क्या एक सुपरस्टार के पीछे हमेशा के लिए छिप जाना किसी मंझे हुए कलाकार की नियति हो सकती है या फिर यह एक ऐसी सोची समझी कुर्बानी थी जिसका कर्ज टीवी इंडस्ट्री आज तक नहीं चुका सकी है क्या दुनिया के सबसे बड़े कॉमेडी मंच पर हर हफ्ते सरेआम गालियां खाना अपनी शक्ल और सूरत का मजाक उड़वाना और महज एक छाए वाले की हैसियत में सिमट कर रह जाना सिर्फ एक लिखी हुई स्क्रिप्ट का हिस्सा था [संगीत] या इसके पीछे एक घुटता हुआ इंसान चीख-चीख कर अपना आत्मसम्मान मान मांग रहा था। और सबसे तीखा सवाल यह है कि जब सालों तक टीवी की संस्कारी और पारिवारिक बाउंड्री में खामोश रहने वाला कोई शख्स अचानक इंडियास गॉड लैटेंट। जैसे डार्क कॉमेडी शो में एक ज्वालामुखी की तरह फटता है। तो क्या वह महज कॉमेडी कर रहा होता है या अपने अंदर दबे 15 सालों के गुब्बार को बाहर निकाल रहा होता है? आज हम बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के उस अनकहे और मसालेदार सच से पर्दा उठाने जा रहे हैं। यह कहानी सिर्फ एक आम कॉमेडियन की नहीं है बल्कि यह दास्तान है उस इंसान की जिसने अपने ही हाथों से अपने सबसे अच्छे दोस्त को उस सिंहासन पर बिठाया। जहां से उसी दोस्त ने एक दिन उसे उसकी हैसियत याद दिला दी। [संगीत] यह कहानी है चंदन प्रभाकर की। एक ऐसा नाम जिसे दुनिया ने सालों तक चंदू चायवाला कहकर पुकारा और उस पर हंसी। लेकिन जिसके भीतर एक ऐसा कलाकार और तेजतर्रार कॉमिक माइंड डफन था जिसने जब वापसी की तो इंटरनेट के सबसे बड़े दिग्गजों की बोलती बंद कर दी। आपको कब पता चला कि आप इस तरह से खुल सकते हैं। तो किसकी बात कर रहे हो? डांस की या तुम आ कर दो पहले। [हंसी] आंसर देने से पहले आराम से। इस कहानी की जड़े माया नगरी मुंबई में नहीं बल्कि पंजाब के अमृतसर की उन पुरानी और शोरशराबे वाली गलियों में धंसी हुई हैं। जहां एक मध्यमवर्गीय परिवार में सपने देखना भी एक बहुत बड़ी लग्जरी मानी जाती थी। साल 1981 में जन्मे चंदन प्रभाकर का बचपन एक ऐसे पंजाबी परिवार में बीता जहां कला, एक्टिंग या थिएटर को भविष्य बनाने का जरिया नहीं बल्कि उम्र का भटकाव और महज एक शौक माना जाता था। उस दौर में सफलता का सिर्फ एक ही पैमाना हुआ करता था और वह था
एक अच्छी डिग्री और एक सुरक्षित गवर्नमेंट नौकरी। परिवार की इसी भारी-भरकम उम्मीद का बोझ अपने कंधों पर उठाते हुए चंदन ने हिंदू कॉलेज से बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग में दाखिला ले लिया। लेकिन उनका मन किताबों से ज्यादा किरदारों में लगता था। दिन के उजाले में वह क्लास रूम के अंदर मशीनों के पुरजे और इंजीनियरिंग के फार्मूले समझते थे। लेकिन जैसे ही शाम ढलती, उनके अंदर का बेचैन कलाकार उन्हें अमृतसर के लोकल थिएटर की रंगीन दुनिया में खींच ले जाता था। श्री राम आश्रम सीनियर सेकेंडरी स्कूल के दिनों में ही उनकी मुलाकात एक ऐसे लड़के से हुई थी जिसकी आंखों में भी ठीक वही चमक और वही बड़े सपने थे जो चंदन