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ये लड़की जो लिखती सच हो जाता, फिर कैसे मिली मौ!त? रोंगटे खड़े कर देगी ये कहानी।

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अक्सर हम में आप में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो इंटरनेट के इस दौर में इंटरनेट पर बहुत कुछ सर्च करते हैं। बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो अपने बारे में भी सर्च करते हैं। पहले कई बार मैंने भी किया इंटरनेट पर जाकर, Google पे जाकर कि मेरे बारे में क्या लिखा है? क्या कुछ है? तस्वीरें हैं या नहीं, वीडियो है या नहीं? या प्रोफाइल के बारे में, विकपीडिया के बारे में।

तो ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो जाते हैं और सर्च करते हैं। आज की कहानी इसी इंटरनेट सर्च से जुड़ी हुई एक ऐसी मिस्ट्री है जिसको आज तक एक स्टेट की पुलिस सॉल्व नहीं कर पाई। कहानी अमेरिका के पोर्टलैंड की है। पोर्टलैंड ओरेगों या ओरेग मैं पता नहीं सही प्रोनाउंसिएशन कर रहा हूं कि नहीं लेकिन ओरेगा या ओरेगों उस स्टेट का एक शहर है पोर्टलैंड और कहते हैं ओरेगॉन का सबसे ज्यादा जो पपुलेटेड सिटी है वो है पोर्टलैंड काफी घनी आबादी है यहां की और ये पूरा इलाका काफी ठंड है यहां पर बर्फ है और इसलिए आइस स्केटिंग भी यहां काफी पॉपुलर है तो कहानी पोर्टलैंड की एक लड़की की है एक लड़की जिसका नाम अनोरा पेट्रोवा अनोरा पेट्रोवा का जन्म फिफ्थ मई 1991 को पोर्टलैंड में होता है।

मां-बाप साथ में रहते थे और आमतौर पर जो पोर्ट्रेट में बहुत सारे बच्चों का शौक होता है शुरुआत से ही बहुत बचपन से ही कि आइस कैटिंग क्योंकि माहौल वहां पे ऐसा है आइस है बर्फ है और वहां काफी मशहूर भी है आइस कैटिंग तो बाकी बच्चों की तरह नोवा पेट्रोवा का भी एक शौक जो है वो आइस कैटिंग का था प्यार से उसे लोग उसके दोस्त एनी बुलाते थे बहुत छोटी सी उम्र में ही उसने आइस कैटिंग शुरू कर दी और छोटे-छोटे स्कूल लेवल पे बाकी जगह पे लेवल पे वो कंपटीशन जीतने लगी धीरे-धीरे उसका जुनून बढ़ता गया।

उसके फादर ने उसके लिए कोच रखा। आई एस के टीम में वो और महारत हासिल करने लगी और 13 साल की उम्र होते-होते उसने कई कंपटीशन, कई चैंपियनशिप जीत ली। पोर्टलैंड में एक वक्त ऐसा आया था जब पेट्रोवा यानी सुर्खियों में आ गई थी। इतनी कम उम्र में इतनी बेहतरीन ऐसे स्केटिंग और एक के बाद एक कंपटीशन जीतना चैंपियनशिप जीतना एक तरह से यह भी हो गया था कि उसकी अब नजर आने वाले वक्त में ओलंपिक पर भी थी और जो उसकी काबिलियत थी उसको देखते हुए लग रहा था कि शायद ये ओलंपिक में भी यूएस को रिप्रेजेंट करे तो होनहार और शानदार खिलाड़ी थी 13 साल की उम्र तक सब कुछ ठीक था पढ़ाई लिखाई चल रही थी आईसीएस के टीम के उसके शौक पूरे हो रहे थे उसमें बाकायदा अपना नाम कमा रही थी शोहरत मिल रहा था ।

