अनुराधा जी के बारे में जब मैं YouTube करता था कि लता जी ने आपको बढ़ने नहीं दिया गानों को लेकर विवाद रहे गुरु से कोई बराबरी नहीं करता बट आशा जी लता जी का मुझको हुई ना खबर तो मांगू साजन जिस बुलंदी पे था तो उस बुलंदी के सामने कहीं नजदीक तो आना चाहिए ना आपकी लता जी से मुलाकात कब हुई पहली बार गाने का मुझे बहुत शौक था और मैंने खुद खुद को ट्रेन किया लता जी की भगवत गीता पे। एवरी डे आई टू कम आई वाज टू स एंड तीन-तीन चार-चार बार मैं कंटिन्यूस भगवत गीता गाती थी जो उनकी रिकॉर्ड थी।
तो उस वजह से संस्कृत पे या शब्दों के या सुरों के ठहराव पे मुझे उससे बहुत हेल्प मिली। तो हम ये कह सकते हैं कि आप द्रोणाचार्य और एकलव हो गई द्रोणाचार्य इतना सब कुछ मैं नहीं बोलती हूं बट यस मैंने मैं उन्हें अपनी गुरु मानती हूं मैंने एकलव्य इसलिए कहा एकलव्य ने भी देखकर ही सीखा था दिमाग में रखकर सीखा था डायरेक्ट ट्रेनिंग नहीं मिली थी उनसे आपने भी कहा कि लता जी को मैंने सुना सुनकर उनसे सीख लिया मैंने अब अनुराधा जी के बारे में जब मैं YouTube करता हूं मतलब मैंने हर बार देखा कि आप लता जी को बहुत रिस्पेक्ट करती है हर पडकास्ट में आपने कहा कि मैं लता जी मेरी गुरु हैं।
उनसे मैंने सीखा। उनसे मैंने सुर बेहतर किए। तब जब लोग ये सब बाद में बातें करते हैं कि लता जी ने आपको बढ़ने नहीं दिया या आप गानों को लेकर विवाद रहे। इन विवादों को कैसे फिर आप देखती हैं? क्योंकि एक तरफ आपने उन्हें गुरु का स्थान दिया। देखिए पहली तो पहले तो मैं यह मानती हूं कि गुरु से कोई बराबरी नहीं करता। किसी भी फील्ड में गुरु से बराबरी नहीं की जाती है। गुरु को फॉलो किया जाता है। गुरु इस समबडी टू बी रिवर्ड। उनकी पूजा की जाती है। तो मैंने उनसे जो मुझे जितना मुझे मैं ले सकी उतना मैंने लेने की कोशिश की। सो शी इज ऑलवेज रिवर्ड। ओके? सेकंडली जिन लोगों को ऐसी कॉमन एक सोच होती है, कॉमन साइकी होती है लोगों की कि टू कंपेयर। फिर वो मतलब दे सत्सद विवेक बुद्धि वो नहीं यूज़ करते।
तो इट्स वेरी इजी फॉर देम टू से कि नहीं इन्होंने इनको बढ़ने नहीं दिया। ओके। अब ये आता है कि लता जी ने आपको बढ़ने नहीं दिया। शुरू में आपको बहुत रोक लिया था और बहुत सारे YouTube पे वीडियोस हैं जो उस पे 5-प मिलियन 6-छ मिलियन व्यूज हैं जिस पे यही बताया गया है कि अनुराधा जी लता जी बट बिकॉज़ बिकॉज़ वो सुनने में लगता है ना ज्यादा। है ना? और अगर वो करती भी उन्होंने नहीं किया।
लेकिन अगर वह करती भी तो मोर देन ह्यूमन नेचर नहीं मोर देन उनका आर्ट मतलब जिस बुलंदी का उनका आर्ट आशा जी लता जी का आर्ट जिस बुलंदी पे था तो उस बुलंदी के सामने कई लोग मतलब कहीं नजदीक तो आना चाहिए ना इजंट इट ट्रू तो मतलब उसमें कोई मैं इनको नहीं आने दूंगी उनको नहीं आने दूंगी अरे आर्ट के लेवल पे भी तो देखो ना तो दैट इज व्हाट आई फील इट्स इट्स इट्स वै फूलिश टू से आल्सो आपकी लता जी से मुलाकात कब हुई पहली बार? मेरी अ जिस वक्त मुझे जयदेव जी के यहां गाने के लिए बुलाया था तो मुझे नहीं उसके पहले मतलब मेरी शादी होने के पहले मुझे ऑल इंडिया रेडियो में गाने के लिए बुलाया था।
तो उसके पहले अरुण जी के एक रिकॉर्डिंग थी। लता जी ने एक गाना गाया था और उसकी अरेंजमेंट अरुण जी ने की थी। तो दैट इज अ फर्स्ट टाइम कि मैं गई थी लता जी का गाना सुनने के लिए और वो गाना मैंने फिर जैसे वो उन्होंने गाया गाना सुनते-सुनते मुझे याद हो गया था और वो कागज भी मैं लेके आई घर पे उसके बाद एक ऑल इंडिया किया आपने रिकॉर्ड किया फोन आने लगे कि हां क्योंकि अच्छा वो भी मैंने इसलिए रिकॉर्ड किया क्योंकि उसका कंडीशन था कि नॉन ऑन रिलीज सॉन्ग।
अब मैं मुझ जैसे नई सिंगर के लिए कौन मिस मिस कौन सा गाना दे और यह गाना तो मैंने सुना था और मुझे याद हो गया था तो मैंने कहा कि इसे गा देती हूं। आई डिडंट रियलाइज यू नो कि इसका इतना इंपैक्ट होगा और वो ऐसे जगह पे बजा जब कि उसके बाद 5 मिनट के बाद आपली आवड नाम का एक बहुत पॉपुलर प्रोग्राम मतलब जैसे बिना का गीतमाला होता है। हम तो उस टाइप का प्रोग्राम होता था। तो जितने मराठी मिस राइटर्स थे वो 510 मिनट पहले से ही लगा के रखते थे। एक भी गाना छूटे ना। तो लास्ट गाना जो है वो उन्होंने मेरा लगाया और फिर कोइंसिडेंटली ऑल थ्री फोर मिस डायरेक्टर्स उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो में फोन किया कि बोले कि यह किसने गाया? हृदयनाथ जी ने तो बोला कि दीदी का गाना आपने कैसे रिलीज किया? तो उन्होंने कहा दीदी का गाना तो नहीं रिलीज किया। तो बोले अभी-अभी तो मैंने सुना तो बोले वो दीदी का नहीं था। फिर किसने गाया?
अपना अरुण है ना उसकी बीवी ने गाया। सो ऑल थ्री फोर पीपल हर्ड दैट पर्टिकुलर सॉन्ग दैट्स व्हाट आई कॉल्ड डेस्टिनी। तो फिर बाय दैट टाइम आई वाज़ मैरिड। तो फिर मेरे पास फोन आया और पूछा मुझे लक्ष्मी जी का फोन आया कितुम गाना एकला वी वुड लाइक टू लॉन्च यू। तो मैंने कहा नहीं लक्ष्मी जी मैंने ऐसे मजाकमजाक में गा दिया था आई एम नॉट सीरियस अबाउट मुझे फिल्म इंडस्ट्री का कोई शौक नहीं है और मैंने ऐसे मजाक में गा दिया था वो तो बच्चों का प्रोग्राम था ना तो उसमें गा दिया तो ही मस्ट आल्सो बी वर्थिंग थोड़े से अचंभा हुआ होगा तो देन ही सेड कि कोई बात नहीं व्हनेवर यू वांट टू सिंग इन फिल्म्स वी वुड लाइक टू लॉन्च यू एंड देन हैपेंड हीरो तू मेरा नहीं नहीं दैट वास ऑलमोस्ट 12 इयर्स बैक बाद उसके बाद फिर क्या हुआ इमीडिएटली लाइक विद इन अ वीक और सो अभिमान फिल्म बन रही थी तो उसका बैकग्राउंड चल रहा था तो उसमें एक श्लोक था जहां पे अमिताभ जी उनका गाना सुनते हैं.
जय जी का इन अ शिव मंदिर हां और फिर वो उनके पीछे जाते कुछ स्टोरी में था तो बर बरवंदा को गाना एक चाहिए था मतलब स्तुति शिव स्तुति चाहिए थी बट ही डिडट नो संस्कृत तो उन्होंने कहा अरुण जरा अपनी मदर से श्लोक लेके आना उसको थोड़ा सा ट्यून कर देना दैट वास सपोज टू बी संग बाय लता जी और मैं उनकी खाने की तैयारी कर रही थी डब्बा लेके जाना खाना खा के जाते थे तो मैं लिटरली रोटी बेलते बेलते अरुण जी ने कहा कि अनु जरा इधर आओ मुझे जरा यह रिकॉर्ड करके बताओ मैंने अभी ट्यून किया है कि इससे रिकॉर्ड करना है लता जी गाने वाली तो मैंने उसे ऐसे ही गा दिया मतलब वो लेके गए और कह कहा कि दादा मैंने उसे ट्यून किया है आप सुन लीजिए तो जैसे उन्होंने सुना तो उन्होंने बोले ये अच्छा ये किसने गाया है? तो उन्होंने कहा अनु ने गाया है।
तो अनु गाती है। तुमने बताया नहीं बिकॉज़ वी वर मैरिड फॉर 2 इयर्स। तुमने कभी बताया ही नहीं कि यह गाती है। नहीं नहीं ऐसे घर में गा लेती हैं प्रोफेशनली तो बोले नहीं नहीं अच्छा है तो इस इतने छोटे श्लोक के लिए लता जी को क्यों तकलीफ देना इसी से करते हैं तो फ्रॉम द किचन आई वास एट द स्टूडियो जैसे पता चला लोगों इट वाज़ अ वेरी स्मॉल दुनिया उस वक्त थी ना जैसे लोगों को पता चला कि अरे अरुण की बीवी गा रही है तो नेक्स्ट डे ही जयदेव जी ने बुलाया थर्ड डे फिर लक्ष्मी जी ने बुलाया फिर कल्याण जी भाई ने दैट्स दैट्स हाउ इट जस्ट स्टार्टेड तो आपने बाद में अरुण जी से कहा नहीं घर की मुर्गी दाल बराबर मैं दो साल से रोटियां बना सबको आवाजें अच्छी लग रही थी मेरी आप लाइक किचन में ही तुम नहीं नहीं नहीं अरुण जी ही वास वै स्ट्रिक्ट क्योंकि वो बजाते भी थे लता जी आशा जी के साथ सुमंत ताई के साथ तो ही वास वेरी पर्टिकुलर कि नहीं अगर तुमने गाना सीखा नहीं है तो मैं तुम्हें खड़ा भी नहीं कर सकता बट ही वास सच अ प्रोफेशनलिस्ट तो ही वास वेरी स्ट्रिक्ट अबाउट दैट पर डेस्टिनी कहते हैं ना तो अगर प्लान क्या मतलब मना करने को भी नहीं टाइम मिला ऐसे लिटरली दो तीन सेकंड डे थर्ड डे फोर्थ डे ऐसे आपकी लाइफ लता जी के बहुत आसपास रहती रही है हमेशा अरुण जैसे गाने अरेंज कर रहे थे आपने बताया ये श्लोक लता जी का था इनफैक्ट आई हैव हर्ड तू मेरा जानू भी शायद पहले लता जी का था बाद में दैट वास वो 12 साल के बाद इतना अच्छा लगा कि आ गया नहीं नहीं अनुराधा जी की आवाज में रख लो जी जी जी ये सच्चा किस्सा है ये? जी जी बहुत खूबसूरत गाना वो है। जी जी इट वास अ वै नाइस सॉन्ग वै नाइस सॉन्ग।
आपको कब लगा कि सिंगिंग की दुनिया में आप स्टार बन गए? स्टार वाला फीलिंग मतलब कि अब एवरीबडी नाउ लाइक कमिंग टू मी कि तुम बहुत अच्छी हो अब तुम। अब तुमसे गवाना हमें। ऐसे तो नहीं कह सकती हूं मैं। वो वो वाली भावना मेरे अंदर थी नहीं। बिकॉज़ अरुण जी हमेशा कहते थे तुम्हें कॉन्फिडेंस नहीं तो छोड़ दो। [हंसी] लिटरली मतलब बाय दैट टाइम आई हैव स्टार्टेड विनिंग अवार्ड्स वगैरह भी तोये वाली भावना कभी ऐसे नहीं थी और आजकल जितना मैं सच बताऊं कि जितना शोष आजकल होता है ना वैसा उस वक्त नहीं था.
इट वास वेरी वेरी अ वेरी लो प्रोफाइल थिंग सिंगिंग वगैरह जो अपना गाना सीख लिया गए स्टूडियो गाया और आए उसके यू नो इर्द-गिर्द शोष नहीं था यह शोष कब हुआ जब हमारे गाने हमारे ऊपर फिल्म गए और फिर लोगों को पता चला कि यह सिंगर्स हैं। तब तक तो लोगों को पता ही नहीं था। मैं तो पढ़ रहा था कहीं पे कि अनुराधा पडवाल जी उन गिनीचुनी सिंगर्स में से हैं जिनकी तस्वीर हीरो से ज्यादा कैसेट में छप कर आती थी और लोग पसंद करते रहे।
और यह मैंने खुद देखा भी है। हर कैसेट में आपकी तस्वीर मेरे घर में अभी भी इतनी सारी कैसेटें पड़ी होंगी। हां, दैट इज बिकॉज़ थैंक्स टू गुलशन जी