थैंक यू। तुम रो क्यों रही हो? रो क्यों रही है आप? यह खुद के आदत रोने की आदत नहीं है। किस बात की खुशी है आपको? मैं मैं रियल न्यूज़ वालों से बात कर रही हूं। तो आप एक बात बताओ कि क्या चाहती हो आप यहां आ करके? क्या कहना चाहती हो? मैं यही कहना चाहती हूं कि धर्मेंद्र प्रधान जी और मोदी जी मैं आपको दो चॉइस देती हूं। या तो आप इस्तीफा दे दीजिए और सॉरी मत कहिए।
या तो आप सॉरी कह दीजिए। यहां पर आप दोनों खड़े होकर यहां पर स्टेज पे सॉरी कह दीजिए और इस्तीफा मत दीजिए। बहुत अच्छा। तुम बहुत पॉपुलर होने वाली हो। यह मेरा पांचवा वीडियो है। इससे पहले भी मेरा बन चुका है। तीन अरे बाप रे। और मुझे एक बात कहना है मोदी जी और धर्मेंद्र प्रधान जी से आपको 1% भी सम शर्म नहीं आई। इतने बड़े साइंटिस्ट पूरे इंडिया के इतने बड़े साइंटिस्ट वहां पर बीमार पड़े हैं।
16 डेज से वो संसद पे वो आपको बीमार पड़े हैं। आपको थोड़ी देर में शर्म नहीं आई। सोनम सर आप भी ठीक हो जाओगे तो हम सारे लोग आपके संसद चलेंगे 20 तारीख को बहुत बढ़िया आओगे तुम 20 तारीख को आगे खड़ी यहां कैसे पहुंच गई थोड़ा खसको मुझे भी बैठने दो हां अच्छा कोई बात नहीं एक सेकंड भैया रुक जाओ एक सेकंड बात करने दो बताओ कहां से आई हो मैं मैं जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से आई हूं जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम जो ये दिल्ली किसके साथ आई हो? मैं मैं अपने पापा और मम्मी के साथ आई हूं। आपके पापा पापा आपका अब न्यूज़ बहुत देखते हैं।
देखते हैं? अच्छा तो आप भी देखते हो क्या न्यूज़? हां मैं भी देखती हूं आपके उनके साथ में। नहीं तो तुम अभी कितने साल की हो? मैं अभी सेवन की हूं। तो तुमको ये न्यूज़ वगैरह समझ में आती है? पापा कह मैं कहती हूं पापा मुझे समझ नहीं आता क्या होता है। तो पापा कहते हैं कि तुम अच्छे से सुनो तुम्हें समझ आ जाएगा। तो मैं सुनती हूं उनके साथ जब खाना खाते हो तो। अच्छा तो अभी एक बात बताओ यहां पे क्या चल रहा है? यहां पर प्रोटेस्ट चल रहा है ताकि धर्मेंद्र प्रधान जी अपना इस्तीफा दें। और धर्मेंद्र प्रधान कौन है? वो एजुकेशन मिनिस्टर है। उनके वजह से इतने सारे बच्चे मर गए।
23 या फिर 20 बच्चे मर गए हैं। हम उनको थोड़ी सी भी शर्म नहीं आई। बट तुमको ये सब कैसे पता चला? न्यूज़ देख के? न्यूज़ देख के नहीं। थोड़ा-थोड़ा न्यूज़ देख के थोड़ा-थोड़ा मेरी मम्मी ने मुझे बताया। अच्छा। तो आप एक बात बताओ कि क्या चाहती हो आप यहां आकर के? क्या कहना चाहती हो? मैं यही कहना चाहती हूं कि धर्मेंद्र प्रधान जी और मोदी जी मैं आपको दो चॉइस देती हूं। या तो आप इस्तीफा दे दीजिए और सॉरी मत कहिए। या तो आप सॉरी कह दीजिए।
