दोस्तों, बॉलीवुड की ऐसी कई खूबसूरत और काबिल अभिनेत्रियों के बारे में आपने जरूर सुना होगा जिन्होंने मनोरंजन जगत में एंट्री पॉपुलर फिल्मों से की है और कुछ समय तक उन्हें काफी ज्यादा लाइमलाइट भी मिली। लेकिन बाद में उनके करियर की रफ्तार इतनी धीमी पड़ गई कि लाख कोशिशों के बावजूद भी इन अभिनेत्रियों को वो सक्सेस नहीं मिल पाई जिसके शायद यह असल हकदार थी। बॉलीवुड की गलियों में ऐसे कलाकारों से जुड़े कई किस्से और कई टैलेंटेड अभिनेताओं, अभिनेत्रियों से जुड़े ऐसे किस्से मौजूद हैं जिनके बारे में सुनकर आप चौंक जाएंगे। इनमें से कई कलाकार तो काफी ज्यादा खूबसूरत और टैलेंटेड होते हुए भी प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाए। इनमें से कुछ ने अपना प्रोफेशन बदल दिया तो कुछ गुमनामी के अंधेरे में खो गए। गौर करने वाली बात यह है कि पर्दे से दूर रहने की वजह से एक समय बाद दर्शकों ने भी इन्हें अपने जहन अपने दिलो दिमाग से बाहर निकाल दिया। दोस्तों आज के हमारे इस वीडियो में हम बॉलीवुड की एक ऐसी ही भूली बिसरी अभिनेत्री का किस्सा सुनाने जा रहे हैं। जिन्होंने एक बड़ी फिल्म से बॉलीवुड में दस्तक दी थी और तो और कपूर खानदान के बेटे अभिनेता राजीव कपूर के साथ उनके अफेयर के किस्से भी काफी ज्यादा मशहूर रहे थे। बड़ी पिक्चर, लाइमलाइट, गॉसिप इन सब के बीच भी यह अभिनेत्री टिक नहीं पाई। लेकिन बाद में उन्होंने कुछ ऐसा किया जिसके बारे में जानकर आप एकदम से चौंक उठेंगे। उन्होंने अपना प्रोफेशन ही बदल डाला। दोस्तों, आज के हमारे इस वीडियो में बात हो रही है बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री दिव्या राणा की। कभी राम तेरी गंगा मैली जैसी पॉपुलर फिल्म का हिस्सा रही राजीव कपूर की इस फर्स्ट हीरोइन को दर्शक वर्ग ने शायद भुला दिया है। पर उनकी कहानी दिलचस्प है। तो चलिए दोस्तों वीडियो को पूरा देखिएगा और जानकारी अगर पसंद आए तो इस वीडियो को लाइक भी करिएगा। दिव्या राणा कहां हैं
और उन्होंने फिल्मों को अलविदा कहकर अपने लिए कैसी जिंदगी चुनी है और साथ ही आपको यह भी बताएंगे कि आखिर उन्हें अपना नाम क्यों बदलना पड़ा। इस वीडियो में हम दिव्या राणा के जीवन से जुड़े अनकहे पहलुओं के बारे में आपसे साझा करेंगे। तो आइए वीडियो शुरू करते हैं। एक्ट्रेस दिव्या राणा के जन्मदिन और प्रारंभिक जीवन से जुड़ी जानकारियां सार्वजनिक नहीं है। इसीलिए हम उसे इस वीडियो में शामिल नहीं कर पाए हैं। ऐसा कहा जाता है कि दिव्या की मां गुजरात के एक छोटे राजघराने से ताल्लुक रखती थी और वह वहां के शासक राजा आमोद की बेटी थी। दिव्या राणा के पिता दाऊद शूज के को ओनर थे। दोस्तों जैसा कि आप देख सकते हैं कि दिव्या का परिवार एक समृद्ध परिवार था। इनके परिवार वालों ने बॉलीवुड में करियर बनाने के इनके फैसले को अपना समर्थन भी दिया। दिव्या ने मुंबई के अल्फांजो कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की है। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही उनको फिल्म का ऑफर मिला था। बता दें कि दिव्या को जो पहली फिल्म मिली थी, वह थी साल 1978 में बनी फिल्म ₹20। इस फिल्म में दिव्या राणा को चर्चित अभिनेता नाना पाटेकर के साथ काम करने का मौका मिला था। फिल्म ₹20 का निर्देशन चंद बरोट ने किया था। लेकिन दुर्भाग्य से इस फिल्म को कभी पूरा ही नहीं किया जा सका। अपने एक इंटरव्यू में दिव्या राणा ने इस फिल्म के कंप्लीशन और रिलीज को लेकर बात भी की थी और उन्होंने इच्छा जताई थी कि काश यह फिल्म रिलीज हो जाती। इस फिल्म के बाद उन्होंने 1983 में एक और फिल्म की। इस फिल्म का नाम था एक जान है हम। इस फिल्म में उन्होंने राजीव कपूर के अपोजिट एक्ट्रेस का किरदार निभाया था। इस फिल्म में इन दोनों के अलावा तनुजा, प्राण, शमी कपूर जैसे दिग्गज कलाकार भी मौजूद थे। दोस्तों, इस फिल्म में दिव्या के कैरेक्टर का नाम सीमा था। इस फिल्म का निर्देशन राजीव मेहरा ने किया था। भले ही यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अधिक सफल नहीं हो पाई थी, पर इस फिल्म के संगीत को दर्शकों ने खूब एंजॉय किया था। फिल्म में आशा भोसले, किशोर दा जैसे धुरंधर गायकों की आवाज थी और इस खूबसूरत नगमे मौजूद थे जिसे सुनकर लोग एकदम पागल हो चुके थे। एक जान है हम फिल्म के बाद दिव्या ने फिल्म आसमान में काम किया। इस फिल्म में उनका नाम रेशमा था। इस फिल्म में भी दिव्या ने राजीव कपूर के साथ ही काम किया था। यह फिल्म भी एक छोटे बजट की फिल्म रही जो बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल दिखाने में असफल हो गई। भले ही दिव्या फिल्म की वजह से चर्चा में ना आ पाई हो
पर इस दौरान राजीव और अपने संबंधों को लेकर वह काफी ज्यादा चर्चा में रही थी। बॉलीवुड की गलियों में काफी ज्यादा यह चर्चा चल रही थी कि राजीव कपूर और दिव्या दोनों के दोनों रिलेशनशिप में हैं। सूत्रों की मानें तो कहा जाता है कि दिव्या राजीव के जीवन की पहली महिला थी। जिनके साथ राजीव किसी सीरियस रिलेशनशिप में थे। इसके बाद साल 1985 में आई फिल्म राम तेरी गंगा मैली में इन दोनों ने फिर से एक साथ काम किया था। कहते हैं कि इस फिल्म के दौरान इन दोनों का प्यार परवान चढ़ चुका था। दोस्तों फिल्म राम तेरी गंगा मैली दर्शकों के बीच काफी ज्यादा सफल रही और इसकी सफलता का कोई भी श्रेय दिव्या को नहीं मिला। दरअसल फिल्म राम तेरी गंगा मैली में दिव्या और राजीव के अलावा अभिनेत्री मंदाकिनी ने भी काम किया था। मंदाकिनी के इस फिल्म में कई सारे बोल्ड सींस थे और उन्हें काफी ज्यादा लाइमलाइट मिला था। जिस वजह से वह इस फिल्म से बहुत ज्यादा पॉपुलर हो गई। लेकिन इसका फायदा दिव्या को नहीं हुआ क्योंकि उनके सींस उतने ज्यादा दमदार नहीं थे। दिव्या ने इसके बाद मां कसम वो दिन आएगा वतन के रखवाले परम धर्म हिम्मत और मेहनत आखिरी मुकाबला अंधा युग एक ही मकसद गरीबों का दाता जैसी फिल्में की। दिव्या ने करीब 6 सालों तक बॉलीवुड में काम किया।
पर उनकी कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ा कमाल नहीं कर पाई। और अगर कोई फिल्म बड़ा कमाल करती भी थी तो उसका श्रेय दिव्या को बिल्कुल भी नहीं मिला। पूरे करियर में उन्होंने 10 से 11 फिल्में की। उनकी आखिरी फिल्म थी साल 1989 में आई फिल्म गरीबों का दाता। इसके बाद उन्होंने फिल्म को अलविदा कहने का मन बनाया। फिल्मों की दुनिया को अलविदा कहने के बाद दिव्या ने अपना प्रोफेशन ही बदल दिया और सिर्फ प्रोफेशन ही नहीं उन्होंने अपना नाम तक बदल लिया। बता दें कि दिव्या ने बॉलीवुड को अलविदा