दोस्तों मशहूर अभिनेत्री अरुणा ईरानी के पति कुकू कोहली का 77 साल की उम्र में हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया है। कुकू कोहली हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के उन निर्देशकों में गिने जाते हैं जिन्होंने 1990 के दशक में कई चर्चित और सफल फिल्मों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। उनका नाम खासतौर पर अजय देवगन, अक्षय कुमार, गोविंदा और धर्मेंद्र जैसे लोकप्रिय कलाकारों के साथ जुड़ा रहा है। कुकू कोहली ने अपने लंबे फिल्मी करियर में निर्देशन के साथ-साथ फिल्म निर्माण की बारीकियों को भी करीब से समझा। उनका सफर बॉलीवुड के उस दौर से जुड़ा रहा जब फिल्मों की सफलता को सिल्वर जुबली, गोल्डन जुबली और डायमंड जुबली जैसे पड़ावों से भी जोड़ा जाता था। लेकिन आज की हमारी इस वीडियो में हम आपको कुकू कोहली की दोनों पत्नी बच्चे और उनका पूरा जीवनी बताएंगे। तो वीडियो शुरू करने से पहले आपको याद दिला दें अगर आप हमारे चैनल पर नए हैं तो चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर लें। कुकू कोहली जिनका नाम अवतार कोहली था। उनका जन्म 4 जून 1949 को पेशावर में हुआ था। कुकू कोहली के करियर की शुरुआत संघर्ष और सीखने के दौर से हुई। अपने शुरुआती दिनों में उन्होंने महान अभिनेता और निर्देशक राज कपूर के साथ कई वर्षों तक काम किया। राज कपूर के साथ काम करना उनके लिए फिल्म निर्माण की दुनिया को करीब से समझने का महत्वपूर्ण अवसर था। इसी दौरान उन्होंने निर्देशन, कलाकारों के साथ काम करने, कैमरे की समझ और फिल्म के विभिन्न तकनीकी पहलुओं को गहराई से सीखा। लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हुए उन्होंने अपना अनुभव बढ़ाया और धीरे-धीरे निर्देशन की ओर कदम बढ़ाया।
कुकू कोहली फिल्म इंडस्ट्री में तीन दशक से अधिक समय तक सक्रिय रहे। उनके करियर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव फिल्म बेताब से जुड़ा रहा। इस फिल्म में सनी देओल और अमृता सिंह मुख्य भूमिकाओं में थे और इसी फिल्म से दोनों कलाकारों ने हिंदी सिनेमा में अपनी शुरुआत की। फिल्म की सफलता ने सनी देओल और अमृता सिंह को रातोंरात लोकप्रिय बना दिया। कुकू कोहली ने इस फिल्म में द्वितीय इकाई निर्देशक के रूप में काम किया था। इस अनुभव ने उनके निर्देशन करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके बाद कुकू कोहली अर्जुन जैसी चर्चित फिल्म से भी जुड़े। फिल्म में सनी देओल और डिंपल कपाड़िया प्रमुख भूमिकाओं में थे। यह फिल्म भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुई और सनी देओल की एक्शन अभिनेता के रूप में पहचान मजबूत हुई। इन फिल्मों के अनुभव के बाद कुकू कोहली ने बतौर निर्देशक अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। उनके निर्देशन करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में वर्ष 1991 में आई फूल और कांटे का नाम लिया जाता है। इस फिल्म में अजय देवगन ने मुख्य भूमिका निभाई थी और यह उनके करियर की पहली फिल्म थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और अजय देवगन को नए एक्शन स्टार के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अजय देवगन के मोटरसाइकिल पर दो अलग-अलग चलती बाइकों पर खड़े होकर किया गया प्रवेश। दृश्य आज भी हिंदी सिनेमा के यादगार दृश्यों में गिना जाता है। फूल और कांटे की सफलता ने कुकू कोहली को भी एक सफल निर्देशक के रूप में स्थापित किया।
