जिंदगी बहुत ज्यादा परेशानी में हो गई। दुख हुआ है। मुझे मेरे ऊपर बहुत बड़ा पहाड़ टूट गया। एकदम से मेरे घर के तीन सदस्य, मेरी बहन, मेरी मोमनी, मेरे भांजा चार साल का सारे खत्म हो गए। कल पूरा अलर्ट था दो-तीन दिन पहले से कि मौसम खराब हो सकता है। फिर भी उस क्रूज को अलव क्यों किया गया कि वो वहां पर सब लोग गए। लेकिन ये जो हादसा ना इसने हमें तोड़ दिया पूरा। हमारे परिवार के हमने तीन सदस्यों को खोया है। हम क्या कह सकते हैं और मांग करके भी होगा क्या?
हमारे जाने वाले तो वापस नहीं आएंगे ना। हमारा परिवार बिखर गया। लापरवाही कहूंगा कि लाइफ जैकेट्स वहां नहीं दिए गए टाइम से उनको। मैं सिर्फ ये कहना चाहता हूं कि मेरा परिवार के लोग वहां पर एंजॉय करने के लिए गए थे। जब किसी पर्पस के लिए वह गए और वहां पर एंजॉयमेंट के लिए वहां के जो भी लोकल प्रशासन है उनको थोड़ी सी सावधानी बरतनी चाहिए थी। कल पूरा अलर्ट था दो-तीन दिन पहले से कि मौसम खराब हो सकता है। फिर भी उस क्रूज को अलाउ क्यों किया गया कि वो वहां पर सब लोग गए। जब वहां पर गए तो इसीलिए ये इतना बड़ा हादसा हुआ।
यह रोका जा सकता था। सर लापर मेरा रोका जा सकता था। तो कहीं ना कहीं इसमें सिक्योरिटी पर्पस को देखा जाए तो आपने मौसम विभाग का [गला साफ़ करने की आवाज़][खांसने की आवाज़] किया है तो ग्रीन सिग्नल दिया होगा तभी वो आगे बढ़ा है तो चेकिंग के मामले से इसमें कुछ नीचे डैमेज हो सकता है या कैसे होगा क्रूज सही चल रहा था चलते हुए फिर जब मौसम खराब होने हुआ येलो अलर्ट पहले से ही था सवाल यह है कि येलो अलर्ट होने के बाद भी उसको अलव क्यों किया गया कि वो आगे जाए वो लोगों को सवारियों को बिठाए क्रूज के अंदर यह सबसे बड़ा सवाल है क्या कुछ मांगे हम क्या कह सकते हैं और मांग करके भी होगा क्या हमारे जाने वाले तो वापस नहीं आएंगे ना हमारा परिवार बिखर गया सॉरी सर जो पूरा हादसा हुआ आपका नाम क्या है? मेरा नाम ग्लैडविन है।
सर जो पूरा हादसा हुआ उसको आप देख रहे हैं ये बहुत दुखद है मेरे लिए। मेरी जिंदगी बहुत ज्यादा परेशानी में हो गई। दुख हुआ मुझे मेरे ऊपर बहुत बड़ा पहाड़ टूट गया एकदम से मेरे घर के तीन सदस्य मेरी बहन मेरी मम्मी मेरे भांजा चार साल का वो सारे खत्म हो गए इस हादसे में सर लापरवाही की बात की जाए तो उन्होंने कह रहे हैं कि वेदर की वजह से कोई प्रॉब्लम हुआ है येलो अलर्ट पहले से क्रूज में भी क्या कुछ डैमेज का क्या कुछ अभी तक आपके पास रिपोर्ट्स आई है क्या जानकारी समझ से आई है कैसे ये सब चीजें बता लापरवाही से ही हुई है क्योंकि जब उसमें बता रहे थे कि लोग मना कर रहे थे कि आगे मत जाइए इस सब चीजों में वो फिर भी उस चीज को आगे ले गए क्रूज को और वो जाके वहां पे तूफान में फंसा और काफी पुराना क्रूज था वो उस वजह से ये सारी घटनाएं हुई है।
लापरवाही कहूंगा और सिक्योरिटी इसमें भी लापरवाही कहूंगा क्योंकि लाइफ जैकेट्स वहां नहीं दिए गए टाइम से उनको सिक्योरिटी के और मेंटेनेंस के मेंटेनेंस के नजरिए से मैं देखता हूं कि लापरवाही हुई है बहुत ज्यादा ये इस चीज में थैंक यू थैंक यू सो सॉरी सर ये लापरवाही जो है मैं कहूंगा प्रशासन की तरफ से लापरवाही है क्योंकि एडवाइज़री जारी होने के बाद अगर वो जो बोट है वो पानी में है तो यह बड़ा सवाल है क्योंकि क्योंकि ये 40-50 लोगों से जो है भरी हुई थी
बोट जो है मौसम खराब था उसके बावजूद भी वो पानी में लेकर गया टूरिस्टों को बिठाकर कुछ पैसों के लिए स्थानीय लोगों ने उसको रोका भी बोला भी कि मौसम खराब है साइड लगा दो और जो बोट में हमारा परिवार शामिल था उसके अंदर बैठे हुए थे उन्होंने भी बोला था कि भाई वापस ले लो साइड लगा दो लेकिन उसने सुना नहीं और वो आगे लेकर गया जिसकी वजह से फिर मौसम खराब हुआ तो अचानक ये बड़ा हादसा हो गया सर मेंटेनेंस का नजरिया इसमें दिया जा रहा है कि बोट पुरानी थी उसमें हां हमने भी न्यूज़ हमने भी कुछ न्यूज़ चैनल में देखा कि 20 साल पुरानी वो बोट थी उसका मेंटेनेंस कैसा था कैसा नहीं तो पता नहीं तो जांच का विषय है लेकिन ये जो हादसा है ना इसने हमें तोड़ दिया पूरा हमारे परिवार के हमने तीन सदस्यों को खोया है प्रभात खबर.com विश्वास वही रफ्तार नहीं चलो