दोस्तों कभी-कभी वक्त ऐसा यू टर्न मारता है कि लोग सोच नहीं पाते। जरा सोचिए 1998 की एक रात कुछ गोलियां चली और कुछ जानवर मारे जाने के आरोप लगे और फिर केस सालों तक चलता रहा और लोग इस केस के बारे में भूल भी जाते हैं। लेकिन अचानक 28 साल बाद 2026 में यही कहानी लाइमलाइट में आ जाती है। लेकिन इस बार कारण कोई कोर्ट का फैसला नहीं है। इस बार कारण है एक फिल्म जिसका नाम है काला हिरन द बैटल फॉर लेगेसी। जैसे ही इस फिल्म का ट्रेलर सामने आया पूरा मामला फिर से चर्चा में आ गया। माय लॉर्ड
2 अक्टूबर 1998 की दरमियानी रात शिकार वो काले हिरण। यह ट्रेलर देख सबको समझ में आ गया होगा कि यह फिल्म किस घटना से प्रेरित है और किस सुपरस्टार की मुश्किलें बढ़ सकती है और यहीं से असली खेल शुरू होता है। जैसे ही इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ सलमान खान की पूरी टीम दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गई। सलमान खान की टीम का यह कहना है कि यह फिल्म उनके पर्सनालिटी राइट्स का उल्लंघन करती है। इस मूवी की वजह से उनकी छवि खराब हो सकती है। तो इसे रोका जाना चाहिए। याचिका में मांग की गई है कि इस फिल्म के रिलीज को, प्रमोशन को, वितरण को और स्ट्रीमिंग को रोका जाना चाहिए। लेकिन कोर्ट ने साफ कहा कि सिर्फ एक पक्ष की बात सुनकर फैसला नहीं लिया जा सकता। जिसने फिल्म बनाई है, उनका भी पक्ष सुनना जरूरी है। इसके बाद अब इस केस की
सुनवाई 19 जून को रखी गई। अब यहीं से असली सवाल शुरू होता है। सवाल यह नहीं है कि यह फिल्म हिट होगी या फ्लॉप। सवाल यह भी नहीं है कि ये फिल्म अच्छी बनेगी या खराब? सवाल यह है कि आखिर बॉलीवुड का इतना बड़ा सुपरस्टार इतनी छोटी सी फिल्म को लेकर इतना परेशान क्यों है? अब जल्दी से जाकर मुंबई से फ्लाइट से मेरे लिए एक ब्लैक कॉफी मंगवाओ। वो क्या है ना तुम्हारी बातें सुनसुन कर मेरा सर दुख रहा। अगर आप इस फिल्म का ट्रेलर देखोगे तो आपको समझ में आ जाएगा कि यह फिल्म कितनी लो बजट है। इसका थंबनेल तक चैट डीपीटी से बनाया गया है। तो आखिर सलमान खान को किस बात का डर है। तो इसका जवाब ढूंढने के लिए हमें थोड़ा हिस्ट्री में जाना होगा। उस समय जोधपुर में हम साथ-साथ की शूटिंग चल रही थी और यहीं से शुरू होती है वह कहानी जिसने आज तक सलमान खान का पीछा नहीं छोड़ा। अब आते हैं उस रात पर जिस रात से यह सब कुछ शुरू हुआ। ड्राइवर हरीश दूने इन्होंने कोर्ट में गवाही दी थी। उनके मुताबिक 26 सितंबर 1998 की रात सलमान खान गाड़ी लेकर बावड़ इलाके की तरफ गए थे। यह इलाका बिश्नोई समाज का माना जाता है और आपको तो पता ही है कि बिश्नोई समाज हिरणों और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए जाना जाता है। कहा जाता है कि वहां के काले हिरण और चिंकारा इंसानों से डरते नहीं क्योंकि पीढ़ियों से वहां पर उनकी देखभाल की जाती है। हरीश दुलानी के बयान के अनुसार वहां पर चिंकारा हिरणों का झुंड था।
वहां पर सलमान पहुंचे और उन पर फायरिंग की। उनका दावा था कि शुरुआत में गोलियां निशाने पर नहीं लगी। लेकिन बाद में एक गोली एक चिंकारा को जाकर लगी। फिर उनके अनुसार सलमान गाड़ी से नीचे उतरे। घायल जानवर के पीछे गए और चाकू से उसका गला काट दिया। उनके दावे के अनुसार सलमान खान ने खुद शिकार किया था। हरीश दुलानी का बयान यहीं पर खत्म नहीं होता। उनके अनुसार उस रात और भी चिंकारा दिखाई दिए थे और उन पर भी गोलियां चलाई गई। फिर बाद में उन जानवरों को होटल लाया गया। देर रात में किचन खुलवाया गया। फिर उन जानवरों को साफ किया और उनको पकाया। फिर देर रात तक इनकी पार्टी चली। अब इस कहानी का सबसे घटिया हिस्सा सुनिए। अगले दिन 27 सितंबर को ड्राइवर दुलानी ने उस गाड़ी से खून साफ किया और वापस गाड़ी शिकार के लिए तैयार की। लेकिन उस दिन सलमान खान ने गोलियां नहीं चलाई। ड्राइवर दुलानी के बयान के अनुसार उन्होंने सिर्फ गाड़ी जानवरों के पीछे भगाई और तब तक भगाई जब तक वो थक नहीं जाते। यानी उन जानवरों को मारना एक खेल था
