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ब्रेकअप के बाद भारतीय मूल के CEO ने प्रेमिका के खिलाफ किया 3.5 करोड़ का केस, और फिर…

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भारतीय मूल के एक की मुलाकात एक फ्लाइट अटेंडेंट से हुई। दोनों के बीच बातचीत हुई, प्रेम हुआ। 1 साल 4 महीने तक दोनों का रिश्ता चला। इस बीच लड़के ने लड़की के ऊपर लगभग ₹3.5 करोड़ खर्च किए और फिर उनका रिलेशनशिप खत्म हो गया।

कहानी आम है। लेकिन जिस केस की बात हम कर रहे हैं, उसकी चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि लड़का अब चाहता है कि जितने पैसे उसने खर्च किए हैं, लड़की उसे वापस करे। दिक्कत सिर्फ एक है। प्रेम में कोई डॉक्यूमेंटेशन नहीं होता है। ऐसा नहीं होता है कि जब आप किसी को पुचकार रहे हो या कोई गिफ्ट दे रहे हो, प्रेम दिखा रहे हो तो उसको अपनी डायरी में भी लिख रहे हो और उसके नीचे सिग्नेचर भी ले रहे हो।

जाहिर है ऐसा किसी रिश्ते में नहीं होता। तो जब लड़का कोर्ट पहुंचा तो वहां इसी बात की चर्चा हुई। इस बात पर किसी पक्ष ने सवाल नहीं उठाया कि लड़के ने पैसे खर्च किए हैं या नहीं? सवाल इस पर उठा कि पैसे खर्च करने का मकसद क्या था और क्या उस बिहाफ पर उसे पैसे वापस मिलने चाहिए? यह कहानी है चंद अग्रवाल की जो इंडिया की एक हैं। भारतीय मूल के चंदर सिंगापुर में रहते हैं। यह बात है साल 2019। एक फ्लाइट के दौरान चंदर की मुलाकात फेलेशिया ली से हुई जो फ्लाइट अटेंडेंट का काम करती थी।

बाद में उन्होंने का काम भी किया। चंदर और ली के बीच लगभग 3 साल तक दोस्ती बनी रही और उसके बाद सितंबर 2022 में दोनों ने डेटिंग शुरू की। चंदर का कहना है कि इस बीच उन्हें ली पर शक हुआ कि ली काफेयर किसी और के साथ चल रहा है और इस तरह दिसंबर 2023 में यह रिश्ता खत्म हो गया।

अब तक यह घटना किसी भी आम प्रेम कहानी की ही तरह है। दो लोग मिलते हैं, बातचीत होती है, दोस्ती होती है, डेटिंग पर जाते हैं और फिर रिश्ते में आ जाते हैं, लेकिन चीजें वर्कआउट नहीं करती तो अलग हो जाते हैं। मार्च 2024 में इस कहानी में एक अलग मोड़ आया।

जब चंद अग्रवाल पहुंचे सिंगापुर हाईकोर्ट उन्होंने अपनी एक्स पर मुकदमा ठोक दिया और दावा किया कि वह पैसे जो उन्होंने खर्च किए थे वह दरअसल लोन थे जो ली ने उनसे मांगे थे। लेकिन कोर्ट में सिर्फ दावा करने से कुछ होता नहीं है। आपको सबूत भी दिखाना होता है।

तो इस केस में दो पहलुओं की जांच हुई। पहली यह कि चंदर ने ली पर जो पैसे खर्च किए वह लोन थे या अपनी मर्जी से किया गया खर्च यानी गिफ्ट। दूसरा पहलू यह था कि क्या ली ने सामने से पैसे मांगे थे और वापस करने का एग्रीमेंट हुआ था या नहीं। सीएनए की एक रिपोर्ट के अनुसार चंदर ने दावा किया कि उन्होंने ली को हरमेश डर और pata जैसी महंगी कंपनियों के प्रोडक्ट्स दिए थे।

10 लाख से ज़्यादा रुपए फर्स्ट क्लास फ्लाइट्स की टिकट पर खर्च किए गए थे और ली के और का बिल भी चुकाया था चंदन ने। यह खर्च कितना बढ़ा था वो देखिए। क्रेडिट कार्ड का बिल लगभग ₹1.5 करोड़। फॉरेन ट्रिप्स का खर्चा लगभग 97 लाख यानी ₹1 करोड़ से 3 लाख कम। ली के पर लगभग ₹15 लाख। लगभग ₹13 लाख का एक और खर्च हुआ था फेंगशुई पर।

यह एक चाइनीज ट्रेडिशन है जिसके तहत घर में या ऑफिस की चीजों को खास पोजीशन में या डायरेक्शन में सजाया जाता है। माना जाता है कि इससे उस जगह पर एनर्जी बनी रहती है। सुख और समृद्धि का वहां वास होता है। की रिपोर्ट के अनुसार ली के फ्लैट पर फेंगशुई का सही तरीके से पालन हो।

इसके लिए एक एक्सपर्ट की सर्विस ली गई थी और यह ₹13 लाख उसी पर खर्च हुए थे। चंद्र का तर्क था कि यह पैसे लोन ही हो सकते हैं क्योंकि वह भारतीय मूल के हैं और फेंगशुई में उनका कोई भरोसा नहीं है। ली ने कोर्ट में इस बात का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पैसे मांगे ही नहीं तो वह लोन कैसे हो गए? कोर्ट में फिर वह हुआ जो कभी भी कोई भी प्रेमी जोड़ा नहीं चाहेगा। दोनों के WhatsApp चैट्स देखे गए।