की आंखों में पल रहे थे। उस लड़के का नाम था कपिल शर्मा और दोनों की यह दोस्ती स्कूल की लकड़ी की बेंचों से शुरू होकर अमृतसर के रामलीला मैदानों और नुक्कड़ नाटकों के मंच तक जा पहुंची। उस वक्त किसी के पास इतने पैसे नहीं होते थे कि वे नाटकों के लिए महंगे और चमचमाते कॉस्ट्यूम खरीद सकें। चंदन जो हमेशा से अपने किरदारों की बारीकियों पर बहुत गहरा ध्यान देते थे। [संगीत] अपने पिता और चाचा के पुराने ढीले ढाले सफारी सूट और बैगी पैंट्स को घर ले आते थे और खुद सेफ्टी पिन व सुई धागे की मदद से घंटों बैठकर उन कपड़ों को अल्टर करते थे ताकि मंच पर उनका किरदार पूरी तरह से जीवंत और असली लग सके। इस टोली में आगे चलकर राजीव ठाकुर और सुदेश लहरी भी शामिल हो गए। लेकिन इन सबकी असली अग्नि परीक्षा तब शुरू हुई जब टीवी पर कॉमेडी का सबसे बड़ा महासंग्राम दस्तक देने वाला था। साल 2005 में जब सुनील पाल द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज के पहले सीजन के विजेता बने, तो पूरे देश में स्टैंड अप कॉमेडी की एक ऐसी भयंकर लहर दौड़ गई, जिसने गली मोहल्ले के हर मजाकिया इंसान को रातों-रात स्टार बनने का सपना दे दिया। पंजाब में भी इस लहर का गहरा असर हुआ और एमएच वन चैनल पर हंसदे हंसादे रवो जैसे शोज़ शुरू हुए। जहां चंदन, कपिल, राजीव और सुदेश की इस चौकड़ी को पहली बार कैमरे के सामने अपनी कला दिखाने का मौका मिला। लेकिन इन सबका अंतिम लक्ष्य तो वही चमचमाता हुआ मंच था जिसने राजू श्रीवास्तव और एहसान कुरैशी को रातोंरात भगवान बना दिया था। आखिरकार साल 2007 में वह मौका आ ही गया जब लाफ्टर चैलेंज के तीसरे सीजन के ऑडिशन शुरू हुए। अमृतसर से मुंबई तक का सफर तय करने के लिए इन चारों दोस्तों ने अपनी जी जान लगा दी। लेकिन नतीजे आए तो किस्मत ने एक बहुत ही अजीब, हैरान करने वाला और क्रूर खेल खेला। चंदन प्रभाकर, राजीव ठाकुर और सुदेश लहरी को तो शो के लिए तुरंत चुन लिया गया। लेकिन जिस इंसान को यह टोली अपना सबसे बड़ा थ्रूप का इक्का और सबसे टैलेंटेड कलाकार मानती थी। यानी कपिल शर्मा उन्हें पंजाब ऑडिशन में शो के जजों ने बुरी तरह रिजेक्ट कर दिया। कपिल के लिए यह किसी गहरे सदमे से कम नहीं था। उनके बरसों के सपने उनके सामने टूट कर बिखर रहे थे और वे पूरी तरह से हताश हो चुके थे। लेकिन ठीक इसी मोड़ पर चंदन ने वह किया जो आज की इस स्वार्थी दुनिया में शायद ही कोई दोस्त कभी करें। चंदन ने अपने दोस्त को टूटने नहीं दिया बल्कि एक बेहतरीन और मजे हुए राइटर की तरह कपिल की स्क्रिप्ट पर खुद फिर से काम किया। उसमें नए और धारदार पंच जोड़े, उसकी कॉमिक टाइमिंग सुधारी और कपिल को हार ना मानने की सलाह देते हुए दिल्ली ऑनशन के लिए भेज दिया। लेकिन किस्मत को शायद इस ड्रामे में अभी और सस्पेंस डालना मंजूर था। क्योंकि कपिल दिल्ली से भी रिजेक्ट होकर खाली हाथ लौट आए। दिल्ली से मिली इस दूसरी और करारी हार के बाद कहानी में वह ऐतिहासिक और रोंगटे खड़े