13 साल के बाद अनोरा पेट्रोवा की जिंदगी में एक नया मोड़ आता है। एक कंपटीशन था इसी पोर्टलैंड में और इस कंपटीशन का नाम था क्रिस्टल क्लासिक चैंपियनशिप। ये काफी मशहूर एक चैंपियनशिप है क्रिस्टल क्लासिक चैंपियनशिप और इसके ऊपर नजर थी पिट्रोवा की [नाक से की जाने वाली आवाज़] कि वो इस कंपटीशन में हिस्सा ले और इसे जीते। हिस्सा लेने के लिए वो क्वालीफाई कर चुकी थी और अब उसे ये चैंपियनशिप जीतनी थी क्रिस्टल क्लासिक चैंपियनशिप। यहीं से पेट्रोवा की जिंदगी में एक बदलाव आता है। चैंपियनशिप से एक दिन पहले रात को वो इंटरनेट पे कई चीजें सर्च कर रही थी। सर्च करते-करते अचानक एनोवा पेट्रोवा को यह ख्याल आता है कि चलो वो आज इंटरनेट पे अपने बारे में सर्च करें। ।

मैंने इतने 13 साल की उम्र में इतनी सारी कंपटीशन चैंपियनशिप जीत ली। तो मेरे बारे में कुछ इसमें है या नहीं है। और इसी के बाद वो इंटरनेट पेज पर जाते-जाते देखती है और हैरान हो जाती है कि बाकायदा उसका एक विकपीडिया वहां पे है और उस विकपीडिया में उसकी पूरी डिटेल है उसके मां-बाप की उसके बारे में उसने 13 साल की उम्र में अब तक जो कुछ जीता वो सारी चीजें हैं उसमें और सारे सच तो उसे बड़ी हैरानी हुई कि आखिर ऐसा क्यों है?

लेकिन अचीवर पेज पर जब वो विकपीडिया के आगे बढ़ती है तो एक लाइन पढ़कर वो हैरान रह जाती है। उसमें उसके नाम के आगे लिखा था क्रिस्टल क्लासिक चैंपियन। अब वो हैरान हो जाती है इसलिए कि ये चैंपियनशिप अगले दिन है और अभी उसने खेला भी नहीं हिस्सा भी नहीं लिया। और एक रात पहले इंटरनेट पर विकपीडिया में बाकायदा अचीवर्स में जो उसकी सारी जानकारी है वो सब सच है और उसमें एक लाइन ये भी लिखा है कि अनोरा पेट्रोवा इसने क्रिस्टल क्लासिक चैंपियनशिप जीती अब यहां पे हैरान होने की बात इसलिए थी कि ये चैंपियनशिप अभी हुई नहीं जीती नहीं और अगले दिन होने जा रहा है।

तो हैरान होने के साथसाथ फिर उसे ख्याल आता है कि शायद उसके डैड ने उसके पापा ने यह पेज बनाया हो और उसका हौसला बढ़ाने के लिए इस क्रिस्टल क्लासिक चैंपियनशिप को भी उसके नाम कर दिया है कि मेरी बेटी का हौसला बढ़ेगा मैं अच्छा परफॉर्म करूंगी तो उसके मन में ये सीधे ख्याल आया उसने अपने पापा से पूछा कि मैं रिसर्च कर रही थी एक मेरा विकपीडिया पेज है और इसमें ये लिखा है कि ये मैं चैंपियन ये भी जीत चुकी हूं जबकि ये तो कल है तो क्या आपने डाला है मेरा हौसला बढ़ाने के लिए उसके पापा शाह साफ इंकार कर देते कहते हैं कि मुझे ऐसे किसी पेज ऐसे किसी विकपीडिया या ऐसी कोई जानकारी नहीं है। मैंने तुम्हारा इसमें कुछ जिक्र भी नहीं किया और ना ही लिखा है।