यहां पर आप दोनों खड़े होकर यहां पर स्टेज पे सॉरी कह दीजिए और इस्तीफा मत दीजिए। बहुत अच्छा। मोदी जी आ गया। सॉरी सॉरी बोले आप। मोदी जी और उनकी और धर्मेंद्र प्रधान जी क्योंकि उन्होंने गलती की है कि उन्होंने पेपर लीक करवाया और यहां पर वो लाठी भी चलवा रहे हैं। कहां लाठी चल रही है? यहां पर ताकि हम लोग हट जाए हम वो वो इस्तीफा ना दें। उन्होंने उन्होंने पुलिस वाले को कहा कि इन लोगों को जल्दी हटाओ यहां से। हम नहीं देंगे इस्तीफा।
ये काम करना अच्छा बात अच्छी बात है। नहीं। क्या नाम बताया तुमने? मैंने अपना नाम प्राची बताया। प्राची एक बात बताओ अभी अभी 20 तारीख को जो प्रोटेस्ट होने वाला है उसमें भी आने वाली हो क्या आप? हां मैं उसमें भी आऊंगी। मैं हर दिन आऊंगी। हम और तुम पढ़ाई क्या करती हो? कौन सी क्लास में हो? मैं सेकंड क्लास में हूं। कल मेरा एग्जाम है फिर भी मैं आई। तो ये पूरे प्रोटेस्ट में जो सबसे नन्ही कॉकरोच है वो है। है ना? तुमको मैं कह सकता हूं सबसे नन्ही कॉकरोच। कह सकते हैं और भी बच्चे आए मेरे जितने हां और भी आए हैं। मैं मैं जब आ रही थी यहां पर तो मैंने देखा और भी बच्चे थे।
हम तो बच्चे बच्चे जब इतने बड़ों के बीच में आते हैं तो उनको देख के लगता है समझ में आता है क्या हो रहा है यहां पे कौन-कौन प्रोटेस्ट सोनमक जी को जानती हूं हां और मुझे एक बात कहना है मोदी जी और धर्मेंद्र प्रधान जी से आपको 1% भी सम शर्म नहीं आई इतने बड़े साइंटिस्ट पूरे इंडिया के इतने बड़े साइंटिस्ट वहां पर बीमार पड़े हैं 16 डेज से वो संसद पे वो आपको बीमार पड़े हैं आपको थोड़ी देर में शर्म नहीं आई आप एक दिन अपने घर में खुद 16 एक दो दो वीक तक आप भूख हड़ करके देखिए। अगर आप दो वीक तक भूख हड़ताल कर लेंगे तब हम तब हम यहां पर प्रोटेस्ट नहीं करेंगे।
अगर आप नहीं कर पाएंगे मतलब आपको रिजाइन देना पड़ेगा। अरे बाप रे बाप ये बच्ची छोटी सी है और इसको इतना सारा कुछ पता है जाहिर सी बात है कि ये न्यूज़ देखती होगी। इसके घर में चर्चा होती होगी। बट तुम बहुत तेज हो तुम्हारे नंबर वंबर ठीक आ रहे हैं स्कूल में? हां आते हैं मेरे नंबर ठीक। कभी कबार थोड़ा सा कट जाता है। थोड़ा तो कट जाते हैं। कोई बात नहीं। देखो जो बहुत एवरेज स्टूडेंट होते हैं ना वो बहुत अच्छा काम करते हैं जीवन में। तो क्या बनना है बड़े होकर? मुझे बड़े हो के साइंटिस्ट बनना है। वोंगच की तरह मुझे भी उनकी तरह न्यू न्यू इनोवेशन करना है। अच्छा जो इंडिया में प्रॉब्लम आती है मुझे भी वो ठीक करना है। जैसे उन्होंने पहले उन्होंने लद्दाख में पानी का पानी में जो प्रॉब्लम होता था पानी का प्रॉब्लम उन्होंने ठीक किया।