कहने के बाद शादी कर ली थी और उन्होंने अपना नाम भी बदल लिया था। दरअसल उनके पति का नाम फजल है। फजल का बिजनेस दुबई में चलता है। दोस्तों कहा जाता है कि राजीव कपूर से रिश्ता तोड़कर फजल को अपना जीवन साथी चुना और इसके साथ ही दुबई में सेटल हो गई। एक हिंदू परिवार में जन्मी दिव्या ने शादी के बाद अपने पति के धर्म को अपनाकर अपना नाम भी बदल लिया था। पजल से शादी के बाद दिव्या ने अपना नाम बदलकर सलमा रख लिया। आज दिव्या दो प्यारे बेटों की मां बन चुकी हैं। अपना नाम बदलने के साथ-साथ उन्होंने अपना प्रोफेशन भी चेंज कर लिया। बचपन से ही दिव्या बहुत ज्यादा क्रिएटिव थी और उन्हें पेंटिंग का बहुत ज्यादा शौक था। हालांकि अपनी मां की मौत के बाद उन्होंने पेंटिंग करना भी छोड़ दिया और कहा जाता है कि उन्होंने अपनी मां की एक अधूरी पेंटिंग बनाकर रखी हुई है। अगर उनके क्रिएटिविटी की बात करें तो उन्हें पोटरी का भी काफी ज्यादा शौक था। लेकिन कहा जाता है कि अपने हेल्थ इश्यूज की वजह से वह पोटरी को भी कंटिन्यू नहीं कर पाई। दिव्या की पोटरी भारत में गौहर महल के प्रदर्शन में भी दिखाई गई थी।
अगर बात करें दिव्या के मौजूदा करियर की तो उन्होंने अंत में फोटोग्राफी को सीरियसली लिया और आज एक जानीमानी फोटोग्राफर बन चुकी हैं। कुछ सालों पहले दिव्या ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी इच्छा एक थिएटर प्रोडक्शन हाउस खोलने की है। हालांकि बतौर अभिनेत्री वह फिल्मों में अब वापसी नहीं करना चाहती हैं। उनके करियर की दूसरी इनिंग किसी प्रेरणा से कम नहीं है। भले ही बॉलीवुड में एक कामयाब अभिनेत्री बनने का सपना सजाकर वह बॉलीवुड में आई थी, लेकिन शादी के बाद उन्होंने अपने पैशन को फॉलो किया और वही किया जो उनका दिल करता था और आज वह एक अच्छा नाम भी कमा रही हैं और अच्छे पैसे भी कमा रही हैं। साथ ही साथ अपनी पसंद का काम कर रही हैं। पेंटिंग, पोटरी, फोटोग्राफी में अपना करियर आजमाने वाली दिव्या वुमेन क्लॉथिंग के फील्ड में भी काफी ज्यादा एक्टिव हैं। अपनी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वह क्लॉथिंग से जुड़े अपने प्रोडक्ट्स के प्रमोशन करती रहती हैं। फोटोग्राफी को प्रोफेशन के तौर पर लेने के बाद एक बार दिव्या ने गुजरात के कच्छ में मौजूद महिलाओं की पिक्चर्स लेने की भी इच्छा जताई थी। दोस्तों, तकरीबन 40 साल पहले बॉलीवुड में करियर की शुरुआत करने वाली दिव्या ने यह साबित कर दिया है कि अपने पैशन और क्रिएटिविटी की बदौलत आप किसी भी समय किसी भी मुकाम पर पहुंच सकते हैं। अगर आज भी आप उनकी तस्वीरें देखेंगे तो वह काफी ज्यादा खूबसूरत नजर आती हैं। भले ही अब उनका नाम बॉलीवुड से ना जुड़कर किसी और क्षेत्र से जुड़ चुका है। लेकिन अभी भी दर्शक जो उन्हें पसंद करते थे, वह पसंद करते हैं। क्या आपने इनकी कोई फिल्म देखी है या इन पर फिल्माया कोई गाना आपने सुना है तो हमें कमेंट्स में जरूर बताइएगा या फिर आप भी इन्हें भूल गए यह भी जरूर लिखिएगा। अगर यह जानकारी पसंद आई तो इस वीडियो को लाइक करिएगा और अगर आप हमारे चैनल वारिधि मंथन पर नए हैं तो इसे सब्सक्राइब करके बेल आइकन दबाना बिल्कुल मत भूलिएगा। वीडियो में अब तक बने रहने के लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया।