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खामेनेई के जनाज़े में , ट्रंप के एक बयान से मचा हड़कंप!

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यह पहले तस्वीर देखिए। कहीं खुशी, कहीं गम। जी। अब देखिए ईरान में क्योंकि आपको यह दिखाने जा रहे हैं कि एक तरफ ईरान में आया अली खामने का जनाजा निकला है और उनके अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ उधर उमड़ पड़ी है। तो ईरान की राजधानी तेहरान में कैसे लाखों लोग काले कपड़ों में एक जगह इकट्ठा होकर खामनई को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

वो इन तस्वीरों को देखकर आप समझ सकते हैं। तो एक तरफ गम है तो दूसरी तरफ जश्न है। अमेरिका जश्न मना रहा है क्योंकि शनिवार को अमेरिका की आजादी की सालगिरह थी और इस मौके पर देश भर में भव्य समारोह आयोजित किया गया। और अब देखिए न्यूयॉर्क में कैसे आसमान में अमेरिकी विमान गर्जना कर रहे हैं।

जश्न के मौके पर आसमान में विमानों और हेलीकॉप्टर्स ने कट भी दिखाए हैं। जिसकी तस्वीरें आपके सामने आजादी के जश्न का मुख्य कार्यक्रम वाशिंगटन डीसी के नेशनल मॉल में हुआ और जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित भी किया वहीं पर जोरदार आतिशबाजी की गई। और अमेरिका की आजादी का जश्न अपने देश में ही नहीं बल्कि कई हजार किमी मीटर दूर फ्रांस के पेरिस में भी मना जहां एफिल टावर पर खास रोशनी के जरिए शुभकामनाएं दी गई।

देखो अमेरिका से लेकर ईरान तक इस वक्त कहीं खुशी है तो कहीं गम। ट्रंप का देश अपनी आजादी का उत्सव मना रहा है। तो खामने का मुल्क उनकी का मातम मना रहा है। दोनों ही देशों में जनता सड़कों पर है और नेता मंचों पर। वो भी ऐसे वक्त में जब ईरान अपने पूर्व सुप्रीम लीडर को के 4 महीने बाद अंतिम विदाई दे रहा है।

और उधर अमेरिका अपनी आजादी का 250वां साल धूमधाम से मना रहा है। लेकिन क्या जश्न और मातम के पीछे दोनों ही देश शक्ति प्रदर्शन कर अपनी ताकत दिखा रहे हैं या फिर एक दूसरे को देकर की को का प्लान बना रहे हैं। तो डोनाल्ड ट्रंप के देश अमेरिका में इसलिए जश्न मन रहा है क्योंकि अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे हो चुके हैं और इसीलिए सभी 50 राज्यों में अलग-अलग कार्यक्रम हो रहे हैं।

वाशिंगटन डीसी के नेशनल मॉल में देश के इतिहास का सबसे बड़ा फायर वर्क शो हुआ। आधी रात के बाद आसमान लाल, सफेद और नीले रंग की से जगमग हो उठा। यहां राष्ट्रपति के कार्यक्रम, सेना की परेड, संगीत कार्यक्रम और जोरदार आतिशबाजी हुई। तो दरअसल अमेरिका पहले 13 ब्रिटिश कॉलोनियों से मिलकर बना था। एक तरह से भारत की तरह अमेरिका भी ब्रिटेन के अधीन था। 4 जुलाई 1776 को अमेरिका की आजादी का ऐलान हुआ था।

तब अमेरिका ने खुद को अलग और स्वतंत्र घोषित कर लिया। फिलाडेफिया की बैठक में स्वतंत्रता घोषणा को मंजूरी दी गई। यह दस्तावेज मुख्य रूप से थॉमस जेपसंग ने लिखा था। इस घोषणा पत्र में कहा गया कि हर इंसान बराबर है। उसे जीवन, आजादी और खुशी के लिए जीने का अधिकार है। हालांकि चलता रहा और 1783 में पेरिस संधि हुई। जिसके बाद ब्रिटेन ने अमेरिका को बतौर स्वतंत्र देश मान्यता दी।