इसके बाद उन्होंने कोहराम का निर्देशन किया जिसमें धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन जैसे बड़े कलाकार नजर आए। फिल्म में एक्शन और देशभक्ति का मिश्रण देखने को मिला। कुकू कोहली की फिल्मों में मनोरंजन के साथ-साथ एक्शन और मजबूत कहानी को विशेष महत्व दिया जाता था। वर्ष 1994 में उनकी निर्देशित फिल्म सुहाग रिलीज हुई। इसमें अजय देवगन, अक्षय कुमार, करिश्मा कपूर और नगमा जैसे कलाकारों ने अभिनय किया था। इस फिल्म में अजय देवगन और अक्षय कुमार की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। सुहाग ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और कुकू कोहली के सफल निर्देशकों में शामिल होने का सिलसिला जारी रहा। इसके बाद वर्ष 1995 में हकीकत आई जिसमें अजय देवगन और तब्बू मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म में एक्शन, रोमांस और भावनात्मक पहलुओं को शामिल किया गया था। हकीकत को फिल्म फेयर पुरस्कारों में कई श्रेणियों में नामांकन मिला था। कुकू कोहली को भी इस फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक की श्रेणी में नामांकन मिला। इसके अलावा उन्हें स्क्रीन अवार्ड्स में भी वर्ष के सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के लिए नामांकन प्राप्त हुआ। यह उनके निर्देशन करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक थी। 1990 के दशक के अंतिम वर्षों में कोकू कोहली ने फिल्मों का निर्देशन जारी रखा था। वर्ष 1999 में उनकी दो फिल्में अनाड़ी नंबर वन और जुल्मी रिलीज हुई। अनाड़ी नंबर वन में गोविंदा ने दोहरी भूमिका निभाई थी। फिल्म में कॉमेडी, रोमांस और मनोरंजन का भरपूर तड़का देखने को मिला। गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग और दोहरी भूमिका ने फिल्म को दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाया।
इसी वर्ष जुल्मी भी रिलीज हुई जिसमें अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना मुख्य भूमिकाओं में थे। यह फिल्म एक्शन और ड्रामा से भरपूर थी। कुकू कोहली ने इस फिल्म में भी अपने निर्देशन की शैली के अनुसार एक्शन और भावनात्मक दृश्यों को प्रमुखता दी। फिल्म को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। इसके बाद कुकू कोहली ने वर्ष 2002 में यह दिल आशिकाना का निर्देशन किया। फिल्म में नए कलाकारों को प्रमुख भूमिकाओं में लिया गया था और यह एक रोमांटिक कहानी थी। इस फिल्म की एक खास बात यह थी कि संगीतकार जोड़ी नदीम श्रवण ने इसके जरिए संगीत की दुनिया में वापसी की। फिल्म के गीतों ने युवाओं के बीच अपनी जगह बनाई और उस दौर में इसके संगीत की काफी चर्चा हुई। कुकू कोहली की बतौर निर्देशक आखिरी फिल्मों में वो तेरा नाम था शामिल है जो वर्ष 2004 में रिलीज हुई। इसमें अर्जुन बाजवा और कांची कॉल ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई। इस फिल्म के बाद कुकू कोहली ने निर्देशन में पहले की तरह सक्रियता नहीं दिखाई। लेकिन 1990 के दशक में उनके द्वारा दी गई सफल फिल्मों के कारण उनका नाम हिंदी सिनेमा के दर्शकों के बीच आज भी याद किया जाता है।