बल्कि मैं तुम्हारे मुंह से पहली बार सुन लूं। तब अनोरा पेट्रोवा और हैरान हो जाती है। खैर इसके बाद रात बीतती है। अगले दिन चैंपियनशिप था। चैंपियनशिप में वह हिस्सा लेती है और हैरतंगेज तौर पर वह इस क्रिस्टल क्लासिक चैंपियनशिप को जीत लेती है। जो बात विकपीडिया में लिखी थी उसके बारे में वो सच साबित होती है। उसी तरीके से जो विकपीडिया में उसके बारे में और सारी चीजें लिखी थी वो भी उसके बारे में सारी चीजें सच साबित हुई थी। तो ये भी सच साबित हो गया। अब इसके बाद जब ये चीज हुई अगले दिन चैंपियनशिप जीत के आती है फिर वो विकपीडिया पर जाती है और अब उसका यह रूटीन हो गया और उसमें जाती है और उसमें जो कुछ लिखा होता है।

तो वो वो सारी चीजें होती रहती है कि अब ये कंपटीशन जीतोगे ये चैंपियनशिप जीतोगी वो एक-एक करके उसकी जिंदगी में विकपीडिया में जो लिखा होता है आने वाले दिनों में वही होता जाता है। अब अनोरा पेट्रोवा हैरान थी और वाकई उसके करियर भी ठीक-ठाक चला था और उसके बाद अचानक अभियोग इतनी सारी जीत रही थी कि वो एक ओलंपिक की दावेदार हो गई यूएस की तरफ से फिर एक रोज रोम विकिपीडिया खोलती है और देखती है कि उसके फ्यूचर में ओलंपिक ओलंपिक के बारे में कहीं कुछ लिखा है कि नहीं तो वो देखती है कि नहीं है वो जानना चाहती थी कि ओलंपिक में हिस्सा ले पाएगी ओलंपिक में जीतेगी कि नहीं जीतेगी मिला नहीं है लेकिन अब तक सब कुछ ठीक चल रहा था जो वो कर रही थी वो सारी चीजें अस्थक साबित हो रही थी। विकपीडिया में आ रही थी जो खबरें ओलंपिक के बारे में उसके अंदर बहुत क्यूरोसिटी थी।

उसका जवाब मिला नहीं और यही अनोरा पेट्रोवा से एक गलती हुई। वो उस विकपीडिया पेज पर गई और पेज पर जाकर उस पेज को खुद से एडिट करने लगी। जैसे क्रिस्टल क्लासिक चैंपियन जीत लिया, फलाना चैंपियनशिप जीत लिया। उसमें वो खुद एडिट करके ओलंपिक को भी शामिल करना चाहती थी। लेकिन और जो उसमें जानकारी दी गई थी उसको कुछ बदलना चाहती थी। लेकिन उसने तमाम कोशिश कर ली। पेज एडिट ही नहीं कर पाई। वो पेज उससे एडिट नहीं हो रहा था और जो वो जानकारी देना चाहती थी वो जानकारी वो ले नहीं रहा था पेज। तो परेशान हो गई। फिर हट गई वहां से। थोड़ी देर के बाद वो दोबारा जाकर विकपीडिया का पेज खोलती है। अब जब खोलती है तो वहां पर बहुत सारी चीजें बदली हुई लिखी हुई थी।

जो इसने एडिट की वो तो आई नहीं जो चाहती थी वो लिख नहीं पाई। जो कई और चीजें थी फ्यूचर के बारे में उसके वो बदल दी गई थी और अब वहां नई चीजें थी और उसने सबसे खतरनाक चार लाइनें लिखी थी पेट्रोवा के बारे में। जब उसने पेज खोला दोबारा इस कोशिश के साथ कि वह एडिट करेगी और नहीं खुला और जब दोबारा खोला तो बदली हुई जो चीज थी उसमें एक लाइन लिखी थी अनोरा पेट्रोवा इज अ सेल्फिश लिटिल बिच हु इज गोइंग टू गेट व्हाट शी डिर्व यानी अनोरा पेट्रोवा एक सेल्फिश लड़की है और अब उसे वही मिलेगा जो वो डिर्व करती है। यह पहली लाइन थी। इसके आगे इसी पेज पर लिखा हुआ था कि अनोरा एक अनाथ लड़की है जिसके मां-बाप एक कार एक्सीडेंट में मारे गए थे। अब ये चारों लाइन बड़ी खतरनाक है।

पेट्रोवा को ये लगा कि इसमें एक तो सेल्फिश और ये कि अब वो उसे वही मिलेगा जो डिर्व करती है। ये पढ़कर हैरान और इससे ज्यादा परेशान ये कि उसके मां-बाप दोनों जिंदा है। थोड़ी देर पहले उनके साथ और अब इसमें लिखा हुआ है कि वो अनोवा पेट्रोवा एक अनाथ लड़की है और उसके मां-बाप एक कार एक्सीडेंट में मारे गए हैं। ये पढ़ते ही वो घबरा उठती है। भाग कर दूसरे कमरे में जाती है। देखती है मां-बाप करते नहीं है। वो फोन करती है। फोन उठता नहीं है।

कई बार फोन करती है। उसके बाद थोड़ी देर बाद उसे खबर मिलती है कि एक कार एक्सीडेंट में उसके मां-बाप की मौत हो गई। अब वो परेशान हो जाती है क्योंकि अब तक विकपीडिया पे जितनी भी चीजें उसके बारे में आ रही थी सब सच साबित हो रही थी। एक-एक कर चाहे वो कंपटीशन की बात हो या चैंपियनशिप जीतने की बात हो। पहली बार उसने उस पेज को एडिट करने की कोशिश की और उसी कोशिश के दौरान उसे यह बुरी खबर मिली कि अब उसे वही मिलेगा जो वो डिर्व करती है और यह एक अनाथ लड़की है और ये उसने तब पढ़ा जब उसके मां-बाप जिंदा थे और इसको पढ़ने के कुछ देर के बाद ही मां-बाप एक रोड एक्सीडेंट में मारे गए।

ठीक वैसे ही जैसे लिखा था कि कार एक्सीडेंट में मारे जाएंगे। [नाक से की जाने वाली आवाज़] पढ़ने के बाद मां-बाप की मौत के बाद अब अंदर पेट्रोवा बुरी तरह से घबरा गई और उसका इस पूरी खबर से काफी गहरा असर पड़ा। वो डिप्रेशन में चली गई, परेशान हो गई और अब उसकी सारी चीजें बदल गई। हालत ऐसी हो गई कि वो कंपटीशन में हिस्सा नहीं ले पाती और धीरे-धीरे इन चीजों से दूर होती गई।

इस दौरान में उसके जो रिलेटिव थे अलग-अलग उसको शहरों पोर्टलैंड से बाहर भी ले गए। इधर-उधर कई जगह पे ले गए और इलाज कराया। धीरे-धीरे वक्त बीता और अनोरा अनोरा पेट्रोवा जो है अब वापस फिर से धरने पे आने लगी। और जब उसकी तबीयत ठीक हुई फिर उसने कहा कि वह फिर से कोशिश करेगी फायर स्केटिंग की। इस दौरान में वो एक बार स्विट्जरलैंड निकल गई और स्विट्जरलैंड में भी उसने हिस्सा लिया।