इसके बाद 13 कॉलोनियों वाला अमेरिका लगातार फैलता चला गया। आज यूएसए 50 राज्यों वाला दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश है। जिसकी आजादी का जश्न न्यूयॉर्क के आसमान में विमानों ने उड़ान भरकर भी मनाया। तो फिलाडेफिया में भी जोरदार तरीके से की गई और शो के जरिए भी लोगों ने आजादी का जश्न मनाया बल्कि फ्रांस में भी एफल टावर को सजाकर जश्न मनाया जा रहा है और रोमेनिया में इमारतों पर शानदार रोशनी के जरिए अमेरिका को 250वें स्थापना दिवस की बधाई दी गई है। अमेरिकी प्रेसिडेंट इस बीच डोनाल्ड ट्रंप क्या कह रहे हैं इस मौके को लेकर सुनते हैं।

दिस मॉर्निंग ऑन 4 जुलाई 1776 से 4 जुलाई 2026 तक अमेरिका ने आजादी की तानाशाही पर जीत स्वतंत्रता की दमन पर विजय और अमेरिकी भावना की ताकत को दुनिया के सामने साबित किया है। आज हमारा देश पहले से कहीं ज्यादा मजबूत ज्यादा स्वतंत्र ज्यादा समृद्ध, ज्यादा सुरक्षित और ज्यादा गर्व से भरा हुआ है। हम एक देश हैं, एक परिवार हैं और एक ही झंडे के नीचे खड़े हैं। अमेरिका की ताकत उसकी एकता और साझा मूल्यों में है।

पिछले 250 सालों में अमेरिका ने कई चुनौतियों का सामना किया लेकिन देश हमेशा एकजुट होकर आगे बढ़ा। कम्युनिज्म हमेशा हारने वाली विचारधारा रही और आगे भी हारती रहेगी। कम्युनिस्ट व्यवस्था अमेरिकी व्यवस्था के बिल्कुल विपरीत है। हमारे सैनिकों ने दुनिया भर के युद्ध क्षेत्रों में कम्युनिज्म के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उन्होंने यह लड़ाई इसलिए नहीं लड़ी कि वही खतरा फिर अमेरिका के भीतर लौट आए। वेड यू नो। वहीं देखिए ईरानी राष्ट्रपति पेशकियान हो या फिर संसद अध्यक्ष गैलवाफ उनको रोते हुए सबने देखा।

अपने सुप्रीम लीडर को खोकर कई नेता अपने आंसू नहीं रोक पाए। ये तस्वीरें आपको हम दिखा रहे हैं। वहां पर हर आंख नम है। लोग इसके साथ-साथ आक्रोशित भी हैं। अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हो रही है। लेकिन ईरानी राष्ट्रपति परशियां हो और फिर संसद जैसे कि आपको हमने बताया गालिबाग सबके जो अभी चेहरे हैं गमगीन है और भी तमाम जो चेहरे हैं उनको भी देखिए जरा सदक् तो अभी तक तो बड़े नेता जनाजे में पहुंच रहे थे। लेकिन अब तो अली खामई के तीन बेटे भी पिता को शली देने यहां पर पहुंचे थे। खामई के बेटे मसूद मियासम और मुस्तफा शामिल इसमें थे। उनके साथ रिवोलशनरी गार्ड के कमांडर अहमद वाहदी भी मौजूद रहे। वायदी फरवरी के बाद पहली बार आए थे सामने।

लेकिन अब तक खामई के उत्तराधिकारी मुस्तफा खामई सामने नहीं आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइल से जान का खतरा होने के कारण उन्होंने सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार में हिस्सा नहीं लिया। सो तो कामई के जनाजे में सिर्फ लाखों आम लोग ही नहीं बल्कि ईरान समेत 100 देशों के बड़े नेता भी जुटे हैं। लेकिन क्या ईरानी नेता ट्रंप के टारगेट पर हैं?

