भैया हम कृष्ण विरोधी नहीं है। हमारे हमारे ठाकुर जी है। हम खुद जन्मभूमि के लिए बार-बार आवाज उठाते कृष्ण जन्मभूमि के लिए हमारे नाम में भी तो भैया उनका नाम लगा हुआ है। उनके कारण ही तो हमारा जीवन है। आप सब फिर भी किसी के मन में हमारी इस बात से इस व्याख्या से इस भाव से किसी के मन में कोई बात आई। किसी को ठेस पहुंचा। हम विनय भाव से बहुत क्षमा प्रार्थी हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण को टेढ़ा बताने वाले बयान पर हाथ जोड़कर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी तरह का भेद या बंटवारा करना नहीं था। किसी के मन को ठेस पहुंची है तो वे क्षमा मांगते हैं। धीरेंद्र शास्त्री की यह माफी तब आई है जब चारों ओर से उन पर सवाल उठने लगे थे। नेता से लेकर संत समाज तक के लोग धीरेंद्र शास्त्री के विरोध में आ गए थे।
भैया हम कृष्ण विरोधी नहीं है। हमारे हमारे ठाकुर जी हैं। हम खुद जन्मभूमि के लिए बार-बार आवाज उठाते कृष्ण जन्मभूमि के लिए हमारे नाम में भी तो भैया उनका नाम लगा हुआ है। उनके कारण ही तो हमारा जीवन है। आप सब फिर भी किसी के मन में हमारी इस बात से इस व्याख्या से इस भाव से किसी के मन में कोई बात आई। किसी को ठेस पहुंचा हम विनय भाव से बहुत क्षमा प्रार्थी हैं। बात का बतंगड़ और अर्थ का अनर्थ ना करके समाज में हमने हमने समाज को बांटने की कोशिश नहीं की। भगवान को बांटने की कोशिश नहीं की। भगवान को क्यों बांटेंगे। रामकृष्ण दो एक है अंतर नहीं निमेश। दोनों एक ही है। उनमे कहां अंतर है? हमने वो तो भाव पूर्वक कहा। फिर भी हम आप सबसे कहेंगे। हमारे भाव को समझ। दरअसल 29 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में श्री राम कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि तुम्हारे ठाकुर जी हर फोटो में इधर-उधर देखते नजर आते हैं। खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े पांव के ऊपर पांव कमर कहीं लचकाए फिर टेढ़ी गर्दन करके बंसी बजाते हैं। जबकि हमारे वाले तो खड़े भी एकदम सीधे होते हैं। उनका नाम भी सीधा, दिखते भी सीधे और चलते भी सीधे। तुम्हारे वाले का नाम भी टेढ़ा, दिखते भी टेढ़े और चलते भी टेढ़े हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि हमारे भगवान का धाम भी एकदम सीधा अयोध्या और तुम्हारे वाले का वृंदावन।
वृंदावन शब्द उन्होंने जोर देते हुए कहा और अपने दोनों हाथ फैला दिए। उनके इसी बयान पर विरोध हुआ। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए। वहीं मथुरा के संत भी धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर भड़क गए। एक्स पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा, मानवीय भूलों के लिए तो क्षमा किया जा सकता है। ई निंदा के लिए कभी नहीं। पूरे देश में इनके सभी कार्यक्रम रद्द किए जाएं। नई अनुमति नहीं दी जाए और सार्वजनिक जीवन में हर सच्चा सनातनी इनका पूर्ण बहिष्कार करें। यही उनके अक्षम्य पाप का दंड होना चाहिए। नहीं तो वह भी ई निंदा के पाप का भी भागी बनकर अपना लोक परलोक बिगाड़ लेगा। अखिलेश ने आगे लिखा कि मनुष्य का दंभ इतना भी नहीं होना चाहिए कि वो अपने को ईश्वर से ऊपर समझने लगे। वहीं तेजस्वी यादव ने अपनी पोस्ट में धीरेंद्र शास्त्री को निशाने पर लेते हुए लिखा यह नफरती लोग पहले इंसान को बांटते थे। अब भगवान को बांटने लगे। राजनीतिक लोभ में और कितना नीचे गिरेंगे? कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेद ने भी धीरेंद्र शास्त्री को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि लोगों को बांटने से मन नहीं भर रहा कि आराध्यों को भी बांटने लगे। ठाकुर जी को टेढ़ामेढ़ा कहना पाप है। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने तो धीरेंद्र शास्त्री को ढोंगी बाबा करार दिया। टैक्स में उन्होंने लिखा कोई तो केमिकल लोचा है। इनकी रेबीज वगैरह की जांच करवाना ठीक होगा। हिंदू हिंदू करते-करते अब यह ढोंगी बाबा हिंदुओं के आराध्य देवी देवताओं की खिल्ली उड़ाने लगा है।
कहां हो हिंदू धर्म के कायर ठेकेदारों? भावनाएं आहत नहीं हो रही हैं। धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ गुस्सा यहीं खत्म नहीं हुआ। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने संसद मार्ग थाने पहुंचे।
वैसे यह कोई पहली बार नहीं है जब धीरेंद्र शास्त्री अपने बयानों को लेकर सवालों के घेरे में आए हो। इससे पहले भी वह कई बार ऐसे बयान दे चुके हैं जिसे लेकर सवाल उठे थे। फिर चाहे वह संत तुकाराम की पत्नी पर टिप्पणी हो या साईं बाबा को लेकर दिया बयान हो या फिर अली और बजरंगबली वाला विवाद और इस बार रामकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी।