Cli

कोरोना जैसा नया खतरा ? हंता वायरस से दुनिया में डर

Uncategorized

अटलांटिक ओशन में एक क्रूज फंसा है। जहां 149 लोग मौजूद है। फंसने की वजह है जहाज में फैला एक वायरस हंता वायरस। इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट बताती है कि फंसे हुए इन 149 लोगों में से दो क्रू मेंबर्स भारतीय हैं। इस वायरस के चलते अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है और कोई भी देश अपने यहां इस क्रूजशिप को रुकने नहीं दे रहा है। क्या है पूरा मामला? यह वायरस कितना खतरनाक है?

इन सबके बारे में हम एक-एक करके समझेंगे इस वीडियो में। एमबीबीहडियस नाम का एक जहाज 1 अप्रैल 2026 को अर्जेंटीना से चला था। यह एक डच एक्सपिडिशन जहाज है जो अटलांटिक ओशन के दूरदराज इलाकों में सफर कर रहा था। जहां आसपास कोई बड़ी मेडिकल फैसिलिटीज अवेलेबल नहीं थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सबसे पहले 6 अप्रैल के आसपास पहले इंसान की तबीयत बिगड़ी। इन डच यात्री को पहले हल्का बुखार और थकान महसूस हुई। शुरू में लक्षण नॉर्मल थे इसलिए किसी किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया लेकिन फिर उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। 11 अप्रैल आते-आते उनकी मौत हो गई। मौत का कारण साफ नहीं था

इसलिए जहाज आगे बढ़ता गया। कुछ वक्त बाद उनकी पत्नी भी बीमार पड़ गई और उनकी भी जान चली गई। इस बीच कई दूसरे लोग भी बीमार पड़ने लगे। इनफैक्ट 6 अप्रैल से 28 अप्रैल के बीच कई मामले सामने आए। जब हालात और बिगड़ी तो क्रूजशिप से मरीजों को बाहर निकालने का सिलसिला शुरू हुआ। सेंट हेलेना और एसेंशियल आइलैंड जैसी जगहों पर गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट करके भेजा गया। 2 मई आते-आते हालात और गंभीर हो गए। जर्मनी के एक यात्री की भी जहाज पर ही मौत हो गई। टेस्टिंग से पता चला कि क्रूजशिप पर हंता वायरस फैला है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर हंता वायरस क्या है? यह कैसे फैलता है और कितना खतरनाक है?

तो हंता वायरस एक ऐसा वायरस है जो चूहों से फैलता है। ज्यादातर यह संक्रमित चूहों की लाड़, पेशाब या मल के कांटेक्ट में आने से फैलता है। यही नहीं यह वायरस दूषित हवा में सांस लेने से भी शरीर के अंदर जा सकता है। अब बात करते हैं इनके लक्षणों की। हंता वायरस के लक्षण है बुखार, ठंड लगना, सिर दर्द, बदन दर्द, मसल्स में दर्द, थकान, उल्टी और डायरिया। जब कोई व्यक्ति हंता वायरस से संक्रमित होता है तो उसे तुरंत पता नहीं चलता। इसके लक्षण दिखने में एक से आठ हफ्ते का समय लग जाता है। यह लक्षण फ्लू से मिलते जुलते हैं और बहुत तेजी से गंभीर हो जाते हैं। अब सवाल यह है कि क्या यह वायरस इंसानों के जरिए भी फैल सकता है और क्या यह कोरोना जैसा खतरनाक है?

संक्रमित मरीजों का इलाज कर रही डॉक्टर करीन एलन वेल्थकम ने एएफ से बातचीत में कहा कि यह वायरस कोरोना जैसा नहीं है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन के मुताबिक हंता वायरस के 30 से 50 तरह के स्ट्रेनस होते हैं और इनमें से सिर्फ एक स्ट्रेन है जो इंसानों को इफेक्ट करता है और वो है एंड स्ट्रेन। WHO यानी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक हंता वायरस से हुई तीन मौत के मामलों में एंड स्ट्रेन का ही शक है। अगर हंता वायरस का समय पर इलाज ना हो तो यह फेफड़ों और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इससे सांस लेने में दिक्कत, खांसी, फेफड़ों में पानी भरना और किडनी फेल होने जैसी परेशानी हो सकती है।

फिलहाल इसकी कोई खास वैक्सीन या पक्की दवा नहीं है। इसलिए बचाव सबसे जरूरी है। घर के आसपास सफाई रखें, चूहों से दूरी बनाए रखें और बंद जगहों की सफाई करते समय मास्क जरूर पहने। संक्रमित यात्रियों को इलाज के लिए जहाज से उतार दिया गया है। लेकिन जहाज पर मौजूद दो भारतीयों की हालत को लेकर अभी जानकारी नहीं दी गई है। क्रूज की कंपनी ओशियन वाइड एक्सपिडिशंस ने कहा है कि स्थिति फिलहाल कंट्रोल में है। जहाज 6 मई को के बर्थडे से निकला था और अब कैनरी आइलैंड्स के टेनरफ की तरफ बढ़ रहा है। कंपनी के मुताबिक फिलहाल जहाज पर किसी में भी बीमारी के लक्षण नहीं है। इस खबर में जो भी अपडेट्स आएंगे हम आप तक पहुंचाते रहेंगे। खबर लिखने में मदद की है हमारे साथी इंटर्न सुधांशु ने। मैं हूं आकांक्षा गोगोई। आप देखते रहिए दंड। शुक्रिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *