ऑनलाइन एप Meesho पर जाइए, सर्च बॉक्स में टाइप कीजिए गोरी ब्यूटी क्रीम। आपके सामने जो पेज खुलकर आएगा, उसमें ढेर सारी क्रीम इसी नाम से दिखाई देंगी। आप सोच रहे होंगे कि इसमें क्या दिक्कत है? तो जनाब यह क्रीम पाकिस्तान में बनती है और इसके इस्तेमाल से भारतीय महिलाओं की किडनी खराब हो रही है।
इस क्रीम में जहरीले पदार्थ होने के कारण महाराष्ट्र की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने इसकी बिक्री पर बैन लगा दिया है। बावजूद इसके Meesho यह क्रीम अब भी बेच रहा है। सीएनबीसी टीवी 18 में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने इसका फैक्ट चेक किया तो पता चला कि Meesho पर गोरी ब्यूटी क्रीम लिस्टेड थी। 5 जुलाई 2026 यानी रविवार को दिया गया आर्डर स्वीकार कर लिया गया। सीएनबीसी टीवी 18 के मुताबिक स्क्रीन पर निर्माता का नाम और पता नहीं लिखा था और उन पर बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग डेट या एक्सपायरी डेट भी नहीं लिखी थी।
हालांकि Meesho की ओर से इसे लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है कि प्रतिबंध के बाद भी वह ऐसा क्यों कर रहे हैं? क्रीम को क्यों बेच रहे हैं? फिलहाल MSHO पर क्या कारवाई होगी, वह आने वाले वक्त में पता चल जाएगा। जाहिर है आपको भी आगाह होने की जरूरत है। अगर आपको लगता है कि बस एक क्रीम लगाई और चेहरा चमक उठेगा तो संभल जाइए। बाजार में बिकने वाली कुछ मैजिकल क्रीम आपकी किडनी फेल कर सकती हैं।
सबसे पहले नजर डालिए ताजा घटना पर। महाराष्ट्र के नागपुर की फ़ूड एंड एडमिनिस्ट्रेशन ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है क्योंकि मामला सीधा सेहत से जुड़ा है। नागपुर के डॉक्टरों ने देखा कि पिछले 2 सालों में अचानक 18 महिलाओं को किडनी की गंभीर बीमारी हो गई। जब जांच की गई तो पता चला कि यह सभी महिलाएं पाकिस्तान में बनी स्किन व्हाइटनिंग क्रीम का इस्तेमाल कर रही थी।
बस फिर क्या था? एफडीए एक्शन में आया और नागपुर के इतवारी इलाके में छापे मारे। वहां दुकानों से भारी मात्रा में ऐसी क्रीम ज्त की गई जो अवैध रूप से बेची जा रही थी। बड़ी बात यह कि विवादों के घेरे में कोई एक क्रीम नहीं बल्कि पूरी एक फेहरिस्त है।
इसमें सबसे बड़ा नाम गोरी ब्यूटी क्रीम का है। इसके अलावा गोल्डन पर्ल, चांदनी, मल्लिका, झलक, उजूबा, फेस फ्रेश और नूर हर्बल जैसी कई क्रीमों पर प्रतिबंध लगाया गया है। एफडीए ने फेस फ्रेश गोल्ड और गोल्डन स्टार ब्यूटी क्रीम को भी घटिया और असुरक्षित घोषित किया है। यह क्रीम दावा करती हैं कि इनसे चेहरा रातोंरात गोरा हो जाता है। लेकिन सच्चाई यह है कि ये क्रीम आपकी त्वचा और शरीर के इंटरनल ऑर्गन्स को गला रही हैं। अब सवाल यह है कि क्रीम में ऐसा क्या है जो शरीर को नुकसान पहुंचा रहा है?
