चीन ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चौंका दिया। चीन ने सोने में बड़ा खेल कर दिया है। पूरी दुनिया हैरान है और इसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ना तय माना जा रहा है। जिस वक्त कई लोग यह सोच रहे थे कि सोने की कीमतों में आई नरमी के बाद अब मांग कमजोर पड़ जाएगी, उसी वक्त चीन ने रिकॉर्ड मात्रा में सोना खरीद लिया और यह कोई छोटी-मोटी खरीदारी नहीं है।
आंकड़े आपके होश उड़ा देंगे। चीन ने इतना सोना खरीद लिया है कि आप कल्पना भी नहीं कर सकते। आज यह पूरा मामला विस्तक के इसका शो सोना चांदी में हम आपको बताने जा रहे हैं। साथ ही बताएंगे कि चीन के इस खेल से सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ने वाला है।
सबसे पहले सोने चांदी की आज की कीमतों के बारे में आपको बताते हैं। 5 अगस्त 2026 की डिलीवरी वाला सोना आज यानी 24 जून 2026 को दोपहर 1:30 बजे के आसपास ₹1718 की गिरावट के साथ ₹1,44,811 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था।
वहीं 3 जुलाई 2026 की डिलीवरी वाली चांदी ₹69 की गिरावट के साथ ₹25,225 प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी। तो अब बात करते हैं चीन की। सबसे पहले आंकड़े देख लेते हैं। चीन दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड मार्केट माना जाता है।
वहां मई महीने में लगभग 163 टन सोना आयात किया गया। अगर जनवरी से मई 2026 का आंकड़ा देखें तो चीन कुल 692 टन सोना आयात कर चुका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह आंकड़ा पिछले साल यानी 2026 की इसी अवधि की तुलना में 76% ज्यादा है। यानी सिर्फ एक साल में चीन की सोना खरीदने की रफ्तार में जबरदस्त उछाल आया है। अब सवाल है कि ऐसा हुआ क्यों है? है।
ब्लूमबर की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में सोने की ईंटों यानी गोल्ड बार्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसके अलावा आम लोग भी धीरे-धीरे सोना जमा करने की योजनाओं में पैसा लगा रहे हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो चीन के लोग बैंकों में पैसा रखने की बजाय सोने को ज्यादा सुरक्षित निवेश मान रहे हैं।
और जब करोड़ों लोग ऐसा सोचने लगे तो मांग बढ़ना एकदम तय है। अब यहां एक और दिलचस्प बात है। साल 2026 की शुरुआत में सोने की कीमतें अपने रिकॉर्ड थाई से करीब पहुंच गई थी।
लेकिन बाद में कीमतों में करीब 25% की गिरावट आ चुकी है। बस यहीं से चीन ने मौका पकड़ लिया। जैसे भारत में लोग सोना सस्ता होने पर खरीदारी बढ़ा देते हैं। ठीक उसी तरह चीन में भी लोगों और कारोबारियों ने कम कीमत का फायदा उठाकर खरीदारी को तेज कर दिया। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल यानी डब्ल्यूजीसी की चीन रिसर्च हेड रेजिया के मुताबिक अप्रैल में चीन का सोना आयात काफी मजबूत रहा था।
अप्रैल में चीन का नेट गोल्ड इंपोर्ट 157 टन रहा जो मार्च के मुकाबले 10% ज्यादा है। पिछले साल की तुलना में 40% ज्यादा है। यानी अप्रैल में जो तेजी शुरू हुई वह मई में और भी ज्यादा मजबूत हो गई। अब आगे क्या हो सकता है? वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का मानना है कि आने वाले महीनों में चीन का ज्वेलरी सेक्टर स्थिर रह सकता है क्योंकि कई ज्वेलर्स पहले के कमजोर कारोबार के बाद अब फिर से अपना स्टॉक भर रहे हैं। अगर सोने की कीमतें अपेक्षाकृत कम रहती हैं तो ज्वेलर्स और ज्यादा खरीदारी कर सकते हैं। लेकिन अगर कीमतों में गिरावट बहुत तेज हो जाती है तो कारोबारी कुछ वक्त के लिए इंतजार भी कर सकते हैं। वहीं निवेशकों की बात करें तो सोने की कीमतों में तेजी धीमी पड़ने से निवेश के लिए खरीदारी थोड़ी कम हो सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल क्या चीन की इस खरीदारी से सोने की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं? एक्सपर्ट का मानना है कि जब दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड मार्केट रिकॉर्ड मात्रा में सोना खरीदता है तो इसका असर वैश्विक कीमतों पर जरूर पड़ता है। अगर चीन की मांग इसी तरह बनी रहती है और साथ में केंद्रीय बैंक भी सोना खरीदने रहते हैं तो आने वाले वक्त में सोने का मजबूत समर्थन मिल सकता है। यानी फिलहाल तस्वीर साफ है। चीन ने मई में 163 टन सोना खरीदकर 26 महीने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साल 2026 में अब तक 692 टन सोने का आयात हो चुका है। जो पिछले साल से 76% ज्यादा है और यह संकेत देता है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अभी भी सोने का बड़ा दांव लगा रही है।
अब देखना होगा कि क्या चीन की यह भूख सोने को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाती है या फिर बाजार में कोई नया मोड़ आता है?