हां एक फाउंटेन बनाया उन्होंने। उसके वजह से जब भी पानी पिघलता था तो वो लोग पी पाते थे लद्दाख के लोग। आईसी कहते हैं क्या? हां। आपने कहां पढ़ा ये? ये पढ़ा नहीं। मेरी मम्मी ने मुझे वीडियो दिखाया उनका पहले से लेकर शायद आधा वीडियो उन्होंने मुझे दिखाया है। बाप रे बाप जो है विद्यालय में। इतना इतना दिमाग मैं अपना स्कूल का नाम बताना चाहती हूं। पीएम सेरी केंद्र विद्यालय प्रगति विहार। वो नए स्टेडियम के पास में ही है। पास वाला है। वहां पर मैं पढ़ती हूं। वहां पर बहुत अच्छा पढ़ाई होता है।
तो तुमको पता है अब तुम फेमस होने वाली हो। फेमस मतलब अभी तुम बहुत पॉपुलर होने वाली हो। ये मेरा पांचवा वीडियो है। इससे पहले भी मेरा बन चुका है। तीन अरे बाप रे भाई इस बच्ची के कॉन्फिडेंस के लिए ताली बजा दो यार आप लोग। मेरा भी था कि एक दिन मुझे रियल न्यूज़ वाले मुझसे बात कर रहे और आज वो सब सपना पूरा हो गया। अब न्यूज़ वाले मुझसे बात किए हैं। इनको पहचान तुम्हारा सपना तो बहुत जल्दी पूरा हो गया। हां नहीं नहीं ये छोटी सी बच्ची है और देखिए इसके माता-पिता इसको लेकर आए होंगे।
लेकिन कितना जानकारी है इतना सब कुछ जानती है। जाहिर सी बात है आपने जो बच्ची ने कहा वो सुना होगा। तो छोटे से बच्चे को इतना कुछ समझ में आ रहा है कि यहां प्रोटेस्ट में क्या हो रहा है, क्या डिमांड है, क्या मांग है। ऑल द बेस्ट आपको। बेटा मोदी जी के बारे में क्या [हंसी] कि आप मैं चाहती हूं कि आप या तो रिजाइन दे दो या तो आप यहां आके सॉरी कहे। मुझे यही कहना है। कौन? [नाक से की जाने वाली आवाज़] मोदी जी या फिर धर्मेंद्र प्रसाद जी आवाज दो।
तुम रो क्यों रही हो? रो क्यों रही है आप? ये खुद के आदमी रोने की आदत नहीं है। किस बात की खुशी है आपको? मैं मैं रियल न्यूज़ वालों से बात कर रही हूं। रियल न्यूज़ वालों से बात कर रही हूं। तुम्हारी बात अब आगे तक पहुंच जाएगी। ये मुझे सपना जैसा लग रहा है मुझे। सपना जैसे लग रहा है। रुको मैं तुम्हें पिंच कर देता हूं। लाओ पिंच कर दूं। सपना नहीं है। सपना नहीं है। और ये न्यूज़ पिंच है। इसीलिए मैंने तुम्हें पिंच किया। अभी हंस दो। ये प्रोटेस्ट के रंग हैं। अरे वा आपने बनाया? नाम लिखा आपने अपना। क्या लिखा है ये? सोनम सर। सोनम सर आप जल्दी ठीक हो जाओगे तो हम सारे लोग आपके संसद चलेंगे 20 तारीख को। बहुत बढ़िया। थैंक यू। क्या नाम आओगे तुम 20 तारीख को?
हां जरूर क्या नाम है? आगे खड़ी रहोगी। ठीक है। क्या नाम है? उनके दोस्त हैं और वो है बचपन में जब वो खेल रहे थे। हम दोस्त नहीं है सोनम सर के। हम कहां हैं? के अंदर रेस्ट कर रहे हैं। बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। रेस्ट कर रहे हैं। छोटी सी बच्ची है। जिस प्रोटेस्ट में आपको बच्चे, बूढ़े, नौजवान सब कोई दिख जाते हैं। मिल जाते हैं। अब ये उसको मिलवाने ले जा रहे हैं। उसे यह विजेता दैया है और यह उस बच्ची को सोनम मांगचू जी से मिलवाने ले जा रहे हैं। हाय