कर देने वाला मोड़ आता है जो किसी भी बॉलीवुड के सस्पेंस और इमोशनल ड्रामे को आसानी से मात ले सकता है। अपने दोस्त का करियर खत्म होते देख चंदन ने शो के मेकर्स के सामने हाथ जोड़ लिए और बार-बार मिन्नतें की। उन्होंने मेकर्स को समझाया कि कपिल शर्मा इस शो के सबसे बड़े हकदार हैं। उनके पास एक अद्भुत टैलेंट है और उन्हें सिर्फ एक आखिरी मौका दिया जाना चाहिए। मेकर्स चंदन की इस भयंकर जिद और उनके खुद के टैलेंट के आगे झुक तो गए। लेकिन उन्होंने शर्त एक ऐसी रख दी जिसने पल भर के लिए चंदन के पैरों तले से जमीन ही खिसका दी।
मेकर्स ने साफ और कड़े शब्दों में कहा कि अगर कपिल को शो के अंदर लाना है तो सबसे पहले सेलेक्ट हुए किसी कलाकार को अपनी पक्की हो चुकी कुर्सी छोड़नी होगी और वह कलाकार कोई और नहीं बल्कि खुद चंदन थे। जरा उस पल की स्थिति की कल्पना कीजिए जो चंदन के दिमाग में चल रहा होगा। एक तरफ सालों की जी तोड़ मेहनत और मुंबई का वो चमकता हुआ मंच था जिसके लिए चंदन ने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई तक को दांव पर लगा दिया था और दूसरी तरफ था उनका बचपन का जिगरी दोस्त जो दिल्ली में ऑडिशन से रिजेक्ट होकर आंसू बहा रहा था। बिना एक भी पल की देरी किए या अपने भविष्य के बारे में सोचे चंदन ने अपनी खुद की सफलता की बलि चढ़ा दी। उन्होंने खामोशी से अपना बोरिया बिस्तर बांधा। अपने दोस्त के सपनों को उड़ान देने के लिए शो से बाहर हो गए और मुंबई की उस माया नगरी को पीछे छोड़कर वापस अमृतसर आ गए ताकि वे एक आम मैकेनिकल इंजीनियर के तौर पर नौकरी ढूंढ सकें। इसे कहते हैं एक सच्ची और खामोश कुर्बानी। चाहे क्या जिसमें उबाल ना हो और वो दोस्ती क्या जिसमें बवाल ना हो। जिसके बिना शायद आज कपिल शर्मा नाम का कोई ब्रांड या सुपरस्टार इस दुनिया में वजूद ही नहीं रखता। हालांकि चंदन की प्रतिभा इतनी दमदार और असरदार थी कि उसे हमेशा के लिए नजरअंदाज करना शो के मेकर्स के लिए भी मुमकिन नहीं था। कुछ समय बाद उन्हें अपनी इस बड़ी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने चंदन को पूरे सम्मान के साथ वापस शो में बुला लिया। जब लाफ्टर चैलेंज सीजन 3 का ग्रैंड फिनाले हुआ, तो मंच पर आखिरी दो चेहरों के रूप में कपिल शर्मा और चंदन प्रभाकर ही आमने-सामने खड़े थे। उस रात कपिल ने वह चमचमाती ट्रॉफी उठाई और चंदन फर्स्ट रनर अप रहे। कैमरे के सामने कपिलजीत की खुशी में चमक रहे थे और उनके ठीक पीछे खड़ा उनका दोस्त चंदन मुस्कुरा रहा था। लेकिन उस भावुक रात को चंदन को इस बात का रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि यह पीछे खड़े रहने और सेकंड बेस्ट बने रहने की छवि आने वाले एक पूरे दशक तक उनका एक भयानक साया बनकर पीछा करने वाली थी। लाफ्टर चैलेंज के उस ऐतिहासिक ग्रैंड फिनाले के खत्म होने के बाद इन दोनों दोस्तों के रास्ते और उनकी कॉमेडी की शैलियां पूरी तरह से अलग दिशाओं में जाने लगी और यहीं से दोनों के बीच एक अनकाहा फासला भी शुरू हुआ। कपिल शर्मा ने कॉमेडी सर्कस का रुख किया और वहां जाकर अपनी कला को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया। कपिल के पास एक ऐसा स्वाभाविक और गॉड गिफ्टेड हुनर था जो टेलीविजन की फास्ट पेस्ड दुनिया के लिए किसी वरदान से कम नहीं था। उनका इंप्रोवाइजेशन, ऑब्जरवेशनल सरकाज्म और क्राउड वर्क इतना शानदार था कि वे एक ऐसे बिहेवियरल कॉमिक बन गए जिन्हें किसी बंधी-बंधाई स्क्रिप्ट की कभी जरूरत ही नहीं पड़ती थी। वे जजों और लाइव दर्शकों के हाव-भाव पढ़कर तुरंत पंच मारने में माहिर हो गए और लगातार छह सीजन जीतकर खुद को टीवी कॉमेडी का बादशाह साबित कर दिया। दूसरी तरफ चंदन का क्राफ्ट और उनका नजरिया बिल्कुल अलग था। चंदन एक इंटेंस राइटर और मेथड कैरेक्टर एक्टर थे। वे अजीबोगरीब कॉस्ट्यूम, सटीक बॉडी लैंग्वेज और एक बहुत ही मजबूत स्क्रिप्ट के सहारे कॉमेडी करने में यकीन रखते थे। जब टीवी इंडस्ट्री में इंस्टेंट पंच लाइन और लाउड कॉमेडी की मांग बहुत तेजी से बढ़ने लगी तब चंदन अपने कंफर्ट ज़ोन में टिके रहे और भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अपनी गति से काम करना पसंद किया। इसी दौरान उन्होंने पंजाबी सिनेमा का रुख किया और पर्दे पर अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया। लेकिन तकदीर ने इन दोनों दोस्तों को फिर से एक ही मंच पर लाने की एक ऐसी पटकथा लिख दी थी
जो आगे चलकर टीवी इंडस्ट्री के इतिहास का सबसे बड़ा विवाद बनने वाली थी। यह खतरनाक पटकथा तब शुरू हुई जब साल 2013 में भारतीय टेलीविजन के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे सफल शो कॉमेडी नाइट्स विद कपिल शुरू हुआ। यह वही चमचमाता हुआ मंच था जिसने कपिल शर्मा को टीवी का भगवान बना दिया। लेकिन ठीक इसी शो ने चंदन प्रभाकर और कपिल के बीच के बरसों पुराने रिश्ते की बुनियाद को भीतर से हिला कर रख दिया। अब वे दोनों रामलीला मैदान वाले बराबर के दोस्त नहीं रह गए थे। बल्कि उनका रिश्ता पूरी तरह से एक बॉस और एक कास्ट मेंबर के रिश्ते में तब्दील हो चुका था। चंदन को इस बड़े शो में पहले राजू और बाद में चंदू चायवाला का किरदार सौंपा गया। स्क्रीन पर दिखने वाली यह कॉमेडी दर्शकों को भले ही लौटपोट कर देती थी, लेकिन असल में यह बहुत गहरी और कई मायनों में बेहद अपमानजनक हुआ करती थी। शो का एक स्थापित फार्मूला ही बन गया था कि चंदन की पूरी कॉमेडी कपिल के रिएक्शंस और उनके द्वारा किए गए अपमान पर निर्भर करेगी। हर हफ्ते नेशनल टीवी पर करोड़ों दर्शकों के सामने चंदन की शक्ल का मजाक उड़ाया जाता। उनकी टूटी-फूटी अंग्रेजी पर हंसा जाता और उनके असली जीवन में एक पढ़ा लिखा इंजीनियर होने के बावजूद चाय बेचने पर तीखे ताने मारे जाते। कपिल अक्सर शो में बड़े मजाकिया लहजे में यह कहते नजर आते कि अगर वह इसे अमृतसर से पकड़ कर नहीं लाते तो यह आदमी आज भी लोगों के फटे हुए सफारी सूट सिल रहा होता। दर्शकों