जावेद अख्तर से ट्रोल ने धर्म को लेकर सवाल पूछा। निशाना साधा तो फिर जावेद अख्तर ने बोलते ही बंद कर दी। कहा कि बेटा सुन मैं नास्तिक हूं। अब जावेद अख्तर नास्तिक है। सबको पता है।
लेकिन सवाल क्या था वो इंपॉर्टेंट है। जावेद अख्तर सोशल मीडिया पर अपनी राय रखने में जरा भी नहीं हिचकिचाते हैं। बिल्कुल खुलकर रखते हैं और आए दिन वो देश विदेश के मुद्दों पर अक्सर बोलते हैं जो कि एक कवि को करना भी चाहिए।
बीते रोज जावेद अख्तर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर ट्वीट किया जिसके चलते वो ट्रोल हो गए। इसके बाद जावेद अख्तर ने ट्रोल्स को करारा जवाब दिया है। एक सोशल मीडिया यूजर ने जावेद अख्तर पर धर्म को लेकर टारगेट करना यानी कि उनके रिलजन को लेकर टारगेट करने की कोशिश की थी।
इसी कमेंट का जवाब जावेद अख्तर ने अपने अंदाज में दिया और बोलती बंद कर दी। कहा कि हम तो नाचेंगे बेटा। हमारा छोड़ो तुम अपना देखो जरा। जावेद अख्तर अपने एक्स अकाउंट पर अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी की फोटो जो वाली कंट्रोवर्सी हुई थी उस पर पोस्ट शेयर किया। हालांकि जब एक ट्रोल ने उनके धर्म का मुद्दा उठाया तो उन्होंने स्टेटमेंट का जवाब देते हुए उसे याद दिलाया कि वो किसी खास कौम से ताल्लुक नहीं रखते।
उन्हें आप किधर भी मत जोड़ें। हालांकि नाम जावेद और अख्तर दोनों लिखते हैं तो फिर आप सबको पता है कहां जोड़ा जाता है। लेकिन जावेद अख्तर ने कहा कि वो नास्तिक है। वो किसी कौम से ताल्लुकात नहीं रखते। जावेद अख्तर अपनीप राय रखते हैं। अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को लेकर ट्वीट किया। इस ट्वीट के कमेंट सेक्शन में एक ट्रोल ने कमेंट किया कि सर आपकी कौम के भी झूठ के लिए एक शेर है। आपकी कौम मुस्लिम को टारगेट कर रहे थे।
मेरे पास कहा कि जानते हैं हम जन्नत की हूरों की हकीकत दिल के बहलाने के लिए ख्याल भी अच्छा है। इस कमेंट पर जावेद अख्तर झुक नहीं रहे। वो हररो वाला डायलॉग निकल के आता है। उन्होंने यूज़र्स को पकड़ा और कहा कि अगर आपका छोटा और कम विकसित दिमाग ये बात समझ सके। अगर आपका छोटा और कम विक कम डेवलप दिमाग ये समझ सके। एक जानी मानी बात है कि मैं नास्तिक हूं। शायद आप इस लफ्ज से वाकिफ ना हो। इसका मतलब है कि वो शख्स जो किसी धर्म में विश्वास नहीं रखता तो मुझे मेरी कौम के बारे में मत बताइए। मेरी कौम सभी भारतीय हैं जिसमें आप भी शामिल है। ये बात जावेद अख्तर ने कही। अक्सर जावेद अख्तर अपने आप को नास्तिक मानते हैं और वो क्लियर ये बात भी रखते हैं खुलकर रखते हैं कि मैं इवन वो तो खुदा वाला जो एक डिबेट हुआ था मुफ्ती शमाइल नदवी के साथ उसमें भी पहुंचे थे अपनी बात रखने के लिए और बड़े खुलकर बात रखते हैं। लेकिन जब आप जावेद अख्तर को देखते हो तो अक्सर वो ट्रोल्स का भी शिकार बनते हैं।
उनके धर्म को लेकर कभी किसी चीज को लेकर टारगेट किया जाता है। एंड मैं तो उनसे भी सवाल करता हूं जो लोग कहते हैं कि अरे भाई देखो जावेद अख्तर साहब हैं। जावेद अख्तर साहब तो हमारी कौम के भैया ना वह किसी कौम से जुड़ते हैं ना वह किसी कौम से खुद को जोड़ते हैं तो आप भी जोड़ना बंद कर दीजिए इधर वाले भी इधर वाले भी दोनों के लिए नसीहत है
बाकी आपकी मर्जी आपका काम जो मन करे वो कीजिए आपका वक्त है कैसे भी बर्बाद कीजिए या आबाद कीजिए आपकी मर्जी