लेफ्ट टेस्ट में जो निकला उसने सबके होश उड़ा दिए। इन क्रीमों में मरकरी और लेड की मात्रा तय सीमा से बहुत ज्यादा पाई गई। दरअसल मरकरी एक ऐसी जहरीली धातु है जो त्वचा के जरिए शरीर में सोख ली जाती है। लंबे समय तक इसे लगाने से ना केवल किडनी खराब होती है बल्कि नर्वस सिस्टम पर भी असर पड़ता है। सीसा यानी लेड भी शरीर के लिए जहर जैसा है।
सबसे डरावनी बात यह है कि अगर आप यह क्रीम लगाते हैं तो इसके अवशेष आपके तौललिए या चादर के जरिए परिवार के बाकी सदस्यों को भी बीमार कर सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम में आ रहा है पाकिस्तान का नाम क्योंकि ये सारी विवादित क्रीम मुख्य रूप से पाकिस्तान में बनती हैं। गोरी कॉस्मेटिक्स नाम की कंपनी का हेड ऑफिस लाहौर के डीएचए इलाके में है। इस कंपनी की शुरुआत 2007 में मोहम्मद ईशाक ने एच फार्मेसी के नाम से की थी।
अब इसके डायरेक्टर शाहरुख इशाक हैं। कंपनी दावा करती है कि उनके प्रोडक्ट्स 100% नेचुरल और सुरक्षित हैं। कंपनी यह भी दावा करती है कि उनकी क्रीम में कोई जहरीला तत्व नहीं है। लेकिन एफडीए की जांच ने इन सारे दावों की पोल खोल दी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही कि तमाम सरकारी पाबंदियों के बावजूद क्रीम भारत आ कैसे रही है और मिल कैसे रही है? नागपुर के इतवारी जैसे लोकल बाजारों में तो यह छिप कर बेची जा रही है, लेकिन अब इनका बड़ा बाजार ऑनलाइन है। रिपोर्ट के मुताबिक Meesho जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर यह क्रीम धड़ल्ले से बिक रही है। इतना ही नहीं सोशल मीडिया सेलर्स और कुछ इंडिपेंडेंट वेबसाइट्स भी इन्हें बेच रही हैं। लोग 7 दिन में गोरा होने के चक्कर में इन्हें खरीद रहे हैं। हालांकि इनकी सही कीमत का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। हालांकि आप Meesho पर जाएंगे तो उस पर तमाम तरह के रेट्स आपको लिखे दिख जाएंगे।
लेकिन ये क्रीम सस्ते गोरेपन का लालच देकर बेची जाती है। विडंबना देखिए कि कंपनी इन्हें अफोर्डेबल और प्योर कहती है। जबकि यह सबसे ज्यादा महंगी पड़ती है क्योंकि इसको लगाने के बाद आप बीमार होते हैं और फिर आपको सेहत ठीक करने के लिए दवाइयां खानी पड़ती हैं। अगर आप इन क्रीमों के डिब्बे देखेंगे तो वहां कुछ भी साफ नहीं लिखा होता। एफडीए ने पाया कि इन पर ना तो मैन्युफैक्चरर का नाम और ना ही पता होता है ना ही बैच नंबर। यहां तक कि मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट जैसी जरूरी जानकारियां भी गायब हैं। यह सब इसलिए किया जाता है ताकि पकड़े जाने पर कोई जिम्मेदारी ना ले सके।
अगर कोई यह क्रीम इस्तेमाल कर रहा है तो उसे सावधान हो जाना चाहिए। मरकरी के ज़हर से शरीर में कई तरह की समस्याएं शुरू हो जाती हैं। जैसे कि हाथों पैरों का सुन्न हो जाना, शरीर में कंपन, लगातार सिर दर्द रहना, हर समय थकान महसूस होना याददाश्त कम होना। कई बार त्वचा पर लाल चकत्ते भी पड़ जाते हैं और इंसान का शिकार हो जाता है। किडनी डैमेज होना इसका सबसे बड़ा और खतरनाक लक्षण है जो नागपुर की महिलाओं में देखा जा रहा है। बड़ी बात यह कि सिर्फ भारत की समस्या नहीं है यह। पूरी दुनिया इन जहरीली क्रीमों से परेशान है।
2021 में न्यूजीलैंड की संस्था मेसेफ ने चेतावनी दी थी कि गोरी ब्यूटी क्रीम में भारी मात्रा में मरकरी और लेड है। 2025 में फिलीपींस की एफडीए ने भी इन पर बैन लगाया था क्योंकि इनके पास बेचने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था। वहां की एक संस्था बन टॉक्सिक्स ने लैब टेस्ट में पाया था कि इन क्रीमों में मरकरी का लेवल खतरे के निशान से बहुत ऊपर है। मतलब साफ है यह क्रीम जहां-जहां गई वहां-वहां बीमारियां लेकर पहुंची।
फिलहाल तो महाराष्ट्र एफडीए ने इन क्रीमों को नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी यानी घटिया करार दिया है। उन्होंने सभी दुकानदारों, थोक विक्रेताओं और ई-कॉमर्स कंपनियों को तुरंत इनका स्टॉक खत्म करने की बिक्री बंद करने का आदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा है जो भी इन्हें बेचेगा उस पर कड़ी कारवाई होगी।
बता दे के भारत में भी इस वक्त इस क्रीम को बैन किया गया है।साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसी कोई भी क्रीम ना खरीदें जिसकी पूरी जानकारी ना हो। सबसे जरूरी सवाल कि आपको क्या करना चाहिए?
तो एफडीए की सलाह है कि हमेशा ऑथराइज्ड सेलर से ही कॉस्मेटिक्स खरीदें। खरीदने से पहले चेक करें कि डिब्बे पर बनाने वाली कंपनी का नाम, पता, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट या मैन्युफैक्चरिंग डेट लिखी हुई है या नहीं।
अगर आप किसी डुप्लीकेट क्रीम का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे तुरंत कूड़ेदान में फेंक दीजिए। अगर शरीर में कोई लक्षण दिख रहे हैं, तो फौरन डॉक्टर से मिलिए। क्या आप भी इस तरह की कोई क्रीम इस्तेमाल कर रहे थे? क्या आपको भी इस तरह की क्रीम इस्तेमाल करने से कोई नुकसान हुआ है?