फिर यहां पे आकर उसने अमेरिकन जूनियर स्केटिंग में हिस्सा लिया और वो भी जीत गई। लेकिन जब इलाज और इलाज के बाद वो ठीक हुई और दोबारा ऐसे स्केटिंग में उसने हिस्सा लेना शुरू किया। अमेरिकन जूनियर विनर भी बनी एस स्केटिंग इस दौरान में उसने एक चीज किया कि उस हादसे के बाद मां-बाप की मौत के बाद और उस चार लाइनों को पढ़ने के बाद पेट्रोवा ने विकपीडिया पेज पर जाना छोड़ दिया। उसने कहा कि अब वो पेज को कभी दोबारा नहीं खोलेगी ना इसे पढ़ेगी। एडिट करना तो दूर की बात है। तो उससे दूर हुई और उसकी जिंदगी अब सब बदलने लगी। फिर से उसी ट्रैक पे आ गई और सब कुछ ठीक-ठाक उसका होने लगा। इस दौरान में उसने फिर कंपटीशन भी जीतने शुरू किए। अब जब सब कुछ ठीक होने लगा, फिर थोड़ा वक्त बीता। वो बेहतर पोजीशन में आ गई।

तो एक बार अचानक उसके फिर मन में ख्याल आया क्या मां-बाप की मौत को भी वक्त हो गया। इस दौरान में उसने दोबारा जूनियर कंपटीशन जीता अमेरिका का और अब जिंदगी में सब ठीक-ठाक है। लेकिन एक क्यूरोसिटी थी कि अब इतना वक्त हो गया। कई साल बीत गए। चलो एक बार विकपीडिया और खोल के देखते हैं उसमें क्या लिखा है। कई बार मन में आया फिर इसने अपने आप को रोका। बोला नहीं देखेंगे।

और यह दिन बीतते गए और इस दौरान वो अपने खेल पर फोकस रही। उसके बाद फिर से चर्चा शुरू हो गई इसको ओलंपिक के प्रबल दावेदार के रूप में कि ये अमेरिका की तरफ से आईस की टीम में हिस्सा ले सकती है। खासतौर पर अमेरिकन जूनियर चैंपियनशिप जीतने के बाद तो मन करता फिर वो रुक जाती। मन करता फिर रुक जाती कि विकपीडिया खोलें पेज क्या लिखा है। फिर डर जाती कि पता नहीं क्योंकि वो चार लाइनें उसको याद थी कि अब यह इसका बुरा दौर होगा। जो भी डिर्व करती है वही मिलेगा। मां-बाप की मौत उसके सामने थी। तो वो घबरा गई थी और कशमकश में थी कि मीडिया का तेज खोले ना खोले।

फिर एक दिन अचानक 24 अक्टूबर 2010 24 अक्टूबर 2010 अनोरा पेट्रोवा तक 19 साल की पूरी हो गई थी और 19 साल कुछ महीने क्योंकि 5 मई 1991 को उसका जन्म हुआ था और 24 अक्टूबर 2010 की बात है ये। कशमकश कई दिनों के बाद उसने फैसला किया कि आज वह फिर से विकपीडिया खोलेगी और देखेगी उसके बारे में क्या लिखा है। ओलंपिक की दावेदारी के बारे में क्या लिखा है।

इसके बाद वो खोलती है आखिरी बार और ये तय करती है कि आखिरी बार इसके बाद फिर कभी नहीं खोलूंगी। लेकिन जैसे ही वो खोलती है जो कुछ लिखा था उसको देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक जाती है। आखिरी बार जब उसने विकपीडिया खोला तो उसके पेज पर लिखा था अनोरा पेट्रोवा के कि अनोवा पेट्रोवा एक अमेरिकन जूनियर आइस स्केटिंग विनर थी थी और इस अनाथ की इसके लालच और अकेलेपन के कारण हुई। तो जैसे ही उसने खोला उसके बारे में पहली बार लिखा है कि अनोवा पेट्रोवा एक अमेरिकन जूनियर आइस स्केटिंग विनर थी और इस अनाथ की इसके अकेलेपन और लालच की वजह से हुई।

इसके बाद दो-चार दिन बीत जाते हैं। घर से ये बाहर नहीं निकलती। उस वक्त घर में कोई था नहीं। पड़ोसियों को खबर मिलती है। पड़ोसी पुलिस को खबर करते हैं कि यह घर बंद है और कई दिन से पेट्रोवा बाहर नहीं आई है। ट्रेनिंग में भी नहीं जा रही है।

इसके बाद पोर्टल पुलिस पहुंचती है। घर का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल होती है। जब अंदर दाखिल होती है तो कंप्यूटर टेबल पर अनोरा पेट्रोवा की लाश पड़ी थी और वो लाश देखकर यह अंदाजा हो गया था कि इसकी मौत को दो चार दिन तो हो चुके हैं। इसके बाद पुलिस पोस्टमार्टम के लिए ले जाती है और अब तफ्तीश शुरू होती है। कोई सुराग नहीं मिलता। मां-बाप पहले ही मर चुके थे। लेकिन अन्नोवा की जिस तरीके से हुई और एक अमेरिकन जूनियर चैंपियन थी तो उसके बारे में पूरी तफ्तीश करनी जरूरी थी। तो पुलिस हर एंगल से मामले को खंगाभालती है और आखिरकार उसके कंप्यूटर से एक लेटर मिलता है। यह लेटर अनोरा पेट्रोवा ने अपने एक साथी कॉम्पिटिट आइस स्केटिंग का वो भी चैंपियन था। अलग-अलग कई चैंपियनशिप जीते थे और अनोरा पेट्रोवा का दोस्त था। उसके नाम लिखा था। बट ये लेटर उसने सेंड नहीं किया था। ये उसके कंप्यूटर में ही था। पर पूरा लेटर उसने लिख रखा था। और उस लेटर में उसने अपनी पूरी कहानी लिखी थी। वही कहानी जो इंटरनेट पर जाकर पहली बार विकिपीडिया उसने देखा उसमें उसके चैंपियनशिप जीतने की बात लिखी थी जो अगले दिन थी और फिर सच हुई उसके बाद उसके जितने भी उसमें चीजें लिखी थी वो सारी सच हुई अपने मां-बाप की मौत के बाद की बारे में एक बार मैंने उसको एडिट करने की कोशिश की और ये मैसेज आया हूबहू वो सारे उसने लेटर में वो मैसेज लिखे कि रोड एक्सीडेंट पे मौत फिर उसने लिखा कि मैंने उस रात इसको पढ़ने के बाद अपने मां-बाप के मोबाइल पर बहुत कॉल किया बल्कि एक जगह यह भी था कि फोन उठा भी लेकिन मुझे दूसरी तरफ से हंसने की आवाज आई सारे उसके साथ जो जिंदगी में हुआ था उसने उन सारी चीजों का जिक्र उस लेटर में किया था।

जो उसने अपने दोस्त का नाम लिखा था। पुलिस के हाथ ये लेटर लगता है। उसके दोस्त से पूछताछ होती है। अब ये नई थ्योरी सामने आती है। विकपीडिया में लिखी हुई बातों का सच होना। पुलिस इस एंगल से सारे मामले की जांच करती है। सारे घटनाओं की कड़ियों को जोड़ती है और आखिर में पुलिस यह मानती है दो चार चीजों को लेकर सामने तफतीश के बाद एक जिस रात अन्नोवा पेट्रोवा के मां-बाप की रोड एक्सीडेंट में डेथ हुई उस लेटर में लिखा था कि उसने बहुत सारे कॉल किए और एक कॉल में उठाकर सामने से हंसने की आवाज आई। बट कॉल डिटेल की रिकॉर्ड से यह पता चला कि उस रात अनोवा पेट्रोवा ने अपने मां-बाप को कॉल ही नहीं किया था। कोई बातचीत नहीं हुई थी। अब लेटर में यह लिखा हुआ था। दूसरा कभी उसने अपने किसी दोस्त से यह शेयर ही नहीं किया था कि उसके एक विकपीडिया पेज है जिसके ऊपर उसके बारे में सारी जानकारी है। तीसरा पुलिस को फिर वो विकपीडिया पेज ही नहीं मिला।