और टीआरपी के लिए यह हंसी का एक खज़ाना था। लेकिन एक कलाकार के मन पर यह एक बहुत बड़ा प्रहार था। इन लगातार मारे गए जोक्स की वजह से दर्शकों के मन में चंदन की छवि एक ऐसे दब्बू इंसान की बन गई जिसका अपना कोई वजूद ही नहीं है और जो सिर्फ कपिल की दया पर पल रहा है। लेकिन चंदन ने यह कड़वा जहर भी अपने दोस्त के शो की सफलता के लिए सालों तक पी लिया। वे हंसते रहे। हर हफ्ते बेइज्जत होते रहे और शो को ब्लॉकबस्टर हिट कराते रहे। लेकिन उनके अंदर का ज्वालामुखी खदबदा रहा था जिसे फटने के लिए बस एक छोटी सी चिंगारी की जरूरत थी। और वह चिंगारी एक भयानक आग बनकर भड़की मार्च 2017 के उस मनहूस ऑस्ट्रेलिया टूर पर जब इन दोनों दोस्तों के बीच जिम्मेदारियों, पैसे, रुतबे और सबसे बढ़कर अहंकार का एक बहुत बड़ा पहाड़ खड़ा हो चुका था। कपिल अब सिर्फ एक साधारण स्टैंड अप कॉमेडियन नहीं थे। वे के नाइन प्रोडक्शंस के मालिक, शो के माई-बाप और बॉलीवुड के चहेते सुपरस्टार बन चुके थे। दूसरी ओर चंदन जो कभी उनके सबसे करीबी दोस्त और उनके करियर के तारणहार थे, अब उस प्रोडक्शन के महज एक सैलरी बेस्ट कास्ट मेंबर बन कर रह गए थे। जब किसी भी रिश्ते में बराबरी खत्म हो जाती है तो वहां अहंकार जन्म लेता ही है और यही अहंकार सिडनी में एक शो के बैकस्टेज बुरी तरह से फट पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैकस्टेज किसी बात को लेकर दोनों के बीच एक बहुत ही तीखी बहस हो गई। और कपिल का लहजा चंदन के प्रति बेहद खराब और अपमानजनक था। [संगीत] सालों से चंदू चाय वाला बनकर गालियां खा रहे चंदन के भीतर का सोया हुआ आत्मसम्मान उस दिन अचानक शेर की तरह जाग उठा।
उन्होंने बिना डरे कपिल की आंखों में आंखें डालकर सीधे लहजे में कह दिया कि तू होगा कपिल शर्मा बट यू कांट स्पीक टू मी लाइक दिस। यह करारा जवाब सुनते ही कपिल का अहंकार पूरी तरह से आहत हो गया। क्योंकि जिस दोस्त को उन्होंने हमेशा अपने से नीचा समझा था, उसका यह बागी तेवर उनसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हुआ। बात इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि कपिल ने कथित तौर पर चंदन को थप्पड़ मारने तक की धमकी दे डाली। जिससे आहत होकर चंदन ने मेलबर्न में अपना होटल छोड़ दिया और टूर के बाकी हिस्सों में परफॉर्म करने से साफ इंकार कर दिया। लेकिन यह तो सिर्फ इस कड़वे और डार्क ड्रामे का एक छोटा सा ट्रेलर था। असली तमाशा तो मुंबई लौटते वक्त एयर इंडिया की फ्लाइट या 309 में आसमान की ऊंचाइयों पर होना था। हवा में उड़ते उस विमान में नशे में पूरी तरह धुत कपिल शर्मा ने जो तांडव किया उसने भारतीय टेलीविजन के पूरे इतिहास को हिला कर रख दिया। टीम के सदस्यों द्वारा उनके बिना खाना खा लेने पर कपिल इस कदर भड़के कि उन्होंने सारी मर्यादाएं और शराफत तार-तार कर दी। गाली-गलौज चंदन से शुरू हुई और बीच-बचाव करने आए सुनील ग्रोवर तक पहुंच गई। नौबत यहां तक आ गई कि कपिल की सुनील