आइए पता करते हैं। देखते हैं क्या कहा जा रहा है। क्योंकि ऐसा इसलिए कि ईरान का शीर्ष सियासी सैन्य नेतृत्व खामई के जनाजे में है और ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बयान दिया और सबको चौंका दिया। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वह सबको खत्म कर सकते हैं। एक इंटरव्यू में डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि खामने के अंतिम संस्कार में ईरान का पूरा शीर्ष नेतृत्व एक ही जगह पर मौजूद है। अमेरिका चाहे तो एक हमले में सबको खत्म कर सकता है। लेकिन ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि चर्चा के लिए कोई नहीं बचेगा। लीडरशिप को खत्म करने वाले बयान पर ईरान ने पलटवार किया।

आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा लोगों को मारा जा सकता है। लेकिन उनके विचारों को नहीं। तुमने खामई को मारकर उनकी सोच को और फैला दिया है। ईरान ने आगे कहा ट्रंप आप इन बातों को नहीं समझ सकते क्योंकि आपके पास ना सभ्यता है ना इतिहास और ना ही सम्मान। उधर ईरानी सेना ने कहा हम अपनी ताकत लगा लगातार बढ़ा रहे हैं। ईरानी सेना के ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरम मिनिया ने वो उन्होंने कहा है कि में एक पल भी बर्बाद किए बगैर अपनी ताकत को हम बढ़ाने का काम कर रहे हैं। अगर दुश्मन ने गलती की तो करारा और निर्णायक जवाब देंगे।

यह बयान तब सामने आया है जब ट्रंप इशारों में ईरान को रहे थे। उधर रूस के पूर्व राष्ट्रपति मेवदेव ने अमेरिका को चेतावनी दी है। मेदेवदेव ने कहा है कि होरमोस स्टेट ईरान का परमाणु हथियार है। बाब अल मंदे भी ईरान के लिए रणनीतिक हथियार है। टकराव चाहने वाले देशों को याद रखना होगा कि स्ट्रेट प्रभावित होगा। अब आपको सुनवाते हैं डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी सेना सेना के मुखिया और रूस के नेता क्या कह रहे हैं इस वक्त। दुनिया का सबसे मजबूत और ताकतवर देश बनने का हमारा सफर कोई इत्तेफाक नहीं था।

हमने अपने पहले कार्यकाल में अपनी सेना को फिर से मजबूत किया। हमने उसका इस्तेमाल किया और हमें जबरदस्त कामयाबी मिली। वेनेजुएला और ईरान को देखिए। हमने उन्हें और उनकी सेना को पूरी तरह खत्म कर दिया। खामई की हत्या के इस अपराध को अंजाम देने वालों को यह जान लेना चाहिए कि हम उन्हें नहीं बखशेंगे। हम अपने दुश्मनों को और भी दृढ़ निश्चय के साथ यह घोषणा करते हैं कि हम शहीद इमाम और बाकी शहीदों का बदला लेंगे।

हॉर्मोज स्टेट ईरान का परमाणु हथियार है। इस रास्ते पर नियंत्रण से ईरान पूरी दुनिया के तेल कारोबार पर दबाव बना सकता है। अगर ईरान इस समुद्री रास्ते पर आवाजाही रोकता है तो पूरी दुनिया के तेल कारोबार और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। सुना दिया आपको हमने इंटरनेशनल नेताओं को। अब डोन्ड ट्रंप लगातारकि धमका रहे हैं ईरान को तो अब क्या चल रहा है? आइए जरा पता करते हैं। देखिए डोन्ड ट्रंप की धमकियों के बावजूद ईरान सरेंडर को राजी नहीं है वो देवन से पहले दिन से और उसकी ताकत है यह जनता जो आप देख रहे हैं सड़कों पर अभी है अपने लीडर के अपने सुप्रीम लीडर के लिए ये रात में भी लाखों की संख्या में वहां की जनता आंसू बहा रही है।

