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एक उड़ान और सब खत्म! विमान हादसे में जान गंवाने वाली बॉलीवुड की वह मशहूर अभिनेत्री!

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[की सुपरस्टार सौंदर्य की इसे बॉलीवुड के मूवी सूर्यवंश में भी आपने देखा होगा स्टार्टिंग में तो यह मूवी फ्लॉप रही पर टीवी चैनलों ने इसे इतना चलाया इतना चलाया कि आज बच्चा-बच्चा भी इस फिल्म के बारे में जानता है 17 अप्रैल 2004 को वह एक ऐसे प्लेन में सवार हो गए जिसने टेक ऑफ करते ही उड़ान भरना बंद कर दिया और किसी पत्थर की तरह जमीन से टकरा गया आइए पूरी कहानी समझने की कोशिश करते हैं आज के इस वीडियो में 17 अप्रैल 2004 जक्कूर एयरपोर्ट बेंगलोर अग्नि एयर का एक प्राइवेट विमान उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था इस एयरपोर्ट में यह एयरपोर्ट कोई कमर्शियल एयरपोर्ट नहीं है जहां से यात्री ट्रेवल कर सकते हैं यह एक गवर्नमेंट फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल है जहां नए पायलेट्स को ट्रेनिंग दी जाती है इस तरह के ट्रेनिंग में शना जैसे छोटे प्लेंस में ही स्टूडेंट्स को ट्रेनिंग दी जाती है अब क्योंकि इन छोटे प्लेंस को टेक ऑफ और लैंडिंग कराने के लिए बड़े रनवे की जरूरत नहीं पड़ती इसलिए इसके रनवे की लंबाई लगभग 3000 फीट है और यह एक छोटा सा एयरपोर्ट है ऐसे एयरपोर्ट्स में आप प्लेन बुक करके भी ट्रैवल कर सकते हैं एक्ट्रेस सौंदर्य ने भी एक प्लेन बुक किया यह प्लेन था सेना 180 प्लेन में कुल चार लोग सवार हो गए जिसमें से एक सौंदर और उनके भाई अमरनाथ थे 2004 के इलेक्शन कैंपेन में यह दोनों बीजेपी के सपोर्ट में बेंगलोर करीम नगर जा रहे थे समय सुबह के

11 बजे प्लेन धीरे-धीरे टैक्सिंग करते हुए रन में पर पहुंच गया 5 मिनट बाद ही यह प्लेन रनवे पर रन करने के लिए तैयार हो गया प्लेन के फ्लेप्स को 10 पर सेट किया गया थ्रस्ट को मैक्सिमम कर दिया गया अब प्लेन तेजी से रन करते हुए आगे की ओर बढ़ ने लगा देखते ही देखते यह प्लेन हवा में गोते लगाने के लिए निकल पड़ा टेक ऑफ के बाद इस प्लेन को राइट मुड़ना था और यहीं पर हो गई गड़बड़ी एयरपोर्ट से कुछ ही दूरी पर गांधी कृषि विज्ञान केंद्र जहां एग्रीकल्चर से रिलेटेड बहुत सारी एक्सपेरिमेंट्स की जाती है प्लेन धीरे-धीरे इसके ऊपर 150 फीट पर आ गया अब जैसे ही यह प्लेन राइट की ओर मुड़ा प्लेन उड़ने के बजाय गिरने लगा पायलट कुछ समझ पाता कुछ कर पाता इससे पहले ही यह प्लेन 150 फीट ऊपर से गांधी कृषि विज्ञान केंद्र में क्रैश हो गया यह केंद्र एक विशाल एरिया में फैला था यहां कोई पॉपुलेशन नहीं थी यही वजह है कि यह प्लेन किसी के घर पर नहीं गिरा बल्कि यह खुले मैदान में क्रैश हुआ एक गवर्नमेंट एंप्लॉय उसी लोकेशन पर ड्यूटी कर रहा था प्लेन को गिरते हुए देख वह तुरंत वहां पर पहुंच गया और घायलों को निकालने की कोशिश कर करने लगा लेकिन तभी आग तेजी से भड़कने लगी और पूरा का पूरा प्लेन आग के गोले में बदल गया इस आग में वह खुद भी झुलस गया लेकिन अफसोस वह किसी को भी बचा नहीं पाया आग इतनी तेज थी कि इसे बुझाते बुझाते आधे घंटे का वक्त लग गया और इतनी देर में सभी की जान जा चुकी थी 28 वर्षीय सौंदर्य की जीवन और करियर दोनों खत्म हो गया साल 1995 से 2000 दो तक इन्होंने कई फिल्मों में काम किया उन फिल्मों में आज भी सौंदर्य की यादें बसी है हादसे के करीब एक साल पहले ही 27 अप्रैल 2003 को इनकी शादी हुई थी मिस्टर जीएस रघु से कहा जाता है कि जब उनकी मौत हुई तब उनके पेट में एक बच्चा भी पल रहा था वह दो महीने से प्रेग्नेंट थी इस हादसे ने सिर्फ चार नहीं बल्कि एक मासूम बच्चे की भी जान ले लिया दोस्तों यह हादसा क्यों हुआ कैसे हुआ यह सवाल सभी के मन में घूमने लगा आखिर प्लेन ने उड़ना बंद क्यों किया अगर प्लेन में कोई खराबी थी तो पायलट ने ग्राउंड को इसकी जानकारी क्यों नहीं दिया ऐसे बहुत सारे सवाल थे जिसका जवाब तो हमें ऑफिशियल रिपोर्ट पर नहीं मिला

लेकिन कुछ ट्रस्टेड आर्टिकल्स है जिसकी मदद से तैयार किया है मैंने एक छोटा सा रिपोर्ट तो आइए समझते हैं इसका इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट को दोस्तों एक प्लेन दो वजहों से उड़ान भरना बंद करके नीचे गिर सकता है पहली वजह इंजन फेलियर ज्यादातर प्लेन क्रैश इसी वजह से होता है सेना 180 एक सिंगल इंजन वाला प्लेन है यानी कि अगर इसका इंजन खराब हो जाता है तो इसके पास बैकअप के लिए कोई दूसरा इंजन नहीं बचेगा 50 पर संभावना है कि वो प्लेन क्रैश हो जाएगा लेकिन 50 पर क्यों क्या इसका मतलब यह है कि इंजन फेलियर के बाद भी 50 पर चांस है प्लेन को बचाने का जी हां इसका मतलब यही है जिस तरह से हमारे हाथों के ताकत से फेंका हुआ पेपर प्लेन हवा में उड़ता रहता है जब तक कि वह आगे बढ़ता है इसके बाद वह पेपर प्लेन धीरे-धीरे लैंड कर जाता है ध्यान रहे मैंने कहां लैंड कर जाता है क्रैश नहीं ठीक उसी प्रकार प्लेन के साथ भी होता है इंजन फेलियर के बाद भी प्लेन ग्लाइड करते हुए बिना इंजन के लैंड कर सकता है बशर्ते कि वह जहां पर लैंड कर रहा है वहां कोई घर बिल्डिंग ना हो अगर यह बिल्डिंग से टकरा जाएगा तो क्रैश हो जाएगा और अगर यह खाली मैदान में लैंड कर जाए तो यह बच जाएगा इसलिए मैंने 50 पर कहा बचने का और क्रेश होने का बात करें अग्नि एयर की जिसमें सभी बैठे हुए थे अगर इस प्लेन का इंजन खराब होता तब भी यह गांधी कृषि विज्ञान केंद्र में लैंड कर सकता था यहां पर तो विशालकाय क्षेत्र में समतल मैदान भी मौजूद था लेकिन आई विटनेस की माने तो प्लेन का इंजन सही से काम कर रहा था इंजन से ना तो धुआ और ना ना ही आग निकल रही थी इवन इंजन के चलने की आवाज भी आ रही थी ऐसे में यह बात तो साफ हो गई कि इस प्लेन में इंजन फेलियर का प्रॉब्लम नहीं था अब बात करते हैं दूसरे वजह की प्लेन का किसी पत्थर की तरह गिरना यह साबित कर रहा था कि प्लेन के इंजन में कोई प्रॉब्लम नहीं थी बल्कि यह प्लेन स्टॉल की वजह से गिरा अब यह स्टॉल क्या होता है और किस तरह से प्लेन को किसी पत्थर की तरह गिरा सकता है आइए समझते हैं दोस्तों एक प्लेन को हमेशा दो ही चीज आता है और कुछ नहीं आता या तो उड़ो या गिर जाओ अगर प्लेन उड़ेगा नहीं तो गिरेगा गिरने से बचने के लिए प्लेन को हमेशा उड़ते रहना पड़ेगा एक एग्जांपल से समझते हैं सपोज गहरे समुद्र में आपको डुबा के छोड़ दें तो क्या होगा जब तक आप हाथ पांव चलाओगे तब तक भाई आप तैरते रहोगे धीरे-धीरे हाथ पांव चलना बंद हुआ डूब जाओगे प्लेन के साथ भी वही होता है जब तक प्लेन तेजी से आगे की ओर बढ़ेगा यह उड़ता रहेगा लेकिन जैसे-जैसे आगे जाने की रफ्तार कम होती जाएगी यह उड़ना बंद कर देगा और गिरने लगेगा इसे ही कहते हैं स्टॉल इसलिए हर प्लेन को उड़ाने से पहले स्टॉल स्पीड को कैलकुलेट किया जाता है सेना 180 का स्टॉल स्पीड 48 नॉट्स है अगर प्लेन का स्पीड कम होते-होते 48 नॉट्स तक पहुंच गया तो प्लेन गिरने लगेगा भले ही इसका इंजन ऑन हो साफ-साफ कहे तो चाहे धरती फट जाए चाहे दुनिया इधर से उधर हो जाए प्लेन का स्पीड 48 नॉट्स तक नहीं पहुंचना चाहिए 60 नॉट्स में उड़ाओ कोई दिक्कत नहीं लेकिन यह सिर्फ नॉर्मल कंडीशन के लिए है

48 नॉट्स कोई पत्थर की लकीर नहीं है कि हमेशा उसी को फॉलो करना है नहीं मान लो कोई प्लेन 52 नॉट्स की स्पीड में उड़ रहा है लेकिन अचानक से पायलट ब्रेक लगा देता है ब्रेक मतलब मान लो फ्लेप्स का यूज कर लेता है या प्लेन को लेफ्ट राइट मोड़ता है तब स्टॉल स्पीड 28 नॉट से बढ़कर 50 52 55 नॉट्स भी हो सकता है इसलिए हमेशा प्लेन का स्पीड को बढ़ा कर रखना चाहिए फ्लेप्स का यूज करने से अचानक प्लेन को मोड़ने से प्लेन का स्पीड कम होकर स्टॉल स्पीड तक चला जाएगा इसलिए प्लेन का स्पीड इतना रखना चाहिए कि कितना भी कम हो जाए यह स्टॉल स्पीड तक नहीं पहुंच पाएगा अब बात करते हैं अग्नि एयर की जिसमें चार लोग सवार थे इस छोटे से प्लेन में चार लोगों के वजन और उनके सामानों के साथ हवा में में उड़ना था इसके अलावा इसे एल्टीट्यूड भी गेन करना था यह सब कुछ करने में अधिक स्पीड की जरूरत पड़ती है ठीक वैसे ही जैसे कि खड़ी चढ़ाई में बाइक को चढ़ाते वक्त हम अधिक एक्सीलरेटर लेते हैं इसके अलावा टेक ऑफ के समय फ्लैप 10 पर होता है ताकि प्लेन को लिफ्ट मिल सके यह फ्लैप भी एक तरह का ब्रेकिंग सिस्टम का काम करता है जो प्लेन के स्पीड को धीमा करता है अग्नि एयर रनवे पर रन करते हुए आगे की ओर बढ़ने लगा पायलट ने थ्रस्ट लीवर को फल कर दिया फ्लैप को 10 पर सेट किया अब देखते ही देखते यह प्लेन हवा में गोते खाने लगा यहां तक तो सब कुछ ठीक था लेकिन आगे पायलट से एक गलती हो गई प्लेन को मोड़ने से पहले पायलट को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि प्लेन का स्पीड मुड़ने के लिए पर्याप्त है या नहीं कहीं प्लेन को मोड़ने के चक्कर में यह स्टॉल में ना चला जाए यह प्लेन अभी-अभी उड़ान भरा था इसे और स्पीड पकड़नी चाहिए थी फ्लैप अभी भी 10 पर था जिसे जीरो करना चाहिए था ताकि प्लेन का स्पीड और बढ़ सके इसके बाद पायलट को धीरे-धीरे प्लेन को मोड़ना चाहिए था ताकि स्पीड मेंटेन रहे लेकिन जैसे ही यह प्लेन हवा में

आया पायलट ने दो काम एक साथ किया प्लेन को तेजी से राइट की ओर मोड़ दिया और फ्लैप को जीरो करने लगे यहां पर फ्लैप ने प्लेन के स्पीड को कम करना जारी रखा वहीं शार्प टर्न लेने की वजह से स्पीड और भी कम हो गई इतना कम कि प्लेन स्टॉल में चला गया और यह किसी पत्थर की तरह नीचे गिरने लग का एक धमाके के साथ धरती से टकरा गया यह हादसा पायलट के इंप्रोपर हैंडलिंग की वजह से हुआ ऊपर से ओवरलोड भी था इनके पास एक्सपीरियंस की बहुत कमी थी 328 फ्लाइट ववर का एक्सपीरियंस था इनके पास हालांकि इतना एक्सपीरियंस सेसन जैसे प्लेन उड़ाने के लिए काफी है लेकिन फिर भी इन 328 घंटों में से 200 250 घंटों तक तो पायलट किसी एक्सपीरियंस पायलट के साथ उड़ाया होगा कोपायलट बनकर वह अकेला 328 घंटे तक प्लेन नहीं उड़ाया होगा मतलब साफ है कि उनके पास एक्सपीरियंस की बहुत कमी थी जिसकी वजह से इतना बड़ा हादसा हो गया चार लोगों के साथ एक मासूम बच्चे की भी जान चली गई फिलहाल इस वीडियो में अभी तक के लिए बस इतना ही वीडियो अच्छा लगा तो लाइक कर देना बुरा लगा तो डिसलाइक कर देना और दोनों ही केस में इस चैनल को सब्सक्राइब कर देना क्योंकि इस चैनल में सीखने के लिए बहुत कुछ है तो मैं मिलता हूं आपसे अगली वीडियो में तब तक के लिए देखते रहिए और सीखते रहिए जय हिंद वंदे मातरम

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