देश के सबसे प्रसिद्ध संतों में से एक प्रेमानंद महाराज का आश्रम इस समय सवालों के घेरे में है। वृंदावन में प्रेमानंद महाराज का आश्रम ‘श्री राधा केली कुंज’ अब एक रहस्य बन गया है। इसका कारण है एक शिष्य की मौत का रहस्य, जिसका समाधान पुलिस अभी तक नहीं कर पाई है। उससे पहले ही दो और घटनाओं ने इस रहस्य को और बढ़ा दिया है।आपको बता दें, 25 सितंबर की सुबह प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य की मृत्यु हो गई। कारण क्या था? इस पर सस्पेंस अभी भी बना हुआ है।नई CCTV फुटेज आने के बाद कई चर्चाएं जोरों पर हैं।
शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद दो और खबरों ने सबको हिला कर रख दिया है। हाथरस के एक परिवार ने सनसनीखेज आरोप लगाया है। वे आश्रम में जाकर धरने पर बैठ गए और तीन महीने से लापता अपने बच्चे को लेकर दावा किया कि, वहाँ दीक्षा लेने आया था। लेकिन अभी तक उस बच्चे का कोई पता नहीं चला है। किसी तरह पुलिस प्रशासन ने हाथरस के परिवार को आश्वस्त करके वापस भेज दिया। अब नोएडा के एक परिवार ने अपनी बेटी के लापता होने का दावा किया है और इसका कनेक्शन आश्रम से ही बताया है।
इन दावों के बाद सवाल और सस्पेंस लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच फलाहारी महाराज ने बाबा के आश्रम में जांच की मांग उठाई है।सबसे पहले आपको बताते हैं आश्रम से लापता होने के नए दावे के बारे में। नया मामला नोएडा की एक युवती को लेकर उठा है। लड़की के परिवार ने मदद की गुहार लगाई है।नोएडा के रहने वाले उमेश सिंह ने दावा किया है कि, उनकी बेटी 15 अगस्त को घर से यह कहकर निकली थी कि वह प्रेमानंद महाराज के आश्रम जा रही है। लेकिन उसके बाद से वह घर नहीं लौटी। परिवार ने नोएडा पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। बेटी की तलाश में पिता उमेश सिंह परिजनों के साथ वृंदावन भी पहुंचे। उमेश सिंह अब किसी अनहोनी की आशंका से चिंतित हैं। फिलहाल नोएडा की वह युवती आश्रम में है या नहीं, यह अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। परिवार के आरोप और उसके बाद पुलिस की जांच से ही स्थिति स्पष्ट होगी कि वह प्रेमानंद आश्रम आई थी या नहीं।
लापता युवती को ढूंढने के लिए उसके पिता परिजनों के साथ वृंदावन पहुंचे। विभा कुमारी… वो प्रेमानंद… इस तरह उसकी फोटो बैग में छुपा कर रखती थी और 15 अगस्त को किसी को कुछ बताए बिना घर से निकल गई। मैंने सोचा प्रेमानंद के आश्रम में जाकर पता लगाया जाए। इसलिए मैं आया हूँ और मेरे दोस्त मथुरा में रहते हैं, इसलिए उन्हें बुला लिया है। यहां लोग कह रहे हैं कि बिना इजाजत के यहां किसी को भी दीक्षा नहीं दी जाती। माता-पिता की इजाजत के बिना किसी भी लड़की या लड़के को दीक्षा लेनी हो तो माता-पिता की इजाजत जरूरी है।
तो लग रहा है कि यहां नहीं है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े हाथरस के निवासी अनुज चौधरी लगभग 3 महीने से लापता हैं। उनके परिवार वाले भी आश्रम के बाहर पहुंचे हैं और वे भी धरने पर बैठे हैं। राधे राधे।>> आपको तीन तस्वीरें दिखा रहे हैं। जो नया मामला सामने आया है, नोएडा की एक लड़की लापता है, उसके पिता उसकी फोटो लेकर उसे ढूंढने आश्रम पहुंचे हैं, बेटी की तलाश में पिता का धरना, और हमने आपको अर्जुन के परिवार के धरने के बारे में भी बताया, जो 3 महीने से लापता है।प्रेमानंद आश्रम से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। उस बच्चे के माता-पिता हमारे साथ हैं। वे उस बच्चे को ढूंढने के लिए यहां केलीकुंज आश्रम वृंदावन पहुंचे हैं। आपको दिखाना चाहते हैं कि सामने केलीकुंज आश्रम है और उनके कहे अनुसार, वे पिछले तीन महीनों से यहां अपने बच्चे को ढूंढ रहे हैं, क्योंकि उनके बच्चे ने यहां से प्रेमानंद महाराज से गुरुदीक्षा ली थी, उसके पिता, उस बच्चे के पिता अनुज चौधरी के पिता हमारे साथ हैं। हम उनसे बात करेंगे, जी।