और उनके पीछे गाड़ी भगाकर उनको तड़पाना भी एक मनोरंजन था। फिर उस रात वापस आकर और एक चिंगारों को मार दिया गया। लेकिन यह सिलसिला यहीं पर नहीं रुका। फिर 1 अक्टूबर 1998 को कथित काला हिरण शिकार का मामला सामने आया। इस दौरान सलमान खान के साथ सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू और नीलम के नाम भी जांच में सामने आए। इस घटना को देखने का दावा चोगाराम बिश्नोई ने किया। उन्होंने इनके गाड़ी का पीछा किया क्योंकि यह लोग उनके घर के बहुत करीब आ गए थे और यही वो शिकायत थी जिसके आधार पर सलमान खान पर केस दर्ज हुआ और यहीं से यह पूरा केस शुरू हुआ। इसके बाद कई सालों तक इसकी जांच चली। कई बार सुनवाई हुई। कई बार फैसले आए। कई बार फैसले बदले गए। 2006 में ट्रायल कोर्ट ने सलमान को दोषी माना। लेकिन यह कहानी यहीं पर खत्म नहीं होती। इस केस में सबसे अहम नाम था ड्राइवर हरीश दुलानी जिसकी गवाही पर बहुत कुछ टिका हुआ था। लेकिन बाद में अचानक वो गायब हो गया। लेकिन बाद में वह मीडिया के सामने आया। उसने कहा कि उसके परिवार को धमकियां मिल रही थी। वो भगोड़ा नहीं है। उसे अगर सुरक्षा दे दी जाए तो वापस गवाही दे सकता है।
मैंने भाई 18 साल पहले यही तो बोला। क्या बोला? 164 में बोला भाई जो मैं बोला तो अब उसके बाद में तो मेरे पिताजी को धमका मिली। मैं चला गया बाहर। लेकिन दूसरी तरफ कोर्ट की प्रक्रिया में सबसे बड़ी समस्या यह थी कि जो अहम गवाह थे वही उपलब्ध नहीं थे। रिपोर्ट्स के अनुसार और एक इंपॉर्टेंट गवाह था जिसका नाम था दिनेश गवरे जो स्पॉटबॉय था। यह आदमी भी इस केस में बहुत इंपॉर्टेंट था। रिपोर्ट्स के अनुसार जो बंदूक शिकार के लिए यूज की गई थी, उसे लेकर इसे मुंबई भेजा था, लेकिन वो गायब हो गया पर आज तक नहीं मिला। और जब कोर्ट में इतने सारे इंपॉर्टेंट विटनेस मौजूद नहीं होंगे, तो आरोप साबित करना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से 2016 में राजस्थान हाईकोर्ट ने चिंकारा शिकार से जुड़े मामले से सलमान खान को बरी कर दिया। अब यहां पर एक दूसरा एंगल सामने आता है कि इस केस की वजह से सलमान खान की छवि बहुत खराब हो गई थी। तो उनकी छवि वापस बनाने के लिए बीइंग ह्यूमन की शुरुआत की गई। 2007 में बीइंग ह्यूमन की शुरुआत की गई और इससे धीरे-धीरे सलमान खान की छवि सुधरने लगी और वह बैड बॉय की इमेज से भाईजान की इमेज में आ गए। कुछ लोग इसे देख के कहने लगे कि यह समाज सेवा नहीं है। यह इमेज मैनेजमेंट है। हालांकि अलग-अलग लोगों की इस पर अलग-अलग राय है। 2017 में एक इंटरव्यू में सलमान खान से सवाल पूछा गया कि क्या यह बीइंग ह्यूमन आपके लीगल मैटर छुपाने के लिए पीआर स्टंट है। लेकिन उस समय सलमान खान ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया और इंटरव्यू छोड़कर निकल गए। तो आप समझ सकते हो
कि यह केस सलमान खान के लिए क्या है। अब 2026 में यही कहानी वापस लौट कर आ गई है। एक तरफ कोर्ट में फिल्म को रोकने की कोशिश तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। और तीसरी तरफ है बिश्नोई समाज जो इस मामले को पूरी तरह से भुला नहीं पाया। और यही वजह है कि लॉरेंस बिश्नोई का नाम इस मामले से बार-बार जोड़ा जाता है। अब सवाल यह है कि अगर यह फिल्म रिलीज होती है तो क्या होगा? शायद कुछ नहीं या बहुत कुछ हो सकता है। लेकिन एक बात तो तय है जितनी चर्चा फिल्म को ट्रेलर से नहीं मिली उतनी ही चर्चा उसे सलमान खान की वजह से मिल रही है। क्योंकि जब किसी कहानी को दबाने की कोशिश की जाती है तो लोग उसे ज्यादा जानना चाहते हैं। क्योंकि आज की ऑडियंस पहले जैसी नहीं है। लोग सवाल पूछते हैं। खबरें निकालते हैं। खबरें पढ़ते हैं और अपनी राय बनाते हैं। अब यह फिल्म चलेगी या नहीं चलेगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा। और इस फिल्म की वजह से सलमान खान की इमेज पर क्या असर पड़ेगा यह भी आने वाला समय ही बताएगा। आपका इस पूरे मामले पर क्या कहना है कमेंट कर जरूर बताना और यह वीडियो आपको अच्छी लगे तो इसे शेयर कर देना और चैनल को सब्सक्राइब कर देना। जय श्री राम।