से हाथापाई हुई जूता फेंका गया और कपिल ने पूरी टीम पर चीखते हुए वह खौफनाक बात कह दी जिसने हर किसी का दिल अंदर तक तोड़ दिया। तुम लोगों को मैंने बनाया है मैं तुम सबका करियर खत्म कर दूंगा। उस दिन फ्लाइट में सिर्फ एक सुपरहिट शो की टीम नहीं बिखरी थी बल्कि 20 साल पुरानी एक गहरी दोस्ती का सरेआम गला घोटा गया था। मुंबई उतरते ही सुनील ग्रोवर, चंदन प्रभाकर और अली असगर ने शो के अगले शूट का तुरंत बॉयकॉट कर दिया और द कपिल शर्मा शो से हमेशा हमेशा के लिए अपना नाता तोड़ लिया। जिसे देखकर दुनिया को लगा कि अब यह टूटी हुई जोड़ी शायद ही कभी वापस जुड़ पाएगी। इस महाविवाद और अलगाव के बाद कपिल शर्मा का चमचमाता साम्राज्य ताश के पत्तों की तरह ढहने लगा। शो की टीआरपी गर्त में चली गई और वे खुद गहरे डिप्रेशन और शराब की भयानक लत में घिर गए। लेकिन ठीक इसी वक्त दूसरी तरफ चंदन की जिंदगी में एक नई और बेहद खूबसूरत रोशनी ने दस्तक दी। [संगीत] 31 मार्च 2017 को उनकी पत्नी नंदिनी खन्ना, जिनसे उन्होंने अमृतसर में एक पारंपरिक पंजाबी शादी की थी। ने एक बेहद प्यारी सी बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम अध्विका रखा गया। एक नन्ही जान के जन्म का यही वह भावुक पल था, जिसने नफरत और गुस्से की जमी हुई बर्फ को पिघलाना शुरू कर दिया। चंदन से भयंकर झगड़े और अलगाव के बावजूद कपिल अपने बचपन के दोस्त की इस बड़ी खुशी में शामिल होने से खुद को किसी भी तरह रोक नहीं पाए। वे अपने परिवार के साथ तुरंत चंदन के घर पहुंचे। नवजात अद्विका को प्यार से निहारा और चंदन के परिवार के सामने अपनी सारी गलतियों की हाथ जोड़कर माफी मांगी। कपिल को उस दिन यह गहरा एहसास हो गया था कि वे अपने इस पुराने दोस्त के बिना पूरी तरह से अधूरे हैं। इसके करीब 3 महीने के लंबे अंतराल के बाद जून 2017 में चंदन ने एक ऐसा अप्रत्याशित फैसला लिया जिसने मीडिया और उनके फैंस को पूरी तरह से चौंका दिया। वे सारे गिले शिकवे भुलाकर वापस द कपिल शर्मा शो में लौट आए। जब तीखे सवाल दागते हुए मीडिया ने उनसे पूछा कि इतनी बड़ी बेइज्जती के बाद उनका आत्मसम्मान कहां गया? तो चंदन का जवाब इतना गहरा, सच्चा और भावुक था कि उसने हर आलोचक का मुंह हमेशा के लिए बंद कर दिया। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि वे जानते हैं लोग उनके आत्मसम्मान पर सवाल उठा रहे हैं।
लेकिन प्यार का क्या? उन्होंने कपिल के साथ 30 साल बिताए हैं और वे अपनी झूठी इज्जत के लिए अपने प्यार को नीचा नहीं दिखा सकते। उन्होंने इस भयंकर विवाद को भाइयों के बीच के झगड़े जैसा बताया और एक बेहद खूबसूरत उदाहरण देते हुए कहा कि भीगे हुए कपड़े को सूखने में थोड़ा वक्त तो लगता ही है। यह बयान चंदन की परिपक्वता और उनके विशाल हृदय को दर्शाता था। साल 2018 में जब कपिल अपने जीवन के सबसे अंधकारमय दौर में थे और Twitter पर पत्रकारों से बुरी तरह लड़ रहे थे। तब चंदन ही वह इकलौते इंसान थे जो सार्वजनिक