हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की लोकप्रियता 1969 से 1973 के बीच अपने चरम पर थी। उस दौर में उनके प्रशंसकों, खासकर युवा महिलाओं, के बीच उन्हें लेकर असाधारण दीवानगी देखने को मिलती थी।
फिल्म पत्रकारों और जीवनी लेखकों ने कई ऐसे किस्सों का उल्लेख किया है, जो उनकी स्टारडम की मिसाल बन गए।
सबसे चर्चित दावों में से एक यह है कि जब राजेश खन्ना अपनी कार से निकलते थे, तो कुछ प्रशंसक उनकी कार के पीछे दौड़ पड़ते थे। लोकप्रिय फिल्मी संस्मरणों के अनुसार, कुछ युवतियाँ उनकी कार की धूल को अपनी माँग में भर लेने जैसी प्रतीकात्मक हरकत भी करती थीं। इसी तरह, उन्हें खून से लिखे प्रेम पत्र भेजे जाने और उनकी तस्वीरों से “शादी” करने जैसी बातें भी उस दौर की चर्चित कहानियों का हिस्सा रही हैं।
हालाँकि, इन घटनाओं के हर विवरण का स्वतंत्र ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि राजेश खन्ना की लोकप्रियता अभूतपूर्व थी। उनकी मुस्कान, संवाद अदायगी और रोमांटिक अंदाज़ ने उन्हें भारतीय सिनेमा का पहला “सुपरस्टार” बना दिया और उनकी फैन फॉलोइंग ने स्टारडम की नई परिभाषा गढ़ी।