दोस्तों टीवी की दुनिया में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो अपने किरदार से लोगों के दिलों में हमेशा के लिए जगह बना लेते हैं। उनका किरदार भले ही पर्दे पर खत्म हो जाए लेकिन उनकी यादें दर्शकों के बीच में हमेशा जिंदा रहती हैं। ऐसे ही एक कलाकार थे घनश्याम नायक जिन्हें लोग प्यार से नट्टू काका करके बुलाते थे और उनको जानते थे। लेकिन इस मशहूर कलाकार की जिंदगी का आखिरी दौर बेहद मुश्किल भरा रहा। कैंसर से जूझते हुए उनकी हालत इतनी बिगड़ गई थी कि एक समय वो अपने आसपास मौजूद लोगों को भी ठीक से पहचान नहीं पा रहे थे। मेहता की उल्टा चश्मा के मशहूर नट्टू काका यानी घनश्याम नायक की। घनश्याम नायक ने 2021 में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। वो काफी समय से कैंसर से जूझ रहे थे और उनके निधन से पहले उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी।
उनके बेटे विकास नायक ने एक इंटरव्यू में पिता के आखिरी दिनों के बारे में बताया। उन्होंने बताया था कि घनश्याम नायक को सांस लेने में काफी परेशानी हो रही थी और परिवार ने घर पर ही नर्स और ऑक्सीजन की व्यवस्था करने की कोशिश की। लेकिन जब हालत ज्यादा गंभीर हुई तो उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। अस्पताल में उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया और कुछ समय बाद तबीयत में सुधार आया तो उन्हें कमरे में शिफ्ट किया गया। लेकिन फिर हालत बिगड़ने पर दोबारा आईसीयू में ले जाया गया। सबसे भावुक कर देने वाली बात उनके निधन से करीब 15 दिन पहले की बताई जाती है। उनका शुगर लेवल काफी बढ़ गया था और उस दौरान वह लोगों को ठीक से पहचान नहीं पा रहे थे। बाद में शुगर लेवल कम होने पर उन्होंने अपने करीबियों को पहचानना शुरू किया। बताया जाता है कि आखिरी दिनों में वो अपना नाम भूलने लगे थे। परिवार के लिए यह एक बेहद भावुक और मुश्किल वक्त रहा। लेकिन इन सबके बीच घनश्याम नायक की एक आखिरी इच्छा थी।
वो चाहते थे कि वो आखिरी सांस तक तारक मेहता का उल्टा चश्मा से जुड़े रहे। नट्टू काका के किरदार में लोगों के सामने आते रहें। उनके निधन के बाद परिवार ने उनकी इस इच्छा को एक बेहद भावुक तरीके से पूरा किया। अंतिम विदाई के दौरान उनका मेकअप नट्टू काका के किरदार की तरह किया गया।
यानी जिस किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई, उसी रूप में उन्होंने आखिरी विदाई दी। घनश्याम नायक का करियर भी काफी लंबा और शानदार रहा। उन्होंने महज 7 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार काम करना शुरू किया। इसके बाद फिल्मों, थिएटर और टीवी में उन्होंने लंबे समय तक काम किया। अपने करीब 57 साल के करियर में उन्होंने 350 से ज्यादा हिंदी और गुजराती फिल्मों में काम किया। उन्होंने कई गुजराती फिल्मों के गाने भी अपनी आवाज भी दी है। हालांकि उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता तारक मेहता के उल्टा चश्मा में नट्टू काका के किरदार से मिली।
उनका अंदाज बोलने का तरीका और जेठालाल के साथ उनकी नोकझोंक दर्शकों को खूब पसंद आई। आज घनश्याम नायक हमारे बीच नहीं है। लेकिन नट्टू काका के रूप में उनकी याद आज भी तारक मेहता का उल्टा चश्मा के दर्शकों के दिलों में जिंदा है। उनकी आखिर एक शाह और परिवार की तरफ से दी गई वो अंतिम विदाई उनके चाहने वालों के लिए हमेशा एक भावुक याद बनी रहेगी। हाय