रूप से उनके साथ एक मजबूत चट्टान की तरह खड़े रहे। जिससे यह साबित हो गया कि 2007 में शो छोड़ने वाली उनकी कुर्बानी कोई इत्तेफाक नहीं थी बल्कि वफादारी उनके खून में शामिल थी। वक्त का पहिया अपनी पूरी रफ्तार से घूमा। टीवी का दौर धीरे-धीरे पीछे छूटने लगा और दर्शकों का ध्यान ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की ओर खिसकने लगा। जिसके चलते कपिल का शो भी Sony टीवी से Netflix पर शिफ्ट हो गया। लेकिन इस बार चंदन ने अपने परिवार और अपनी मानसिक शांति को सबसे ऊपर चुनते हुए इस नए डिजिटल सफर से पूरी तरह दूरी बना ली। दुनिया को ऐसा लगने लगा था कि शायद अब चंदन प्रभाकर की कॉमेडी का सफर हमेशा के लिए खामोश हो गया है और वे बस एक याद बनकर रह जाएंगे। लेकिन फिर आया जुलाई 2026 का वह महीना जिसने पूरे इंटरनेट पर तहलका मचा दिया। इंटरनेट के सबसे बड़े और सबसे चर्चित डार्क कॉमेडी शो इंडियास गॉट लेटेंट के सीजन 2 के दूसरे एपिसोड में [संगीत] जब समय रैना ने अपने कॉमेडी हीरोज़ को जज की कुर्सी पर बिठाया तो उस पैनल में कीकू शारदा और हर्ष लिंबाचिया के ठीक बगल में मौजूद थे चंदन प्रभाकर। लेकिन चौंकाने वाली बात यह थी कि इस बार चंदन किसी चंदू चाय वाले के फटे हुए और दब्बू कॉस्ट्यूम में नहीं थे। इस मंच पर कोई बंधी बंधाई संस्कारी स्क्रिप्ट नहीं थी। जोक्स की कोई बाउंड्री नहीं थी और सबसे बड़ी बात यह थी कि वहां कोई कपिल शर्मा नहीं था जो उन्हें बार-बार टोक सके या नीचा दिखा सके।
इस बार वे सिर्फ और सिर्फ अपनी असली पहचान चंदन प्रभाकर बनकर आए थे। जैसे ही शो शुरू हुआ चंदन ने अपने अनफिल्टर्ड वन लाइनर्स, डार्क जोक्स और अचूक कॉमिक टाइमिंग से पूरे पैनल को। यहां तक कि खुद शो के उस्ताद होस्ट समय रैना को भी पूरी तरह से ओवर शैडो कर दिया। दर्शकों ने पहली बार अपनी आंखों से देखा कि टीवी की उस साफसथरी स्क्रिप्ट के पीछे दबा हुआ यह इंसान असल में कितना खतरनाक और तेज तर्रार कॉमिक माइंड रखता है। यह पूरा विवाद इस बात का एक बहुत बड़ा मनोवैज्ञानिक प्रमाण था कि जब आप एक शानदार और बेखौफ कलाकार को सालों तक एक ही दब्बू और लाचार किरदार में कैद करके रखते हैं और अचानक उसे बिना किसी फिल्टर के खुले मंच पर आजाद कर देते हैं तो वह सिर्फ परफॉर्म नहीं करता बल्कि पूरी ताकत के साथ फट पड़ता है। आज के समय में चंदन प्रभाकर की कुल संपत्ति करीब 15 से ₹20 करोड़ आंकी जाती है और वे कपिल शर्मा के शो से प्रति एपिसोड 5 से ₹8 लाख तक की भारी-भरकम फीस चार्ज करते थे। यह एक ऐसे इंसान की दास्तान है जिसे दुनिया ने लंबे समय तक सिर्फ एक कॉमिक रिलीफ समझा। लेकिन असल में वे एक बेहद चतुर बिजनेसमैन और एक शांत पारिवारिक इंसान निकले। और दोस्तों अगर आपको बॉलीवुड के इन अनकही कहानियों और गहरे राजों को जानना पसंद है तो अभी इस वीडियो को लाइक करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करके बेल आइकन दबाना ना भूलें। मिलते हैं अगली वीडियो