तमिलनाडु में विजय की पार्टी तमिलगा विक्टरी कड़गम ने जोरदार जीत हासिल की 108 सीटें जीती विजय तो इस जीत के हीरो बन ही गए हैं। साथ ही उनका इलेक्शन कैंपेन संभालने वाले कपिल साहू भी खूब चर्चा में हैं।
दैनिक भास्कर से बातचीत में कपिल साहू ने बताया कि उन्होंने भोपाल के नेशनल लॉ इंस्टट्यूट से पढ़ाई की है। उसके बाद डाटा और ग्राउंड मैनेजमेंट में करियर [संगीत] बनाया। फिर आईपैक से जुड़े जो पहले प्रशांत किशोर का ऑर्गेनाइजेशन था। अब पीके कहते हैं कि जन स्वराज बनाने के बाद वो आईपैक से अलग हो चुके हैं। इसके बाद कपिल साहू ने 12 मेंबर्स की टीम बनाकर विजय के साथ काम शुरू किया। विजय के लिए जो पॉलिटिकल कैंपेन डिजाइन किया उसकी पांच खास बातें आपको बताते हैं। पहला एंटी इनकंबेंसी को मातरम में बदलना। राज्य में डीएमके और एआईएडीएमके करीब 50 सालों से सत्ता में रही। राज्य में एंटी इनकंबेंसी साफ थी। विजय के लिए कपिल ने इसी फीलिंग को मातरम की भावना मतलब बदलाव के नैरेटिव में बदला। जिसमें जमीनी हकीकत को उन्होंने समझा।
घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनी। फिल्म एक्टर के तौर पर विजय को पहले से ही समर्थन था पर फ्यूचर रेड्डी जैसे नैरेटिव ने उसे वोट में बदला। दूसरा लोकल कल्चर से कनेक्टिविटी। टीवी का चुनाव चिन्ह सिटी था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक कपिल ने इस चुनाव चिन्ह को कोलम यानी कि रंगोली के रूप में तब्दील किया। विजय ने लोगों से रिक्वेस्ट की कि सब लोग अपने घरों के आगे कोलम में सिटी की आकृति बनाई। साथ ही टीवी के प्रिंट की साड़ियां, नेल आर्ट मार्केट में बहुत चलन में आई।
इन सारे कैंपेन से महिलाएं खूब जुड़ी और विजय की पार्टी को खूब सपोर्ट किया। तीसरा बच्चों को जोड़ना। टीवी ने अपने कैंपेन से बच्चों को जोड़ा। विजय ने बच्चों से अपील की कि वो अपने पेरेंट्स से जाकर यह कहें कि वोट देने के लिए वो जाएं। कई सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो आए जिसमें बच्चे अपने पेरेंट्स को टीवी को वोट देने के [संगीत] लिए कन्विंस करते हुए नजर आ रहे हैं। चौथा राजनीति में टेक्नोलॉजी का इंट्रोडक्शन।
विजय जिन भी रैलियों में जा नहीं पाते थे वहां वो जनता से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। कई जगह के कैंपेन में रोबोट दिखाई दिए जो लोगों को ग्रीट करते हुए नजर आए। पार्टी के नारों को दोहराते हुए नजर आए। यह सारे टैक्टिक्स ने अर्बन और टेक सैवी जनता को खूब प्रभावित किया। पांचवा विजय का यूनिफार्म। पूरे कैंपेन में विजय सफेद शर्ट और खाकी पैंट्सम में नजर आए। उनकी यह सादगी आम लोगों को बहुत पसंद आई। टीवी के कार्यकर्ता रैलियों में यही कपड़े पहने होते थे। धीरे-धीरे यह विजय यूनिफार्म बन गया और आम लोगों ने भी इसे पहनना शुरू कर दिया। इनफैक्ट वोटिंग के दिन भी कई लोग इसी कपड़े को पहनकर वोट देने पहुंचे। तो इन्हीं तरीकों से देखा जा सकता है कि जमीन से लेकर सोशल मीडिया तक विजय के कैंपेन में कपिल ने जेंजी स्टाइल का तड़का डाला जिसका नतीजा सभी के सामने है। इस खबर में फिलहाल इतना ही। खबर लिखी है हमारी साथी ऋतु ने। मेरा नाम है नेहा धमान। देखते रहिए द ललन टॉक। शुक्रिया। [संगीत]