जिसमें उसकी सारी सच्चाई होने की चीजें जो लेटर में लिखा था वो सामने आ रही थी। चौथा पुलिस को कोई ऐसा पुख्ता सबूत नहीं मिला। इंटरनेट और बाकी लोगों से भी पूछताछ के जरिए कि जो जो चीजें लिखी गई थी वो वो सच हुई थी और यह वाकई में अस्तित्व में था भी कि नहीं ये विकपीडिया लेकिन लेटर में पूरी डिटेलिंग के साथ अनोरा पेट्रोवा ने अपने दोस्त को सारी कहानी लिखी थी। अब जब फोन मां-बाप को ना करना ना उठाना और लेटर में है कि लगातार फोन कर रहे थे। हंसी की आवाज आ रही थी।

लेटर में ये था कि इस तरीके से मां-बाप की की भविष्यवाणी थी। उसके बारे में खुद भविष्यवाणी उसने अपनी भी लिखा कि जब मैंने आखिरी बार खोला तो उसमें लिखा हुआ था थी जूनियर और एक अनाथ अपने अकेलेपन और लालच की वजह से उसकी मौत हो गई। तो अब ये सारी चीजों के बाद पुलिस पोर्ट पुलिस दो चीजों पर नतीजों पर पहुंची। पहली यारा पिट्रोवा की पूरी एक काल्पनिक कहानी थी। दूसरी वो किसी मानसिक रूप से बीमार थी। डिप्रेशन का शिकार थी। तीसरी जो इसके बीच में बहुत सारी चीजें आई कि शायद ऐसा कुछ हुआ लेकिन कोई सबूत नहीं है।

इसके ऊपर पोर्टलैंड पुलिस ने लंबे वक्त तक इन्वेस्टिगेशन की जांच की लोगों से बातचीत की और यह सिर्फ हवाहवाई बातें नहीं यह हुआ अनोरा पेट्रोवा की की एफआईआर अनोवा पेट्रोवा की मौत उसकी लाश और ये उसके उसके लिखा हुआ लेटर उसके दोस्त के नाम इन सारी चीजों को सामने रखने के बाद पुलिस लंबे वक्त तक इसकी जांच करती रही ।

2010 में क्योंकि हुई थी आज 11 साल हो गए और ये केस क्लोज नहीं हुआ आज भी लेकिन पुलिस के पास कोई ऐसा पुख्ता सबूत अभी तक नहीं मिला है जो अनोरा पेट्रोवा और उसके मां-बाप की मौत की जांच के बाद किसी नतीजे पर पुलिस को ले जाए। तो ये आज भी मामला रहस्यमई है। पोर्टलैंड पुलिस में आज भी ये केस खुला हुआ है। लेकिन केस सॉल्व नहीं हो पाया। अब इसके पीछे की जो कहानी है, जो सच्चाई है, विकपीडिया का क्या सच है, उसमें लिखी गई बातों का सच होना कितना सच है? यह सारी चीजें एक मिस्ट्री है और आज भी मिस्ट्री है। इस पर कई नवेल लिखे गए, किताब भी लिखे गए। कुछ शायद अगर मैं गलत नहीं हूं तो कुछ सीरीज भी बनाया लोकल लेवल पर।

और अनोरा पेट्रोवा का ये पूरा रहस्यमय किरदार कैरेक्टर आज भी उतना ही रहस्यमई है। ना सिर्फ अनोरा पेट्रोवा के जानने वालों के लिए बल्कि खुद पोर्टलैंड पुलिस के लिए भी। और इसीलिए पोर्ट पुलिस फिलहाल इस केस को क्लोज नहीं की है और अब भी वह इंतजार कर रही है कि शायद कोई सबूत ऐसा सामने आए जिसके बाद इस केस पे कोई रोशनी डल सके।

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