आपका नाम क्या हैघटना यह थी कि उसने दीक्षा ली थी। दीक्षा लेने के पांच दिन बाद उसने कहा कि मैं प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने जा रहा हूं। वह घर से दर्शन के लिए निकला था और आज तक मुझे नहीं पता कि वह कहां है, और मैं यहां आश्रम में आया हूं। पूछताछ करने पर कोई बात नहीं करता था। गेट पर धक्का मारकर बाहर निकाल देते थे। तीन महीने, आज तीन महीने से गुमराह कर रहे हैं कि हम तुम्हारे लड़के को ढूंढ देंगे, ढूंढ देंगे। लेकिन आज तक उन्होंने मुझे कोई बात नहीं बताई। कोई संतुष्टि नहीं आपने हमें बताया था कि आश्रम की तरफ से एक फोन आया था, उसमें आश्रम के लोगों ने क्या कहा था उन्होंने कहा था कि तुम्हारे लड़के को हमने देखा है और हम तुम्हें दो घंटे में दे देंगे। लेकिन जब मैंने उनसे दोबारा बात की, तो उन्होंने सुर बदल दिया। कहा कि हमने दो घंटे ढूंढने के लिए कहा था। लड़का देने की बात नहीं कही। ऐसा कहकर उन्होंने इनकार कर दिया।आपका लड़का लापता है। क्या आपने इस बारे में कहीं पुलिस में कोई शिकायत की है?हां, मैंने सादाबाद थाने में शिकायत की है और वृंदावन में आकर भी थाने में मैंने रिपोर्ट दिखाई है उनको, और वे कह रहे हैं प्रशासन भी कुछ नहीं कर रहा है। वे कहते हैं कि बड़े-बड़े अधिकारी यहां माथा टेकने आते हैं। ऐसा करके हमारी कोई सुन नहीं रहा है अब आप यहां आए हैं, आप आश्रम के बाहर खड़े हैं। कितने लोग आए हैं और क्यों आए हैं?हम यहां कम से कम 60-70 लोग हैं। हम चाहते हैं कि ये लोग हमारे बच्चे को वापस लौटा दें, इससे ज्यादा कुछ नहीं चाहिए। हमें सिर्फ हमारा बच्चा चाहिए।बोलिए, लापता बच्चे के पिता कह रहे हैं कि जब शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो कहा जाता है कि बड़े-बड़े अधिकारी वहां जाकर माथा टेकते हैं।
बड़ी चुनौती, प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बच्चों के लापता होने को लेकर बड़ी खबर अब सामने आ रही है। फलाहारी महाराज ने बाल संरक्षण आयोग को पत्र लिखा है। फलाहारी महाराज ने बाल आयोग के अध्यक्ष से मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि बच्चों के माता-पिता अपने बच्चों को वृंदावन में ढूंढ रहे हैं। बच्चों की याद में वे तड़प रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने नाबालिग बच्चों को दीक्षा देने पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की है। आश्रम में मौजूद बच्चों की जांच और बच्चों को उनके माता-पिता के पास वापस भेजने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है।मांग की है। उत्तर प्रदेश सरकार से, क्षमा करें।महाराज खुद एक बड़े साधक हैं। और अच्छे संत हैं। वे किसी को बुलाते नहीं हैं। लेकिन बच्चे उनके प्रवचन सुनकर प्रेरित होकर पढ़ाई छोड़कर, किसी को बताए बिना घर छोड़कर चले आते हैं।
वे आश्रम में रहने लगते हैं। वहां राधा नाम संकीर्तन करते हैं। बहुत आनंद के साथ रहते हैं। इसलिए बाल संरक्षण आयोग को इसमें कार्रवाई करनी चाहिए और वृंदावन में आकर आश्रमों में जो नाबालिग बच्चे रह रहे हैं उनकी एक सूची बनानी चाहिए कि कौन सा बच्चा माता-पिता की अनुमति के बिना रह रहा है और कौन सा बच्चा माता-पिता की अनुमति के बिना आया है। जब तक बाल आयोग खुद हस्तक्षेप नहीं करेगा, तब तक इस स्थिति में सुधार नहीं होगा।फलाहारी महाराज को आपने सुना। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि कार्रवाई की जाए। दीक्षा पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।
बच्चों को ढूंढा जाए। उनके माता-पिता वहां पहुंचकर रो-रोकर अपने बच्चों को ढूंढ रहे हैं। इसमें उनकी मदद की जाए। बड़ा कदम उठाया है उन्होंने। उन्होंने बाकायदा बाल आयोग को पत्र लिखा है और उत्तर प्रदेश सरकार से यह मांग की है।आश्रम से लापता बच्चों का असली सच क्या है? आश्रम से हाथरस के अनुज चौधरी के लापता होने का आरोप और अब नोएडा के एक परिवार का दावा भी वही है, उनकी बेटी भी आश्रम से वापस नहीं आई। पिता ढूंढते-ढूंढते वृंदावन पहुंचे हैं और हमने अभी देखा कि अनुज चौधरी के पिता वहां अपने बच्चे की तलाश में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा है कि वृंदावन में जाकर भी उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है, उन्हें कहा जा रहा है कि बड़े-बड़े अधिकारी आश्रम में जाकर माथा टेकते हैं।