कपूर की किस्मत कहें या उनकी जिंदगी के हालात, इस बारे में कुछ भी कहना आसान नहीं है। तो, इन तमाम कहानियों और विवादों को सुनने के बाद आपकी क्या राय है? करिश्मा कपूर की लव लाइफ में जो हुआ, वह उनकी बदकिस्मत थी या कुछ और? हमें कमेंट्स में अपनी राय जरूर बताएं और अगर आपको हमारा वीडियो पसंद आया हो तो चैनल को सब्सक्राइब करें। एक नए वीडियो के साथ फिर मिलेंगे, तब तक अपना ख्याल रखें और सतर्क रहें।