कोर्ट ने मैसेज पढ़े और फिर यह निष्कर्ष निकाला कि खुद चंदर ने आगे से कहा था कि वह फेंगशुई का खर्चा उठाना चाहते हैं। तो यह वाला खर्च तो मिलने से रहा। अब बाकी खर्चों की बात करते हैं। कोर्ट ने दो बातों पर गौर किया।

पहली यह कि चंदर ने जो ₹3.5 करोड़ खर्च किए उसका बड़ा हिस्सा 2019 से 2022 के बीच का है। यानी जब चंदर और ली ऑफिशियली एक दूसरे को डेट नहीं कर रहे थे। और दूसरी बात यह कि 2022 के सितंबर में यानी जब दोनों ने डेटिंग शुरू की थी तब के एक मैसेज में चंद ने ली से कहा था कि अगर वह दोनों साथ हैं यानी रिलेशनशिप में हैं तो ली को चंद के पैसे खर्च करने में संकोच नहीं करना चाहिए और इसके बाद चंदर ने आगे से कहा कि वह उनके डेली के खर्चों के लिए एक बजट दिया करेगा।

यानी उसने खुद ही कहा कि वह ली के टैक्सी, खाने-पीने और ब्यूटी प्रोडक्ट्स के खर्चे उठाएगा। इस पूरी बहस में सबसे बड़ी दिक्कत सबूत की थी। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक जज ने कहा कि चंदर यह साबित नहीं कर पाए कि यह खर्चे लोन थे और ली ने उन्हें वापस करने का वादा किया था। WhatsApp पर उनके बीच इस बारे में बातचीत जरूर हुई थी।

लेकिन उनसे यह बात साबित नहीं होता कि पैसे वापस करने को लेकर कोई सहमति बनी थी। जज ने कहा कि चंदर ली के प्रति आकर्षित थे और इसलिए उन्हें महंगे गिफ्ट्स दिए। कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी लिखा कि ली ने कई बार महंगे गिफ्ट्स लेने से इंकार भी किया था। जज ने कहा कि ली की सैलरी चंदर से कम थी। ऐसे में वह बार-बार उधार के रूप में इतनी महंगी चीजें क्यों मांगेंगी?

अब जब जज इस नतीजे पर पहुंच चुके थे कि चंदर के पास इस बात का कोई लिखित सबूत नहीं है कि उनके खर्चे लोन थे। तब इस केस में एक नया ट्विस्ट आया। हुआ यह कि चंदर ने कोर्ट में हाथ से लिखा एक एग्रीमेंट पेश किया। जिस पर उनके दावे लिखे थे और नीचे उनके और ली के सिग्नेचर थे। लेकिन ली ने कोर्ट में इस बात को मानने से इंकार कर दिया कि उस पेपर पर जो सिग्नेचर है वो उनके हैं और फिर कोर्ट ने उस डॉक्यूमेंट को सबूत मानने से ही इंकार कर दिया। लेकिन इसी तरह के एक दूसरे डॉक्यूमेंट पर कोर्ट ने गौर किया जो ली की ओर से पेश किया गया था। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार उस पेपर पर चंदन के सिग्नेचर थे और उस पर लिखा था कि चंदन ने ली को जो कुछ भी दिया है वह अच्छी भावना से दिया है और वह उसे कभी भी वापस करने को नहीं कहेंगे।

कोर्ट ने अपने फैसले में चंदर को भी लगाई। जज ने कहा कि उनकी बातों में कोई लॉजिक नहीं था। चंद की कई बातें कॉमन सेंस के लेवल से भी नीचे थी। रिश्ता खत्म होने के बाद पैसों को लेकर उनका रवैया बदल गया था। साथ रहते हुए उन्होंने ली पर दिल खोलकर पैसे खर्च किए लेकिन ब्रेकअप के बाद उनका मिजाज कड़वा हो गया और फिर उन्होंने उन खर्चों को लोन बताकर पैसे वसूलने की कोशिश की।

अदालत ने चंदर के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया और फैसला सुनाया कि उन्हें ₹3.5 करोड़ नहीं मिलेंगे। फैसला सुनाने वाले सीनियर जज ली सेकीन ने जिस तरह इस मामले को खत्म किया वह भी बड़ा दिलचस्प है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने अपने फैसले के निष्कर्ष में अंग्रेजी नाटककार विलियम कांग्रेव कोट किया। उन्होंने अंग्रेजी में जो कहा हम उसका हिंदी तर्जुमा बता रहे हैं। जज ने कहा स्वर्ग में ऐसा नहीं जैसा प्रेम का नफरत में बदलना और ना नर्क में वैसी है जैसी ठुकराई हुई नारी का ।

रिश्ता बदलने से क्या कुछ नहीं बदल जाता। गिफ्ट लोन हो जाते हैं। प्यार नफरत में बदल जाता है। प्रेम भरे WhatsApp चैट्स में पैसों का हिसाब किताब खोजा जाता है। इस कहानी की यही सीख है।

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