अब पाकिस्तान के दूसरे फिक्र का जिक्र। ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने से पहले भारत ने पाकिस्तान पर वाटर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए कहा था कि पानी और खून साथ नहीं बह सकते। और फिर पाकिस्तान के साथ सिंधु जलसंध को निलंबित कर दिया था। पाकिस्तान को अब इसका दर्द महसूस होने लगा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि अगर पाकिस्तान की जल सुरक्षा को खतरा हुआ तो वह युद्ध का रास्ता अपना सकते हैं। दूसरी तरफ भारत ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद पर ठोस कारवाही से पहले सिंधु जल संधि पर कोई नरमी नहीं दिखाई जाएगी। इस सब के बीच में पाकिस्तान की चिंता इसलिए ज्यादा बढ़ गई है क्योंकि हाल ही में भारत के जलशक्ति मंत्री सीआर [संगीत] पाटिल ने एक बयान में संकेत दिए हैं कि जून 2028 तक पाकिस्तान की ओर जाने वाले सिंधु प्रणाली के
पानी को पूरी तरह नियंत्रित या रोका जा सकता है। इसके साथ ही चिनाब नदी पर भारत के प्रोजेक्ट्स ने पाकिस्तान की चिंताएं चरम पर पहुंचा दी हैं। पाकिस्तान की 90% से ज्यादा फसलें इंडस बेसिन पर निर्भर हैं। पानी कम होने पर फसलें सूख जाएंगी और भुखमरी जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। पाकिस्तान में कृषि से जुड़े उद्योग जीडीपी का करीब 25 फ़ीसदी हिस्सा है।
पानी पर कंट्रोल से जीडीपी में डेढ़ से 2% तक गिरावट आ सकती है। पाकिस्तान की 37% से ज्यादा आबादी सीधे खेती पर निर्भर है। पानी ना मिलने से पंजाब और सिंध में लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। पाकिस्तान का 60 से 79% हाइड्रो पावर सिंधु बेसिन से आता है। सबसे बड़ा 4888 मेगावाट वाला तरबेला बांध ठप होने से पूरे देश में बिजली संकट आ जाएगा। सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान के लिए सिर्फ पानी नहीं है बल्कि खाना, रोजगार, अर्थव्यवस्था और बिजली का मुख्य स्रोत है।
इस पर निर्भरता इतनी ज्यादा है कि थोड़ी सी भी कमी पूरे देश को गंभीर संकट में डाल सकती है। पाकिस्तान ने इस मुद्दे को लेकर यूएन सिक्योरिटी काउंसिल का भी दरवाजा खटखटाया। लेकिन भारत का स्टैंड क्लियर है। अगर आतंकी खून बहाएंगे तो भारत पानी नहीं बहने देगा। बहनों भाइयों हम लोगों ने कहा था अगर भारत पर आतंकी हमला हुआ तो हम पाकिस्तान का दाना पानी बंद कर देंगे। लोगों ने कहा था और पहलगाम आतंकी हमले के बाद हमने इंडस वाटर वैली को सस्पेंड करके बता दिया जिनकी आंख का पानी मर गया हो उन्हें हमसे पानी की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।
आतंकवादियों के संरक्षकों को और मानवता के दुश्मनों को हम अपनी सिंधु का पानी नहीं जाने देंगे। बहनों जहां तक भारत और पाकिस्तान के बीच की बात है, मुझे नहीं लगता है कि भारत किसी भी किसी भी प्रकार के पाकिस्तान के साथ कोई भी रिश्ता रख सकता है। खून और पानी एक साथ नहीं चल सकता है। तो इसमें तो मुझे कोई शक नहीं है कि जब तक पाकिस्तान टेररिज्म को सपोर्ट देता जा रहा है और जब तक वो लश्कर तैबा हजबुल मुजाहदीन जैसे ग्रुप्स पाकिस्तान के अंदर ट्रेन हो रहे हैं। तब तक तो कोई इसमें बातचीत नहीं हो सकती है। एक बार अगर यह बंद कर दे तब भी मुझे नहीं लगता है कि हमको कोई ट्रीटी करना चाहिए पाकिस्तान के साथ। लेकिन [संगीत] अगर वह बंद कर देता है टेररिस्ट को तो कम से कम हम यह देखेंगे कि उनका नुकसान ना हो।