भारत के एक बेहद ही संवेदनशील और महत्वपूर्ण इलाके में खुदाई चल रही है। हजारों एकड़ जमीन समतल की जा रही है। जंगलों पर कब्जा करके बैठे बांग्लादेशियों को भगाया जा रहा है और पशु पक्षियों को वह जमीन वापस लौटाई जा रही है। हैरानी की बात देखिए कि भारत का यह एक्शन देख बांग्लादेश और कतर जैसे देश खून के आंसू रोने लगे हैं। इन दोनों देशों ने क्या कहा है और इन्हें क्या जवाब मिला है वो हम आपको आगे बताएंगे।
मगर खुदाई जारी है और जहां आज नहीं खुदा वहां कल खुदेगा। दरअसल यह जबरदस्त एक्शन असम में लिया जा रहा है। असम राज्य के कई हिस्से बांग्लादेश से भी लगते हैं। असम में हजारों एकड़ जमीन से अवैध अतिक्रमण को तेजी से हटाया जा रहा है। हेमंत विश्व शर्मा असम में सरकारी जमीन, संवेदनशील जंगलों और ऐतिहासिक धरोहरों से अवैध कब्जा हटा रहे हैं।
इसमें सबसे ज्यादा अवैध कब्जा जंगलों की जमीन पर था और ये कब्जा करने वाले थे अवैध बांग्लादेशी। लेकिन हेमंत विश्व शर्मा ने सबसे पहले बुलडोजरों को दौड़ाया उसके बाद बांग्लादेशियों को। आपको बता दें कि असम के अलग-अलग इलाकों में पिछले कुछ महीनों से अवैध अतिक्रमण को तेजी से हटाया जा रहा है। आसाम के गोलाघाट, होजाई, नगांव और धुबरी जिलों में बुलडोजर घुसपैठियों के अवैध घरों को गिरा रहे हैं। हजारों एकड़ जमीन खाली करवा ली गई है। इस शानदार एक्शन के बाद आप हेमंत विश्व शर्मा का ट्वीट पढ़िए। उन्होंने लिखा है कि मैंने कितनी बार बोला है कि असम की जमीन उसके लोगों के लिए है घुसपैठियों के लिए नहीं। लेकिन कुछ लोग मेरी बात शायद समझना ही नहीं चाहते।
उनके लिए पेश है जेसीबी मशीन। अतिक्रमण हटाने का गारंटेड फार्मूला। आपको बता दें कि पिछली सरकारों के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठियों ने असम के जंगलों में जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया था। जंगलों के बीच अपने अवैध घर बना लिए। यहां तक कि अवैध मस्जिदें भी बना दी गई। यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए तो खतरा था ही, लेकिन इसी के साथ-साथ एनवायरमेंट और प्रोटेक्टेड जंगलों के लिए भी बहुत बड़ा खतरा था। बांग्लादेशी घुसपैठियों की वजह से जंगल में रहने वाले जीव-जंतुओं को वहां से भागना पड़ा। घुसपैठियों ने कई जीव-जंतुओं को मारना शुरू कर दिया। पेड़ों और वनस्पतियों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। लेकिन अब जंगल जिसका था उसे वापस मिल रहा है। देखिए घुसपैठिए जब जंगल से भागे तो अपनी जमीन पर हाथी लौट आए। यह जमीन इन्हीं पशु-पक्षियों की है जिस पर बांग्लादेशी घुसपैठिए दशकों से कब्जा करके बैठे थे।
अब यह एक्शन देख क़तर का भारत विरोधी अल जजीरा न्यूज़ चैनल बुरी तरह से रो रहा है। अलजजीरा लिख रहा है कि धुबरी से 4000 मुस्लिमों को हटा दिया गया है। उनके घरों को तोड़ दिया गया है। यह गलत है। लेकिन अलजजीरा यह नहीं बताएगा कि यह सभी के सभी घुसपैठिए थे।
इनके घर अवैध तरीके से बने हुए थे। बांग्लादेशी घुसपैठिए यहां के मूल लोगों को भगाकर यहां खुद रह रहे थे। अलजजीरा को तमाचा हेमंत विश्व शर्मा ने मारा। हेमंत विश्व शर्मा ने अलजीरा से कहा कि अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है।
हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक कि अपनी जमीन का एक-एक इंच हिस्सा वापस हासिल ना कर लें। हेमंता के एक्शन से बांग्लादेश के कट्टरपंथी नेता भी रो रहे हैं। बांग्लादेश के कट्टरपंथी नेता भी घुसपैठियों की ऐसी हालत देखकर अब आंसू बहा रहे हैं।