आई तो खाम के प्रति सम्मान जाहिर करने के लिए देखिए जरा लोगों ने जनाजे में अपने मोबाइल की फ्लैशाइट जलाकर उन्हें श्रद्धालि अर्पित की और लाखों लोग मौजूद मौजूद हैं।

लोगों की ये भारी भीड़ और शोर ये सब कुछ बता रहा है कि खामई का जनाजा नया वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना सकता है क्योंकि इसमें करीब 2 करोड़ लोगों के आने की संभावना है। अब आप यह सोच रहे होंगे कि इतनी बड़ी जो जनता है अंतिम संस्कार सभा क्या दुनिया ने पहले कभी देखा है इतनी लोगों को? तो आइए आपको जल्दी से बता देते हैं इतिहास क्या कहता है। देखिए इतिहास ये कहता है कि ये जो अंतिम संस्कार हो रहा है सबसे पहला नाम अभी तक जो वर्ल्ड रिकॉर्ड के मामले में सबका जो नाम आया वो जरूर आप सभी को जानना चाहिए। सीएन अन्ना दुराई भारत की अगर बात कर रहे हैं तो तमिलनाडु के पूर्व सीएम की अंतिम विदाई सबसे भव्य रही थी क्योंकि 1969 में अन्ना दुराई के अंतिम संस्कार में तकरीबन 1ढ़ करोड़ लोग शामिल हुए थे जो दुनिया की सबसे बड़ी अंतिम संस्कार सभा का रिकॉर्ड है। इसीलिए इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल है दर्ज है। और अब रुल्लाह खुमैनी खुमेनी ईरान के इस्लामिक गणराज के संस्थापक थे।

1989 में ईरान के सुप्रीम लीडर खुमैनी का निधन हुआ था। जिसके बाद उनके जनाजे में करीब 1 करोड़ से ज्यादा लोग शामिल होने का दावा। उस वक्त यह ईरान की कुल आबादी का छठा हिस्सा था। और अगला नंबर आता है गमाल अब्दुल नासिर का। 1970 में इजिप्ट यानी मिस्र के राष्ट्रपति गमाल अब्दुल नासिर का निधन हुआ। इसके बाद उनके अंतिम संस्कार में करीब 50 लाख लोग शामिल हुए थे। पोप जॉन पॉल द्वितीय।

2005 में ईसाइयों के पोप जॉन पॉल द्वितीय ने अंतिम सांस ली तब इटली की राजधानी रोम में करीब 40 लाख लोग जुटे थे। अंतिम संस्कार इतना भव्य था कि उसमें कई दिग्गज भी आए थे जिसमें चार राजा, पांच रानियां और 70 से ज्यादा राष्ट्रपति प्रधानमंत्री शामिल थे। आगे बढ़े तो यह फहरिस्त और कैसे बढ़ती है? उस्म कुलथुम। उस्म कुलुम इजिप्ट की महान गायिका और अभिनेत्री थी। जिनका 1975 में इजिप्ट की राजधानी काहिरा में ही निधन हो गया। तब सड़कों पर करीब 40 लाख लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी।

लोग उनके कंधों पर रखकर करीब 3 घंटे तक शहर में घुमाते रहे जनाजे को। खामनाई का जनाजा हो सकता है अब तक के सारे रिकॉर्ड को तोड़ दे। तो आइए आपको एनडीt से संवाददाता नज़र मसूदी के तेहरान से ग्राउंड रिपोर्ट दिखाते हैं। तहरान की सड़कों पर जैसा इंसानों का एक सैलाब उमड़ आया है। आया सैयद अली हुसैनी खामनाई को खराज अकीदत पेश करने के लिए हर सड़क पे हजारों लोग चल रहे हैं। कुछ रो रहे हैं। हर एक यहां लोग झंडा उठाए हैं।

मजहबी झंडों के साथ-साथ पहली बार हम देख रहे हैं कि ईरानी नेशनल फ्लैग भी लोगों के साथ है। यह पहली बार है कि जब इस तरह की मजहबी जो रसूम अदा किए जाते हैं, ईरान के नेशनल फ्लैग भी वहां लोगों को साथ है।

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