अलीगढ़ में एक्टर चंद्रचूड़ सिंह की हवेली कब्जाने में उनकी चाची समेत 7 लोगों पर केस दर्ज हुआ है। चंद्रचूड़ के भाई अभिमन्यु सिंह ने इस मामले में रोरावर थाने में FIR दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने करोड़ों की जमीन और पुरानी हवेली के फर्जी वसीयत तैयार कराने के बाद प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया।
अभिमन्यु सिंह ने पुलिस को बताया- हमारी जमीनें जलालपुर के आसपास कई गांवों में हैं। पुश्तैनी हवेली भी है, जिस पर चाची गायत्री देवी सिंह ने लोगों के साथ मिलकर कब्जा कर लिया है। इस मामले में सिविल कोर्ट में मुकदमा पहसे से था, जिस पर अब क्रिमिनल एक्शन लिया है। अब आगे पुलिस ही डील करेगी।
चंद्रचूड़ सिंह ‘माचिस, जोश, क्या कहना’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। उनका परिवार अलीगढ़ के पुराने जमींदार परिवारों में गिना जाता है। उनके पिता कैप्टन बलदेव सिंह भारतीय सेना में अधिकारी रहे। वह 1985 में सदर विधानसभा सीट से विधायक बने थे। परिवार की जमीनें जलालपुर और आसपास के कई गांवों में फैली हैं। जमीनों पर छोटे-बड़े विवाद पहले भी होते रहे, लेकिन यह पहली बार मामला खुलकर सामने आया है।
चाचा के निधन के बाद बढ़ा विवादचंद्रचूड़ के चाचा गंगा सिंह लंबे समय से स्वीडन में रहते थे। भाई की मौत के बाद गंगा सिंह जलालपुर हवेली में आकर रहने लगे। अक्टूबर-2025 में गंगा सिंह का निधन हो गया। उसके बाद से ही पुश्तैनी संपत्ति, हवेली और ट्रस्ट से जुड़ी जमीनों पर कब्जे और दावेदारी को लेकर परिवार में तनातनी बढ़ गई
दादा की मौत से एक दिन पहले बनी फर्जी वसीयतहमारे दादाजी अलीगढ़ के बहुत बड़े जमींदार थे। साल- 1997 में उनका निधन हुआ था। उनके निधन से ठीक एक दिन पहले एक फर्जी वसीयत तैयार कर ली गई थी। इस बड़े षड्यंत्र में परिवार के कुछ सदस्यों के साथ बाहरी लोग भी शामिल हैं। इस फर्जी वसीयत के जरिए सारी की सारी बेशकीमती जमीनें एक ही परिवार और दो लोगों के नाम ट्रांसफर कर दी गईं।तहसील कर्मियों से मिलीभगतवसीयत का कोई प्रोबेट भी नहीं कराया गया था। चाचा गंगा सिंह की पत्नी और बेटे ने फर्जी तरीके से हवेली और जमीन पर कब्जा किया। उन लोगों ने बेहद शातिर तरीके से तहसील कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से राजस्व दस्तावेजों में हेर-फेर की। नाम बदलकर सालों तक इन जमीनों को अवैध रूप से बेचा है।
हम अपना बयान देने आए थे थाने में फ्रॉड और फौजदी जो हुआ है हमारी फैमिली में हमारे खिलाफ उसके खिलाफ एक बयान था वो हम देने आए थे इंस्पेक्टर साहब और यहां के अधिकारियों को यही है फ्रॉड और फौज कितने लोगों के खिलाफ एफआई हां जी कितने लोगों के खिलाफ आपने सात लोग सात लोग सात लोग क्या यही फ्रॉड और फौजी किस तरह की प्रॉपर्टी है सर? यह हमारी पुश्तैनी प्रॉपर्टी है एग्रीकल्चरल जो सालों में जो भी कुछ हुआ है
बेची गई है अमेज तरीके से इललीगल मीन्स अभी वहां बात करते हैं भैया वहां पहुंचते हैं। कितनी प्रॉपर्टी होगी अप्रोक्स? ये ये ये इसका मैं अनुमान दे नहीं सकता ना मैं फिगर उसके बारे में बोलना चाहता हूं। काफी सारी और कई लोगों कई लोग हमारी पूरी फैमिली में जी जी जी जी हमारे हमारे स्वर्गीय चाचा और
जो चाची थी जिनका इनके साथ तलाक हुआ है उनके दो बच्चे हैं जो यहां पे हैं जो ये सब उन्होंने कई सालों से यह अन्याय किया है हमारे पूरे फैमिली के खिलाफ थैंक यू नहीं यहां के ठाकुर थे ठाकुर हरेंद्र पाल सिंह जी तो काफी हमारी एग्रीकल्चर प्रॉपर्टी थी बाग्स बहुत थे लैंड्स बहुत थे प्रॉपर बहुत थी। ठीक है। ठीक है। एक मिनट देखो तुरंत चलिए अखबार में निकाल देंगे। बेटा गायत्री देवी ने लगा दिया मार देना।