कुकू कोहली की प्रमुख निर्देशित फिल्में कुकू कोहली के निर्देशन में बनी प्रमुख फिल्मों में फूल और कांटे 1991 कोहराम 1991 सुहाग 1994 हकीकत 1995 अनाड़ी नंबर वन 1999 जुल्मी 1999 ये दिल आशिकाना 2002 और वो तेरा नाम था 2004 शामिल है। इन फिल्मों में अलग-अलग तरह की कहानियां देखने को मिली लेकिन एक्शन, मनोरंजन और लोकप्रिय सितारों की मौजूदगी उनकी फिल्मों की खास पहचान बनी। निजी जीवन, कुकू कोहली का निजी जीवन भी लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। उन्होंने वर्ष 1990 में अभिनेत्री अरुणा ईरानी से विवाह किया। अरुणा ईरानी हिंदी सिनेमा की जानीमानी अभिनेत्री हैं। जिन्होंने कई दशकों तक फिल्मों में अभिनय किया। कुकू कोहली और अरुणा ईरानी की शादी के बाद दोनों ने अपने निजी जीवन को काफी हद तक मीडिया की चकाचौंध से दूर रखा। दोनों की अपनी कोई संतान नहीं है। कुकू कोहली की यह दूसरी शादी है। उनकी पहली पत्नी रीता कोहली से उनकी दो बेटियां हैं। पूजा कोहली और करिश्मा कोहली। उनकी बेटियों ने भी फिल्म इंडस्ट्री से अपना संबंध बनाए रखा है। पूजा कोहली ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में काम किया है। जबकि करिश्मा कोहली ने निर्देशन और सहायक निर्देशन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। करिश्मा कोहली ने कई चर्चित प्रोजेक्ट्स में सहायक निर्देशक के तौर पर काम किया। उन्होंने कबीर खान की चर्चित फिल्मों एक था टाइगर और बजरंगी भाईजान में सहायक निर्देशक के रूप में काम किया। इसके अलावा वो Netflix की सीरीज द फेम गेम से भी जुड़ी रही। इस तरह कुकू कोहली की अगली पीढ़ी ने
भी मनोरंजन की दुनिया में अपनी जगह बनाने की कोशिश की। वर्ष 2025 में करिश्मा कोहली ने अभिनेता मिखाइल यावलकर से शादी की। इस तरह कुकू कोहली का परिवार लंबे समय से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ है। कुकू कोहली का फिल्मी सफर सिर्फ एक निर्देशक की कहानी नहीं है बल्कि उस दौर की कहानी भी है जब बॉलीवुड में नए कलाकारों को मौका देकर उन्हें स्टार बनाने में निर्देशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती थी। सनी देओल और अजय देवगन जैसे कलाकारों के शुरुआती करियर से उनका नाम जुड़ा रहा। खासतौर पर फूल और कांटे ने अजय देवगन को एक्शन स्टार के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कुकू कोहली ने अपने करियर में बहुत अधिक फिल्मों का निर्देशन नहीं किया। लेकिन उनकी कुछ फिल्में ऐसी रही जिन्हें हिंदी सिनेमा के दर्शक लंबे समय तक याद करते रहे। फूल और कांटे, सुहाग, हकीकत, जुल्मी और अनाड़ी नंबर वन जैसी फिल्मों ने उन्हें खास पहचान दिलाई। उनका काम उस दौर की मुख्यधारा की हिंदी फिल्मों की शैली को दर्शाता है जिसमें एक्शन, रोमांस, कॉमेडी, पारिवारिक भावनाएं और लोकप्रिय संगीत का विशेष महत्व था। आज भी जब 1990 के दशक के हिंदी सिनेमा और इस दौर के लोकप्रिय निर्देशकों की बात होती है तो कुकू कोहली का नाम सामने आता है। उन्होंने राज कपूर जैसे दिग्गज के साथ काम करके अपने करियर की बुनियाद मजबूत की और बाद में खुद निर्देशक के रूप में कई सफल कलाकारों के साथ काम किया। उनका योगदान खासतौर पर उन फिल्मों के लिए याद किया जाता है जिन्होंने सनी देओल और अजय देवगन जैसे कलाकारों के करियर के शुरुआती दौर मजबूत करें। इस तरह कुकू कोहली का फिल्मी सफर, संघर्ष, अनुभव, सफलता और पारिवारिक रिश्तों से जुड़ी एक लंबी कहानी है। निर्देशक के रूप में उनकी सक्रियता भले ही बाद के वर्षों में कम हो गई, लेकिन उनकी फिल्मों और उनसे जुड़े कलाकारों की लोकप्रियता ने उन्हें हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक यादगार स्थान दिलाया। तो दोस्तों इस महान हस्ती के लिए कमेंट में ओम शांति जरूर लिखें।